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टाइगर फायरिंग केस: वॉयस नोट से खुलेंगे हथियारों की सप्लाई के राज? डिलीट हुई तस्वीरें रिकवर करने में जुटी पुलिस

Tue, 27 Oct 2026 02:26 PM IST
राजश्री वर्मा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

  • टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग मामले में नया अपडेट सामने आया है।
  • मुंबई क्राइम ब्रांच को आरोपियों के मोबाइल फोन से वॉयस नोट्स मिले।
  • इसके अलावा पुलिस कारतूस की डिलीट की गई तस्वीरों को भी रिकवर करने की कोशिश कर रही है।
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टाइगर श्रॉफ मामले में नई अपडेट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर बीते 18 अक्तूबर को फायरिंग हुई थी। अब इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच को अहम सबूत मिले हैं। दरअसल, पुलिस को चार आरोपियों के मोबाइल फोन से वॉयस नोट्स मिले हैं। साथ ही पुलिस पांच कारतूस की डिलीट की गई तस्वीरों को भी रिकवर करने की कोशिश कर रही है।
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टाइगर श्रॉफ - फोटो : इंस्टाग्राम@teamtigershroff
राधा ने किस नाम से सेव किया था कुणाल का नंबर?
पुलिस के मुताबिक, आरोपी राधा के मोबाइल फोन में कुणाल का नंबर 'जय बलकारी' नाम से सेव था। जांच एजेंसी को शक है कि ऐसा उसकी पहचान छिपाने के लिए किया गया था।

बताया जा रहा है कि कुणाल ने राधा को वॉयस नोट्स और पांच कारतूस की तस्वीरें भेजी थीं। बाद में ये तस्वीरें डिलीट कर दी गईं। अब पुलिस इन्हें रिकवर करने की कोशिश कर रही है।

इस मामले में राधा सुनील वर्मा, बबीता रामजतन राव, कुणाल संजयकुमार जामिनसिंह और सुमित बिजेंद्र सरोलिया की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस को शक है कि ये आरोपी हथियारों की सप्लाई और उन्हें एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में शामिल थे।
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टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग - फोटो : सोशल मीडिया
पुलिस हिरासत में हैं आरोपी
एस्प्लेनेड कोर्ट ने चारों आरोपियों को 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि बरामद वॉयस नोट्स में हथियार खरीदने, उन्हें रखने और एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने से जुड़ी बातचीत है। अब पुलिस इन रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है। साथ ही, आवाज के नमूने लेकर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बातचीत किसने की थी।

हथियारों को वापस दिल्ली ले जाने की थी योजना?
पुलिस के मुताबिक, फायरिंग के बाद आरोपियों को पिस्तौल और बचे हुए कारतूस इकट्ठा करके वापस दिल्ली ले जाने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या हथियारों को वापस उनके स्रोत तक पहुंचाने और सबूत मिटाने के लिए यह योजना बनाई गई थी।
  • जांच में सूरत में हथियारों को ठिकाने लगाने और उन्हें वहां तक पहुंचाने के रास्ते की भी पड़ताल की जा रही है।
  • 24 अक्तूबर को सूरत से दो हथियार और 10 कारतूस बरामद किए गए थे।
  • पुलिस को शक है कि राधा ने कथित तौर पर हथियार रेहान को दिए थे।
  • रेहान पर फायरिंग करने वालों में शामिल होने का आरोप है।
  • क्राइम ब्रांच अनिल पंडित की भूमिका की भी जांच कर रही है।
  • पुलिस के मुताबिक, अभी यह पता लगाना बाकी है कि हथियारों को कहां से लाया गया, उन्हें कैसे छिपाया गया और इस पूरी व्यवस्था में किसने मदद की।
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