Bihar MLC Election Result : औपचारिकताएं होती रहेंगी, फिलहाल यह पक्का हो गया है। विधान परिषद् चुनाव की आठ में से चार सीटें एनडीए ने जीत ली हैं। दो सीटों पर निर्दलीय कामयाब रहे। जन सुराज और राष्ट्रीय जनता दल को एक-एक सीटें मिली हैं।
बिहार विधान परिषद् की स्नातक की चार और शिक्षक की चार सीटों पर चुनाव हुआ था। कुल आठ में से चार सीटें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के खाते में आई हैं। एक सीट पर निर्णायक जीत करीब है और एक सीट पर परिणाम घोषित किए जाने की औपचारिकता ही शेष है। एनडीए नेताओं ने अपनी चार सीटों पर जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय दलों में कांग्रेस न महागठबंधन के खाते से मिली सीट जीत सकी और न राष्ट्रीय जनता दल के सामने प्रत्याशी उतारकर ही कुछ दिखा सकी। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और निवर्तमान विधान परिषद् सदस्य डॉ. मदन मोहन झा अपनी सीट गंवा बैठे।
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सबसे हॉट, पटना स्नातक सीट पर जनता दल यूनाईटेड के प्रवक्ता नीरज कुमार ने जीत हासिल कर ली है। इन्हीं के खिलाफ जदयू विधायक अनंत सिंह जन सुराज प्रत्याशी का प्रचार कर रहे थे। जीत के बाद नीरज कुमार जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने भी पहुंचे।
दरभंगा स्नातक सीट से भारतीय जनता पार्टी के सर्वेश कुमार निर्णायक मार्जिन ले चुके हैं और जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा तक विजेताओं के पोस्टर में उनकी तस्वीर शामिल कर चुके हैं। कोसी स्नातक सीट से भाजपाई डॉ. एन. के. यादव ने जीत हासिल की है। सिर्फ एक शिक्षक सीट- तिरहुत से भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह ने जीत हासिल की है। इधर, तिरहुत स्नातक सीट से जदयू को फिर करारी हार मिली है। निर्दलीय वंशीधर बृजवासी ने फिर से मैदान जीत लिया है। जीत के एलान की औपचारिकता बाकी है। जन सुराज के सुरेश राय ने दरभंगा शिक्षक सीट पहले ही जीत ली थी। आज सुबह पटना शिक्षक सीट राष्ट्रीय जनता दल के डॉ. संजीव कुमार सिंह के खाते में आ गई थी। सारण शिक्षक सीट से निर्दलीय डॉ. राहुल राज ने जीत हासिल की।
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पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा ने मौजूदा विधान पार्षद नवल किशोर यादव को भाजपा ने उतारा था, लेकिन पूर्व विधायक और जदयू से बागी होकर राजद में आए डॉ. संजीव कुमार ने दशकों पुरानी यह सीट भगवा टीम से छीन ली। कांग्रेस के संजय यादव मैदान में उतारे गए थे, लेकिन वह महागठबंधन की पहचान नहीं हासिल कर सके। राजद को ही वोट गया। जन सुराज की ओर से दिव्या ज्योति प्रत्याशी थीं, लेकिन बहुत बुरी स्थिति में रहीं।