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रेलवे: दिवाली-छठ में ट्रेन से सफर करने वालों के लिए जरूरी खबर, खाना खरीदते वक्त इन बातों का रखें खास ध्यान
Sat, 31 Oct 2026 08:17 PM IST
पवन पांडेय
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Sat, 31 Oct 2026 08:17 PM IST
सार
आईआरसीटीसी ने पेंट्री कार के हर सर्विस स्टाफ के पास सक्रिय डिजिटल पेमेंट लैपल कार्ड रखने का निर्देश दिया है। इससे यात्री नकद के बजाय डिजिटल भुगतान कर सकेंगे।
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train indian railways train colour
- फोटो : AI Generated
विस्तार
दिवाली और छठ पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने से पहले रेलवे ने खानपान सेवाओं को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। रेल मंत्रालय की कंपनी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) के नॉर्थ जोन ने सभी पेंट्री ठेकेदारों को चेतावनी दी है। इसमें तय कीमत से ज्यादा वसूली, बिल नहीं देने और डिजिटल पेमेंट स्वीकार नहीं करने की शिकायतों पर नाराजगी जताई गई है।
जानकारी के अनुसार, नॉर्थ जोन कार्यालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद पेंट्री स्टाफ के खिलाफ शिकायत बढ़ रही हैं। यात्रियों की सबसे ज्यादा शिकायत ओवरचार्जिंग की है। कर्मचारी खाने-पीने के सामान की तय कीमत से ज्यादा पैसे लेते हैं। बिल मांगने पर भी यात्रियों को नहीं दिया जाता। डिजिटल भुगतान से इनकार करने की शिकायत भी सामने आई हैं। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, चलती ट्रेनों में पेंट्री कार और स्टेशन स्टॉल संचालकों के खिलाफ बिल नहीं देने की शिकायत आम हैं। ज्यादातर यात्री बिल नहीं मांगते, लेकिन मांगने पर भी कई बार उन्हें नहीं मिलता। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने बिल लेने को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाया है। मंत्रालय के मुताबिक, बिल लेने से जीएसटी चोरी की आशंका कम होती है। रेलवे बोर्ड के सीईओ सतीश कुमार भी पेंट्री ठेकेदारों से यात्रियों को बिल देने की अपील कर चुके हैं।
हर कर्मचारी के पास डिजिटल पेमेंट कार्ड जरूरी
आईआरसीटीसी ने पेंट्री कार के हर सर्विस स्टाफ के पास सक्रिय डिजिटल पेमेंट लैपल कार्ड रखने का निर्देश दिया है। इससे यात्री नकद के बजाय डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। रकम सीधे कंपनी के खाते में जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, इससे जीएसटी चोरी पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी।
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वर्दी और पहचान पत्र पर भी सख्ती
आईआरसीटीसी ने तय वर्दी और पहचान पत्र के बिना काम करने पर भी नाराजगी जताई है। पत्र में कहा गया है कि कई कर्मचारी निर्धारित यूनिफॉर्म, क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र और डिजिटल पेमेंट कार्ड के बिना काम कर रहे हैं। इससे ट्रेनों में अनधिकृत गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। सभी ठेकेदारों को स्टाफ के लिए साफ-सुथरी वर्दी अनिवार्य करने को कहा गया है। कर्मचारियों को जूते पहनने होंगे, हवाई चप्पल में काम नहीं कर सकेंगे। हर कर्मचारी के गले में आधिकारिक क्यूआर कोड वाला पहचान पत्र होना जरूरी है। यात्रियों को सामान परोसते समय इन निर्देशों का पालन करना होगा।
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जानकारी के अनुसार, नॉर्थ जोन कार्यालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद पेंट्री स्टाफ के खिलाफ शिकायत बढ़ रही हैं। यात्रियों की सबसे ज्यादा शिकायत ओवरचार्जिंग की है। कर्मचारी खाने-पीने के सामान की तय कीमत से ज्यादा पैसे लेते हैं। बिल मांगने पर भी यात्रियों को नहीं दिया जाता। डिजिटल भुगतान से इनकार करने की शिकायत भी सामने आई हैं। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, चलती ट्रेनों में पेंट्री कार और स्टेशन स्टॉल संचालकों के खिलाफ बिल नहीं देने की शिकायत आम हैं। ज्यादातर यात्री बिल नहीं मांगते, लेकिन मांगने पर भी कई बार उन्हें नहीं मिलता। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने बिल लेने को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाया है। मंत्रालय के मुताबिक, बिल लेने से जीएसटी चोरी की आशंका कम होती है। रेलवे बोर्ड के सीईओ सतीश कुमार भी पेंट्री ठेकेदारों से यात्रियों को बिल देने की अपील कर चुके हैं।
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हर कर्मचारी के पास डिजिटल पेमेंट कार्ड जरूरी
आईआरसीटीसी ने पेंट्री कार के हर सर्विस स्टाफ के पास सक्रिय डिजिटल पेमेंट लैपल कार्ड रखने का निर्देश दिया है। इससे यात्री नकद के बजाय डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। रकम सीधे कंपनी के खाते में जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, इससे जीएसटी चोरी पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी।
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वर्दी और पहचान पत्र पर भी सख्ती
आईआरसीटीसी ने तय वर्दी और पहचान पत्र के बिना काम करने पर भी नाराजगी जताई है। पत्र में कहा गया है कि कई कर्मचारी निर्धारित यूनिफॉर्म, क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र और डिजिटल पेमेंट कार्ड के बिना काम कर रहे हैं। इससे ट्रेनों में अनधिकृत गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। सभी ठेकेदारों को स्टाफ के लिए साफ-सुथरी वर्दी अनिवार्य करने को कहा गया है। कर्मचारियों को जूते पहनने होंगे, हवाई चप्पल में काम नहीं कर सकेंगे। हर कर्मचारी के गले में आधिकारिक क्यूआर कोड वाला पहचान पत्र होना जरूरी है। यात्रियों को सामान परोसते समय इन निर्देशों का पालन करना होगा।