अखंड सौभाग्य के प्रतीक करवा चौथ पर्व पर बृहस्पतिवार को शहर में उल्लास देखने को मिला। बैंक रोड स्थित एक घर में सुहागिन महिलाओं ने एक साथ बैठकर सामूहिक रूप से करवा माता की पूजा की और कथा सुनी। दिन भर निर्जला व्रत रखने के बाद महिलाएं सोलह श्रृंगार कर पूजा में शामिल हुईं।
करवा चौथ के अवसर पर गोपाल मंदिर में महिलाओं ने विधि-विधान से व्रत पूजा की। महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर पर्व मनाया।
करवा चौथ कर रहीं महिलाओं ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सज-धज कर तैयार महिलाएं चांद के निकलने का इंतजार कर रही हैं। गोरखपुर में चांद के दिखने का समय 7:57 मिनट है। हालांकि, बादलों के कारण चांद दिखने का इंतजार लंबा हो सकता है। दोपहर में हुई बारिश ने मौसम सुहाना बना दिया है।
करवा चौथ पर करवा माता की कथा सुने या फिर पढ़ें व्रत अधूरा माना जाता है। करवा चौथ की शाम को पूजा के बाद सुहागिन महिलाएं करवा चौथ की कथा सुनती हैं। जिसमें वीरावती और उसके सात भाइयों की कथा सुनी जाती है। यह करवा चौथ की सबसे प्रचलित कथा है। करवा चौथ के व्रत का पूरा फल प्राप्त करने के लिए करवा चौथ की कहानी सुनी जाती है। नीचे पढ़ें करवा चौथ की संपूर्ण कथा और आज रात चंद्रोदय का समय।
करवा चौथ को लेकर शहर के सर्राफा बाजार में दिन से लेकर रात तक रौनक देखने को मिली। कपड़ा बाजार के साथ-साथ ज्वेलरी शोरूम में भी महिलाओं की भीड़ उमड़ी रही। इस बार बाजार में सबसे ज्यादा डिमांड चांदी के करवे की रही। सोने-चांदी के दामों में उतार-चढ़ाव के बावजूद महिलाएं ट्रेंड के हिसाब से चांदी का करवा खरीदना पसंद कर रही हैं।
ज्वेलरी शोरूम के मैनेजर ने बताया कि करवा चौथ पर इस बार चांदी के करवे की खूब डिमांड है। 15 हजार से स्टार्टिंग होने की वजह से लोग खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही कई ऐसे लोग भी बाजार पहुंचे जो करवा चौथ के मौके पर अपनी पत्नियों को देने के लिए चांदी के गिफ्ट आइटम्स खरीद रहे हैं।
व्रती महिलाएं सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान गणेश, शिव, माता पार्वती व करवा माता का स्मरण कर व्रत का संकल्प लें। परंपरा के अनुसार, सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करने के बाद निर्जला व्रत शुरू किया जाता है।
रात में चंद्रमा निकलने पर अर्घ्य दें और छलनी से पति का दर्शन करें। इसके बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत का पारण करें।
महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद शाम को भगवान शिव-पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की पूजा करेंगी। इसके बाद करवा चौथ की कथा सुनेंगी। रात में चंद्रमा के दर्शन कर चलनी से पति का चेहरा देखेंगी और जल, दूध, रोली व चावल से चंद्रमा को अर्घ्य देंगी। इसके बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोलेंगी। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक व्रत और पूजन करने से दांपत्य जीवन में सुख, सौभाग्य और समृद्धि आती है।
करवा चौथ पर गोरखपुर में आज चांद रात 7:57 बजे दिखाई देगा। पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए सुहागिनें निर्जला व्रत रख रही हैं। व्रत का पारण चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य देने के बाद किया जाएगा। इस बार करवा चौथ पर भद्रा का साया नहीं है।
गोरखनाथ मंदिर संस्कृत विद्यापीठ के वेद विभागाध्यक्ष डॉ. रंगनाथ त्रिपाठी ने बताया कि कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि रात 2:11 बजे तक रहेगी। आज वक्रतुंड संकष्टी गणेश चतुर्थी का व्रत भी रखा जा रहा है।