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Kasganj News: अनाज व सब्जियां खाना ही काफी नहीं, थाली में विविधता जरूरी

Sat, 31 Oct 2026 11:36 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 31 Oct 2026 11:36 PM IST
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कासगंज। अच्छी सेहत की शुरुआत हमारी थाली से होती है। रोजमर्रा के भोजन में रंग-बिरंगे फल, हरी सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, दूध-दही और मेवे शामिल कर शरीर को जरूरी पोषक तत्व दिए जा सकते हैं। विश्व शाकाहार दिवस के अवसर पर संतुलित शाकाहारी भोजन के महत्व को समझना जरूरी है।
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विशेषज्ञों के अनुसार, विविधता और सही मात्रा के साथ लिया गया पौष्टिक शाकाहारी आहार पाचन दुरुस्त रखने, वजन नियंत्रित करने और हृदय व हड्डियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकता है। शाकाहारी भोजन में फल और सब्जियां विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट उपलब्ध कराते हैं, जबकि दालें, चना, राजमा और सोयाबीन प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। फाइबर से भरपूर साबुत अनाज और सब्जियां कब्ज की समस्या कम करने तथा आंतों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करती हैं। ऐसा भोजन पेट को देर तक भरा रखने में भी सहायक होता है, जिससे वजन नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
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संतुलित शाकाहारी आहार में मेवे, फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करने से हृदय स्वास्थ्य को लाभ मिल सकता है। दालें और साबुत अनाज मधुमेह में संतुलित खान-पान का हिस्सा बन सकते हैं। वहीं दूध, दही, रागी और कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करते हैं। विविध पोषक तत्वों वाला भोजन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज में भी सहयोग करता है।
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थाली को ऐसे बनाएं पौष्टिक और विविध

कासगंज। रोजाना के भोजन में गेहूं, चावल, ज्वार, बाजरा और रागी जैसे अनाज को जगह दें। प्रोटीन के लिए दाल, चना, राजमा, सोयाबीन और पनीर का सेवन करें। पालक, मेथी, बथुआ जैसी हरी सब्जियों के साथ मौसमी फल भी खाएं। दूध, दही और पनीर कैल्शियम के स्रोत हैं, जबकि बादाम, अखरोट, अलसी और अन्य बीज स्वस्थ वसा प्रदान करते हैं।


शाकाहारी भोजन अपनाते समय केवल अनाज और सब्जियों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। शरीर की जरूरत के अनुसार प्रोटीन, आयरन, विटामिन बी12 और ओमेगा-3 जैसे पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा भी सुनिश्चित करनी चाहिए। भोजन में विविधता रखें। पौधों पर आधारित भोजन को प्राथमिकता देना पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने में भी सहायक हो सकता है। - डॉ. शिखा, डाइटीशियन
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