{"_id":"6ae655b3c19e3f44620fa586","slug":"srinagar-historical-hari-mountain-hawan-after-37-years-kashmiri-pandits-worship-srinagar-news-c-10-1-agr1010-1053123-2026-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Srinagar News: हरि पर्वत पर 37 साल बाद शिव भैरव मंदिर में हवन, माता शारिका के जयकारों से गूंजा देवी आंगन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Srinagar News: हरि पर्वत पर 37 साल बाद शिव भैरव मंदिर में हवन, माता शारिका के जयकारों से गूंजा देवी आंगन
विज्ञापन
श्रीनगर के शिव भैरव मंदिर में श्रद्धालु। स्रोत स्वयं
- कश्मीरी पंडितों और श्रद्धालुओं ने दी पूर्ण आहुति, घाटी में शांति, समृद्धि और आपसी सौहार्द की प्रार्थना
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। ऐतिहासिक हरि पर्वत स्थित देवी आंगन के शिव भैरव मंदिर में 37 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पवित्र हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। इस दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान में स्थानीय श्रद्धालुओं, कश्मीरी पंडित परिवारों और बाहर से पहुंचे भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में रंग गया। मंदिर प्रांगन माता शारिका के जयकारों से गूंज उठा।
धार्मिक कार्यक्रम की शुरुआत शुक्रवार की शाम कलश पूजा और प्रसाद वितरण के साथ हुई थी। इसके बाद शनिवार को वैदिक मंत्रोच्चार, विधि-विधान और पारंपरिक आस्था के साथ हवन संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं और यजमानों ने पूर्ण आहुति अर्पित की।
हवन के दौरान यजमानों और उपस्थित जनसमूह द्वारा माता शारिका भगवती, भगवान शिव और भैरव बाबा के उद्घोष किए गए। श्रद्धालुओं ने हरि पर्वत स्थित माता शारिका चक्रेश्वर के पावन दर्शन किए और मत्था टेककर कश्मीर घाटी में स्थायी शांति, खुशहाली और सद्भाव की कामना की। पूर्ण आहुति के बाद सभी उपस्थित भक्तों के लिए महाप्रसाद (भंडारे) की व्यवस्था की गई थी।
विज्ञापन
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने बताया कि करीब चार दशक बाद इस मंदिर में इतने व्यापक स्तर पर हवन यज्ञ आयोजित हुआ है। भक्तों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से कश्मीर की प्राचीन सांस्कृतिक व आध्यात्मिक धरोहर को संबल मिलता है और यह सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने का माध्यम बनते हैं। आयोजन में मुख्य भूमिका निभाने वाले सदस्यों और स्थानीय सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए श्रद्धालुओं ने भविष्य में भी ऐसे अनुष्ठान जारी रखने की आशा जताई।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। ऐतिहासिक हरि पर्वत स्थित देवी आंगन के शिव भैरव मंदिर में 37 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पवित्र हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। इस दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान में स्थानीय श्रद्धालुओं, कश्मीरी पंडित परिवारों और बाहर से पहुंचे भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में रंग गया। मंदिर प्रांगन माता शारिका के जयकारों से गूंज उठा।
धार्मिक कार्यक्रम की शुरुआत शुक्रवार की शाम कलश पूजा और प्रसाद वितरण के साथ हुई थी। इसके बाद शनिवार को वैदिक मंत्रोच्चार, विधि-विधान और पारंपरिक आस्था के साथ हवन संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं और यजमानों ने पूर्ण आहुति अर्पित की।
विज्ञापन
हवन के दौरान यजमानों और उपस्थित जनसमूह द्वारा माता शारिका भगवती, भगवान शिव और भैरव बाबा के उद्घोष किए गए। श्रद्धालुओं ने हरि पर्वत स्थित माता शारिका चक्रेश्वर के पावन दर्शन किए और मत्था टेककर कश्मीर घाटी में स्थायी शांति, खुशहाली और सद्भाव की कामना की। पूर्ण आहुति के बाद सभी उपस्थित भक्तों के लिए महाप्रसाद (भंडारे) की व्यवस्था की गई थी।
विज्ञापन
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने बताया कि करीब चार दशक बाद इस मंदिर में इतने व्यापक स्तर पर हवन यज्ञ आयोजित हुआ है। भक्तों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से कश्मीर की प्राचीन सांस्कृतिक व आध्यात्मिक धरोहर को संबल मिलता है और यह सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने का माध्यम बनते हैं। आयोजन में मुख्य भूमिका निभाने वाले सदस्यों और स्थानीय सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए श्रद्धालुओं ने भविष्य में भी ऐसे अनुष्ठान जारी रखने की आशा जताई।