{"_id":"6ae60c6d5524b94f4b0eae16","slug":"lawyer-deepak-khatri-bail-plea-rejected-delhi-ncr-news-c-340-1-del1004-161600-2026-10-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: यूएपीए मामले में वकील दीपक खत्री की जमानत याचिका खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: यूएपीए मामले में वकील दीपक खत्री की जमानत याचिका खारिज
विज्ञापन
- गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताकर मांगी थी राहत, अदालत ने कहा- सभी कानूनी प्रक्रियाओं का हुआ पालन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने कथित अवैध हथियार सिंडिकेट और अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी से जुड़े यूएपीए मामले में वकील दीपक खत्री की जमानत याचिका खारिज कर दी है। विशेष न्यायाधीश किरण बंसल ने शनिवार को यह फैसला सुनाया। दीपक नंदा उर्फ दीपक खत्री ने अपनी गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए जमानत मांगी थी। हालांकि, अदालत ने उसकी दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि गिरफ्तारी के दौरान सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था।
आरोपी ने अदालत में दलील दी थी कि गिरफ्तारी के समय उसे इसके कारण और आधार नहीं बताए गए। साथ ही उसे गलत तरीके से रिमांड पर भेजा गया। उसने संविधान के अनुच्छेद 21 और 22 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के प्रावधानों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया था।
गिरफ्तारी के कारण लिखित में बताए गए :
अदालत ने कहा कि आरोपी को लिखित पुष्टि लेने के बाद गिरफ्तारी के कारण और आधार बताए गए थे। कोर्ट के मुताबिक, आरोपी को 25 अगस्त को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था और 24 घंटे के भीतर रिमांड कोर्ट में पेश कर दिया गया। 26 अगस्त को दोपहर 1:32 बजे से पहले ही उसे लिखित रूप में गिरफ्तारी के कारण बता दिए गए थे। इसलिए गिरफ्तारी को अवैध नहीं माना जा सकता।
विज्ञापन
अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी स्वयं वकील है और उसकी पत्नी भी अधिवक्ता हैं। ऐसे में दोनों को कानूनी प्रक्रिया की जानकारी है।
दूसरी जमानत याचिका भी खारिज : यह दीपक खत्री की दूसरी जमानत याचिका थी। इससे पहले 14 अक्टूबर को उसने पहली याचिका वापस ले ली थी। उस समय अदालत ने नई याचिका दाखिल करने की छूट दी थी। हालांकि, दूसरी याचिका में भी जमानत देने का कोई ठोस आधार नहीं मिला।
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आरोपी को यूएपीए और आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। मामला कथित तौर पर अवैध हथियारों की बरामदगी और अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़ा है। आरोपी को 25 अगस्त को एयरपोर्ट पर लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) के आधार पर हिरासत में लिया गया था। वह खुद को लॉरेंस बिश्नोई की कानूनी टीम का सदस्य भी बताता है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने कथित अवैध हथियार सिंडिकेट और अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी से जुड़े यूएपीए मामले में वकील दीपक खत्री की जमानत याचिका खारिज कर दी है। विशेष न्यायाधीश किरण बंसल ने शनिवार को यह फैसला सुनाया। दीपक नंदा उर्फ दीपक खत्री ने अपनी गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए जमानत मांगी थी। हालांकि, अदालत ने उसकी दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि गिरफ्तारी के दौरान सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था।
आरोपी ने अदालत में दलील दी थी कि गिरफ्तारी के समय उसे इसके कारण और आधार नहीं बताए गए। साथ ही उसे गलत तरीके से रिमांड पर भेजा गया। उसने संविधान के अनुच्छेद 21 और 22 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के प्रावधानों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया था।
विज्ञापन
गिरफ्तारी के कारण लिखित में बताए गए :
अदालत ने कहा कि आरोपी को लिखित पुष्टि लेने के बाद गिरफ्तारी के कारण और आधार बताए गए थे। कोर्ट के मुताबिक, आरोपी को 25 अगस्त को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था और 24 घंटे के भीतर रिमांड कोर्ट में पेश कर दिया गया। 26 अगस्त को दोपहर 1:32 बजे से पहले ही उसे लिखित रूप में गिरफ्तारी के कारण बता दिए गए थे। इसलिए गिरफ्तारी को अवैध नहीं माना जा सकता।
विज्ञापन
अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी स्वयं वकील है और उसकी पत्नी भी अधिवक्ता हैं। ऐसे में दोनों को कानूनी प्रक्रिया की जानकारी है।
दूसरी जमानत याचिका भी खारिज : यह दीपक खत्री की दूसरी जमानत याचिका थी। इससे पहले 14 अक्टूबर को उसने पहली याचिका वापस ले ली थी। उस समय अदालत ने नई याचिका दाखिल करने की छूट दी थी। हालांकि, दूसरी याचिका में भी जमानत देने का कोई ठोस आधार नहीं मिला।
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आरोपी को यूएपीए और आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। मामला कथित तौर पर अवैध हथियारों की बरामदगी और अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़ा है। आरोपी को 25 अगस्त को एयरपोर्ट पर लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) के आधार पर हिरासत में लिया गया था। वह खुद को लॉरेंस बिश्नोई की कानूनी टीम का सदस्य भी बताता है।