भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस की रामलीला मैदान में होने वाली रैली पर निशाना साधा है। जेपी नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी लोकतंत्र के नाम पर देश को अराजकता में धकेलना चाहते हैं।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की रैली पर तीखा हमला बोला है। नड्डा ने आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतंत्र के नाम पर देश में अराजकता फैलाना चाहता है। उन्होंने कहा, 'रामलीला मैदान में आज जो कुछ हो रहा है, वह लोकतंत्र के प्रति सम्मान नहीं है, बल्कि लोकतंत्र के नाम पर देश को अराजकता में धकेलने की सोची-समझी साजिश है। यह उन लोगों का एक बेवकूफी भरा और सुनियोजित नाटक है, जिन्हें जनता चुनावों में हरा चुकी है और बार-बार खारिज कर चुकी है। जनता इस सच्चाई को अच्छी तरह समझती है।'
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जेपी नड्डा ने क्या बताया राहुल गांधी की राजनीति का मॉडल?
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को संबोधित करते हुए कहा, 'राहुल गांधी, मैं आज देश को बताना चाहता हूं कि आपकी राजनीति का मॉडल क्या है। इसका पहला चरण झूठ और अफवाहें फैलाना है। दूसरा चरण सड़कों पर अराजकता और अव्यवस्था पैदा करने के लिए लोगों को उकसाना है। तीसरा चरण देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाना है और चौथा चरण विदेशी ताकतों के इशारे पर चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की कोशिश करना है।'
'राहुल गांधी के 1 नवंबर के इस नाटक के चार मकसद हैं। पहला, हमारे सिख भाइयों के जख्मों पर नमक छिड़कना। दूसरा, दिल्ली में दंगे और अराजकता फैलाकर लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को गिराने की कोशिश करना। तीसरा, त्योहारी सीजन में दिल्ली के दुकानदारों और व्यापारियों की कमाई छीनना और चौथा, देश की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुंचाना।'
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'राहुल गांधी का मकसद छोटे कारोबारियों की रोजी-रोटी पर चोट पहुंचाना'
विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की महारैली पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, 'राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी का मकसद इस त्योहारी सीजन में दिल्ली को ठप करना, छोटे दुकानदारों और कारोबारियों की रोजी-रोटी पर चोट पहुंचाना और देश में अशांति व अराजकता का माहौल पैदा करना है। हम इस समय त्योहारों के सीजन से गुजर रहे हैं। धनतेरस, दिवाली और छठ पूजा जैसे त्योहार आने वाले हैं। पूरे साल हमारे छोटे व्यापारी, रेहड़ी-पटरी वाले और दुकानदार इस समय का इंतजार करते हैं। उन्हें उम्मीद रहती है कि इस दौरान इतनी कमाई हो जाएगी कि वे अपने परिवार का खर्च चला सकें और बच्चों की जरूरतें पूरी कर सकें। लेकिन राहुल गांधी को इस बात की कोई चिंता नहीं है कि इन कारोबारियों के घरों का चूल्हा जल पाएगा या नहीं। उन्हें सिर्फ अपनी तरह की राजनीति को आगे बढ़ाने में दिलचस्पी है।'
नड्डा ने कहा, 'चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने राहुल गांधी, सोनिया गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी से बार-बार संपर्क किया। आज भी उनसे संपर्क किया गया। संगठन ने एक-दो बार नहीं, बल्कि तीन बार उनसे अपील की कि भगवान के लिए, त्योहारी सीजन में इतनी बड़ी भीड़ लेकर दिल्ली मत आइए और हमारे कारोबार को ठप मत कीजिए। लेकिन राहुल गांधी की जिद के कारण आज कारोबारियों का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है।'
'राहुल गांधी विदेश जाकर भारत का अपमान करते हैं'
भाजपा नेता ने कहा, 'राहुल गांधी, आप विदेश जाकर भारत का अपमान करते हैं और वापस आकर देश के लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था पर हमला करते हैं। क्या यही आपका एजेंडा है? आपका मकसद देश का विकास करना नहीं, बल्कि तबाही फैलाना है। मैं राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को साफ शब्दों में चेतावनी देना चाहता हूं कि अब देश की जनता आपके झांसे में नहीं आने वाली है। अराजकता फैलाने की आपकी पूरी टूलकिट बेनकाब हो चुकी है। राहुल गांधी, ध्यान से सुन लीजिए, आप 1 नवंबर के काले इतिहास को छिपा नहीं सकते। दिल्ली के कारोबारियों की आंखों में आए आंसुओं की जवाबदेही से भी नहीं बच सकते।
'भारत एक मजबूत लोकतंत्र है। यहां दंगों और हिंसा की राजनीति से नहीं, बल्कि संविधान और जनता के जनादेश से देश चलेगा। आपकी यह रैली कांग्रेस पार्टी के राजनीतिक पतन के ताबूत में आखिरी कील साबित होगी।'