सियासत: राहुल गांधी पर प्रह्लाद जोशी ने साधा निशाना, बोले- वो भारत में बांग्लादेश जैसा सत्ता परिवर्तन चाह रहे
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी पर भारत में बांग्लादेश जैसा सत्ता परिवर्तन चाहने और विदेशी हस्तक्षेप की मांग करने का आरोप लगाया। उन्होंने एसआईआर, मतदाता सूची, ईवीएम और चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। जोशी ने बैलेट पेपर से हुए चुनावों के नतीजों का भी जिक्र किया। आखिर राहुल गांधी के बांग्लादेश वाले बयान पर भाजपा इतना हमलावर क्यों है और एसआईआर को लेकर विवाद क्या है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
विस्तार
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह भारत में बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की बात कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश के आंतरिक लोकतांत्रिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप चाहते हैं। जयपुर में शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोशी ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस भारत में भी बांग्लादेश जैसे हालात चाहती है, जहां सत्ता परिवर्तन के दौरान हिंसा हुई और हिंदुओं पर हमलों की घटनाएं सामने आईं। उन्होंने कहा कि भारत में सरकार बदलने का एकमात्र संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीका चुनाव है। जनता अपने वोट के जरिए सरकार चुनती है और उसे बदल भी सकती है।
राहुल गांधी पर बांग्लादेश जैसा सत्ता परिवर्तन चाहने का आरोप क्यों लगाया?
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि राहुल गांधी और उनके आसपास के कुछ लोग खुले तौर पर सत्ता परिवर्तन की बात कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बांग्लादेश का उदाहरण देते हैं और वहां के युवाओं से प्रेरणा लेने की बात कहते हैं। जोशी ने सवाल किया कि आखिर राहुल गांधी किस तरह का सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में सरकार बदलने की प्रक्रिया के दौरान हिंसा हुई और वहां हिंदुओं को निशाना बनाए जाने तथा उनकी हत्या किए जाने की घटनाएं हुई हैं। क्या कांग्रेस भारत में भी ऐसे ही हालात चाहती है? जोशी ने कहा कि भारत में लोकतंत्र की जड़ें बहुत गहरी हैं और यहां की जनता अपने मताधिकार से सरकार चुनने में सक्षम है। उन्होंने राहुल गांधी पर देश के आंतरिक लोकतांत्रिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप की मांग करने का भी आरोप लगाया।
एसआईआर को लेकर राहुल गांधी पर क्या बोले केंद्रीय मंत्री?
जोशी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का विरोध करने को लेकर भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि देश में पहले भी 12 बार यह प्रक्रिया हो चुकी है, जिनमें से 10 बार कांग्रेस की सरकार के दौरान एसआईआर कराया गया था। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मतदाता सूची को सही रखने के लिए यह प्रक्रिया जरूरी है। इसके तहत मृत मतदाताओं, स्थायी रूप से दूसरी जगह जा चुके लोगों और मतदाता सूची में दर्ज दोहरे नामों को हटाया जाता है। जोशी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह मतदाता सूची में घुसपैठियों के नाम शामिल करवाकर राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है। हालांकि, ये सभी आरोप केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर लगाए हैं।
चुनाव आयोग और ईवीएम पर सवाल उठाने को लेकर क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव में हार मिलने पर कांग्रेस चुनाव आयोग, न्यायपालिका और दूसरी संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने लगती है। उन्होंने हाल में अलग-अलग राज्यों में विधान परिषद की 28 सीटों पर हुए चुनावों का हवाला दिया। जोशी के मुताबिक, ये चुनाव बैलेट पेपर से कराए गए थे, जिनमें भाजपा ने 15 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को केवल एक सीट मिली। उन्होंने सवाल किया कि अगर कांग्रेस बैलेट पेपर से हुए चुनाव में भी हार रही है तो वह ईवीएम पर सवाल क्यों उठाती है। जोशी ने कहा कि कांग्रेस को चुनावी हार स्वीकार करनी चाहिए, न कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को इसके लिए जिम्मेदार ठहराना चाहिए।
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों से व्यापारियों को कितना नुकसान होने का दावा?
जोशी ने कांग्रेस पर त्योहारों के दौरान विरोध प्रदर्शन करके देश के आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि हाल के प्रदर्शनों के कारण व्यापारियों को करीब 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस बार-बार उन्हें राजनीतिक रूप से आगे बढ़ाने और दोबारा स्थापित करने की कोशिश कर चुकी है, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा का 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए चलाया जा रहा है। उन्होंने इस दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी।