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Delhi NCR News: एक दिन की राहत के बाद फिर बढ़ा प्रदूषण, एक्यूआई 117 पर पहुंचा
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जहांगीरपुरी में सबसे अधिक 243 और पंजाबी बाग में 212 दर्ज हुआ एक्यूआई, अगले छह दिन खराब से बहुत खराब हवा रहने का अनुमान
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी में साफ हवा की राहत ज्यादा दिन तक कायम नहीं रह सकी। शुक्रवार को संतोषजनक श्रेणी में पहुंचा वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) शनिवार को फिर मध्यम श्रेणी में आ गया। शुक्रवार को दिल्ली का एक्यूआई 60 दर्ज किया गया था, जो शनिवार को बढ़कर 117 पहुंच गया। इस तरह महज 24 घंटे में एक्यूआई में 57 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई।
शुक्रवार का एक्यूआई पिछले चार वर्षों में अक्तूबर महीने का सबसे कम स्तर था। इससे पहले 10 अक्तूबर 2022 को एक्यूआई 44 दर्ज किया गया था। हालांकि, अगले ही दिन प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को दिल्ली के 58 निगरानी केंद्रों में से 24 पर हवा संतोषजनक, 32 पर मध्यम और दो केंद्रों पर खराब श्रेणी में रही।
राजधानी में सबसे अधिक प्रदूषण जहांगीरपुरी में दर्ज किया गया। यहां एक्यूआई 243 रहा, जबकि पंजाबी बाग में 212 दर्ज किया गया। इन दोनों इलाकों में हवा खराब श्रेणी में पहुंच गई। इससे स्पष्ट है कि दिल्ली का औसत एक्यूआई मध्यम श्रेणी में होने के बावजूद कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी अधिक रहा।
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परिवहन क्षेत्र प्रदूषण का सबसे बड़ा स्थानीय स्रोत
निर्णय सहायता प्रणाली (डीएसएस) के आकलन के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली के प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र की हिस्सेदारी सबसे अधिक 16.3 फीसदी रही। इसके अलावा आवासीय स्रोतों का योगदान 4.1 फीसदी, बाहरी क्षेत्रों के उद्योगों का 2.9 फीसदी, निर्माण गतिविधियों का 2.1 फीसदी और ऊर्जा क्षेत्र का 1.4 फीसदी आंका गया। अन्य स्रोतों की हिस्सेदारी एक फीसदी रही। वहीं, पराली जलाने से दिल्ली के प्रदूषण में 19.1 फीसदी योगदान का अनुमान लगाया गया। अन्य स्रोतों की हिस्सेदारी 18.3 फीसदी रही। एनसीआर के जिलों में गुरुग्राम का योगदान 6.5 फीसदी, झज्जर का पांच फीसदी, फरीदाबाद का 4.3 फीसदी और गौतमबुद्ध नगर का 3.7 फीसदी दर्ज किया गया।
अगले छह दिन भी राहत के आसार नहीं
वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के पूर्वानुमान के अनुसार, रविवार को दिल्ली की हवा मध्यम श्रेणी में रहने की संभावना है। हालांकि, इस दौरान एक्यूआई मध्यम से खराब श्रेणी के बीच भी रह सकता है। इसके बाद अगले छह दिनों तक राजधानी की हवा खराब से बहुत खराब श्रेणी में रहने का अनुमान है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना कम है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी में साफ हवा की राहत ज्यादा दिन तक कायम नहीं रह सकी। शुक्रवार को संतोषजनक श्रेणी में पहुंचा वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) शनिवार को फिर मध्यम श्रेणी में आ गया। शुक्रवार को दिल्ली का एक्यूआई 60 दर्ज किया गया था, जो शनिवार को बढ़कर 117 पहुंच गया। इस तरह महज 24 घंटे में एक्यूआई में 57 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई।
शुक्रवार का एक्यूआई पिछले चार वर्षों में अक्तूबर महीने का सबसे कम स्तर था। इससे पहले 10 अक्तूबर 2022 को एक्यूआई 44 दर्ज किया गया था। हालांकि, अगले ही दिन प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को दिल्ली के 58 निगरानी केंद्रों में से 24 पर हवा संतोषजनक, 32 पर मध्यम और दो केंद्रों पर खराब श्रेणी में रही।
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राजधानी में सबसे अधिक प्रदूषण जहांगीरपुरी में दर्ज किया गया। यहां एक्यूआई 243 रहा, जबकि पंजाबी बाग में 212 दर्ज किया गया। इन दोनों इलाकों में हवा खराब श्रेणी में पहुंच गई। इससे स्पष्ट है कि दिल्ली का औसत एक्यूआई मध्यम श्रेणी में होने के बावजूद कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी अधिक रहा।
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परिवहन क्षेत्र प्रदूषण का सबसे बड़ा स्थानीय स्रोत
निर्णय सहायता प्रणाली (डीएसएस) के आकलन के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली के प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र की हिस्सेदारी सबसे अधिक 16.3 फीसदी रही। इसके अलावा आवासीय स्रोतों का योगदान 4.1 फीसदी, बाहरी क्षेत्रों के उद्योगों का 2.9 फीसदी, निर्माण गतिविधियों का 2.1 फीसदी और ऊर्जा क्षेत्र का 1.4 फीसदी आंका गया। अन्य स्रोतों की हिस्सेदारी एक फीसदी रही। वहीं, पराली जलाने से दिल्ली के प्रदूषण में 19.1 फीसदी योगदान का अनुमान लगाया गया। अन्य स्रोतों की हिस्सेदारी 18.3 फीसदी रही। एनसीआर के जिलों में गुरुग्राम का योगदान 6.5 फीसदी, झज्जर का पांच फीसदी, फरीदाबाद का 4.3 फीसदी और गौतमबुद्ध नगर का 3.7 फीसदी दर्ज किया गया।
अगले छह दिन भी राहत के आसार नहीं
वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के पूर्वानुमान के अनुसार, रविवार को दिल्ली की हवा मध्यम श्रेणी में रहने की संभावना है। हालांकि, इस दौरान एक्यूआई मध्यम से खराब श्रेणी के बीच भी रह सकता है। इसके बाद अगले छह दिनों तक राजधानी की हवा खराब से बहुत खराब श्रेणी में रहने का अनुमान है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना कम है।