यह प्रशासनिक स्वीकृति केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 19 जून 2026 को जम्मू-कश्मीर के लिए अनुमोदित ''एनएचएम स्टेट प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन प्लान'' (एसपीआईपी 2026-27) के तहत दी गई है। जारी किए गए आधिकारिक शेड्यूल के तहत वे सभी संविदा कर्मचारी जिन्होंने 31 मार्च 2026 तक या उससे पहले एक वर्ष का सेवाकाल पूरा कर लिया है, उन्हें 1 अप्रैल 2026 से ही इस 5 प्रतिशत इन्क्रीमेंट का लाभ दिया जाएगा।
इसके अलावा जिन कर्मचारियों का एक वर्ष का कार्यकाल 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच पूरा हो रहा है, उन्हें यह लाभ 1 अक्टूबर 2026 से मिलेगा, जबकि 30 सितंबर 2026 के बाद एक वर्ष पूरा करने वाले कर्मियों को 1 अप्रैल 2027 से वेतन वृद्धि का हकदार माना जाएगा।आदेश में सभी संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (डीडीओ) और नियंत्रण अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे एनएचएम के तय दिशा-निर्देशों के तहत कर्मचारियों की सेवा अवधि और संतोषजनक कार्य प्रदर्शन की समुचित जांच और सत्यापन के बाद ही इस वित्तीय लाभ को जारी करें।
इस महत्वपूर्ण घोषणा के बाद स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने कर्मचारियों से किए गए अपने वादे को पूरा कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला एनएचएम कर्मियों के समर्पण और योगदान को मान्यता देने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो पूरे केंद्र शासित प्रदेश में प्राथमिक और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में रीढ़ की हड्डी की तरह काम कर रहे हैं। मंत्री ने यह भी दोहराया कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में सरकार स्वास्थ्य कर्मियों के कल्याण और जम्मू-कश्मीर में एक अधिक मजबूत, समावेशी और संवेदनशील स्वास्थ्य व्यवस्था बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।