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उत्तराखंड हाईकोर्ट का निर्देश: बीएसएम लॉ कॉलेज के प्रतिनिधित्व पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया तीन माह में ले निर्णय
Mon, 02 Nov 2026 09:21 PM IST
Heera
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: Heera
Updated Mon, 02 Nov 2026 09:21 PM IST
सार
नैनीताल हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को बीएसएम लॉ कॉलेज हरिद्वार के प्रतिनिधित्व पर तीन माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने बीएसएम लॉ कॉलेज हरिद्वार की ओर से दायर याचिका को निस्तारित करते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया को निर्देश दिया है कि वह कॉलेज के प्रतिनिधित्व पर तीन माह के भीतर निर्णय ले। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
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मामले के अनुसार कॉलेज ने बीएसएम लॉ कॉलेज हरिद्वार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बीसीआई को 6,00,023.60 की लेट फीस ब्याज सहित वापस करने की मांग की थी। याचिका में कहा कि यह राशि कॉलेज ने 21 मई 2026 को बीसीआई के ऑनलाइन पोर्टल पर जमा की थी। कॉलेज का कहना था कि वह एलएलबी पाठ्यक्रम में 180 सीटों की स्वीकृत सीटों के साथ संचालित है। उसने 5 लाख की गारंटी फीस और सत्र 2025-26 से 2030-31 तक की निर्धारित मान्यता फीस पहले ही जमा कर दी थी। उसे विश्वविद्यालय से 2025-26 और 2026-27 की संबद्धता भी मिल चुकी थी। इसके बावजूद बीसीआई ने मान्यता प्रक्रिया के सिलसिले में लेट फीस जमा कराई, जिसे कॉलेज ने अनुचित बताया।
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इसके बाद कॉलेज ने 25 सितंबर 2026 को बीसीआई के सचिव को विस्तृत प्रतिनिधित्व देकर रिफंड करने प्रार्थना पत्र देकर उसे वापस करने की मांग की थी, लेकिन अब तक उन्हें यह राशि वापस नहीं हुई।सुनवाई में कॉलेज की ओर से प्रार्थना की गई कि प्रतिनिधित्व के निस्तारण के निर्देश दिया जाए इस पर बीसीआई के अधिवक्ता द्वारा कोई आपत्ति नहीं जताई गई। इस पर कोर्ट ने बीसीआई को आदेश की प्रमाणित प्रति पेश किए जाने की तिथि से तीन माह के भीतर प्रतिनिधित्व पर निर्णय लेने का निर्देश दिया।
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