राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि टाटा समूह को बर्बाद किया जा रहा है और कारोबारी नेता इस मुद्दे पर चुप हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय कारोबार प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का निजी खिलौना नहीं है। उनका यह बयान टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को लेकर विवाद के बीच आया है।
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को टाटा समूह को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि टाटा समूह को सुनियोजित तरीके से बर्बाद किया जा रहा है और देश का कोई भी कारोबारी इस मुद्दे पर खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। राहुल ने कहा कि इन कथित अपराधों के लिए न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। राहुल गांधी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी टाटा संस के नेतृत्व को लेकर विवाद चल रहा है। इस विवाद के कारण टाटा ट्रस्ट्स के पदाधिकारियों के बीच मतभेद सामने आए हैं। मामला अब टाटा संस के निदेशक मंडल तक भी पहुंच गया है।
टाटा संस के चेयरमैन की दोबारा नियुक्ति पर विवाद
दरअसल, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने एन. चंद्रशेखरन को टाटा संस का चेयरमैन फिर से नियुक्त करने के प्रस्ताव को चुनौती दी है। यह प्रस्ताव 17 सितंबर को टाटा संस के बोर्ड की बैठक में पारित हुआ था। टाटा संस देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में शामिल टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी है।
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राहुल गांधी ने सरकार पर भी साधा निशाना
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि टाटा समूह को कथित तौर पर आपराधिक तरीके से बर्बाद किया जा रहा है और कोई कारोबारी नेता इस पर कुछ बोलने की हिम्मत नहीं कर रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि कारोबारी कब तक चुप रहेंगे और क्या वे तब बोलेंगे, जब सब कुछ उनके हाथ से निकल जाएगा? उन्होंने आगे कहा कि भारतीय कारोबार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का निजी खिलौना नहीं है। राहुल ने कहा, 'आपमें हिम्मत नहीं है, लेकिन हममें है। हम इन अपराधों के लिए न्याय सुनिश्चित करेंगे'।
Tata is being criminally destroyed, and no business leader dares say a word. How long will you stay silent? Until they own you? Indian business is not Modi and Shah's plaything. You lack courage. We don't. We will ensure justice for these crimes.
सरकार और टाटा समूह की प्रतिक्रिया नहीं
राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्र सरकार या टाटा समूह की ओर से कोई तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। फिलहाल टाटा संस के नेतृत्व को लेकर विवाद और राहुल गांधी के बयान ने कारोबारी जगत में चल रही चर्चा को और तेज कर दिया है।