उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव हैं। चुनाव से पहले सियासी दल अपने-अपने समीकरण दुरुस्त करने में लगे हैं। इस हफ्ते अखिलेश यादव और आजम खां की मुलाकात को भी इसी नजरिए से देखा गया। सपा प्रमुख रामपुर जेल में बंद आजम से मिलने जेल पहुंचे। उनके परिवार से भी घर जाकर मुलाकात की। इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में इसी पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, पूर्णिमा त्रिपाठी और राकेश शुक्ल मौजूद रहे।
विनोद अग्निहोत्री: सतर्कता को आप डरना नहीं कह सकते हैं। मुझे लगता है कि अखिलेश का आजम खां से मिलना सतर्कता वाला कदम है। उत्तर प्रदेश में ये प्रयोग पहले भी हो चुका है। लेकिन उत्तर प्रदेश का मुसलमान उस पार्टी के साथ जाता है जो जीतती हुई दिखती है। अखिलेश यादव इस बार कोई चांस नहीं लेना चाहते हैं, इसीलिए वो आजम खां से मिलने गए। सवाल ये है कि ओवैसी अगर चंद्रशेखर से गठबंधन करते हैं तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा को मुश्किल हो सकती है।