आगरा शिक्षक एमएलसी चुनाव में कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बाद खेरागढ़, सैंया और फतेहाबाद के तीन मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान की संस्तुति की गई है। सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने भाजपा प्रत्याशी के समर्थकों पर बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगाए, जबकि पुनर्मतदान पर अंतिम निर्णय निर्वाचन आयोग को लेना है।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के खंड स्नातक और खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक चुनाव के बाद आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तीन मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने की संस्तुति की गई है। रिटर्निंग अधिकारी ने इस संबंध में प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग को भेजा है। आयोग की स्वीकृति के बाद इन केंद्रों पर पुनर्मतदान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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खेरागढ़, सैंया और फतेहाबाद के बूथ शामिल
पुनर्मतदान के लिए जिन तीन मतदेय स्थलों की संस्तुति की गई है, उनमें खेरागढ़ तहसील परिसर, सैंया स्थित क्षेत्र पंचायत कार्यालय और फतेहाबाद स्थित क्षेत्र पंचायत कार्यालय शामिल हैं।
मतदेय स्थल संख्या 20: तहसील परिसर, खेरागढ़, कक्ष संख्या-1
मतदेय स्थल संख्या 21: क्षेत्र पंचायत कार्यालय, सैंया, कक्ष संख्या-1
मतदेय स्थल संख्या 26: क्षेत्र पंचायत कार्यालय, फतेहाबाद, कक्ष संख्या-1
इन केंद्रों पर मतदान के दौरान सामने आई शिकायतों के बाद पुनर्मतदान की संस्तुति किए जाने की जानकारी दी गई है।
मतदान में गड़बड़ी का आरोप लगाकर कमिश्नरी पहुंचे सपा प्रत्याशी
शिक्षक एमएलसी चुनाव में कथित अनियमितताओं को लेकर सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने प्रशासन के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई। बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे वह कमिश्नरी पहुंचे और कमिश्नर नगेंद्र प्रताप से मुलाकात कर मतदान में गड़बड़ी के आरोप लगाए।
डॉ. अग्रवाल ने आरोप लगाया कि खेरागढ़ के मतदान केंद्र संख्या-20 पर भाजपा प्रत्याशी के भतीजे ने बूथ पर कब्जा कर लिया था। उनका दावा था कि भोजन के समय पीठासीन अधिकारी ने मतदान कक्ष बंद कर मतदाताओं को बाहर कर दिया। उन्होंने छाता के मतदान केंद्र संख्या-40 पर स्कूल प्रबंधकों को उठाए जाने और नगर निगम इंटर कॉलेज स्थित बूथ संख्या-10 पर भी गड़बड़ी होने के आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शिकायत करते समय भावुक हुए डॉ. अग्रवाल
मीडिया से बातचीत के दौरान सपा प्रत्याशी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उनके लिए चुनाव में जीत या हार से अधिक महत्वपूर्ण शिक्षकों और उनके समर्थकों के साथ कथित व्यवहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ ऐसा बर्ताव किया जा रहा है, मानो वह कोई अपराधी हों। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि यदि उन्हें पहले से अंदाजा होता कि चुनाव के दौरान शिक्षकों और स्कूल प्रबंधकों को इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, तो वह चुनाव लड़ने का फैसला नहीं करते। उन्होंने अपने परिवार, सहयोगियों और 12 जिलों के शिक्षकों को परेशान नहीं किए जाने की अपील भी की।
धर्म परिवर्तन के एलान का वीडियो प्रसारित
शिकायत के दौरान डॉ. आकाश अग्रवाल ने अगले महीने लखनऊ की शाही ईदगाह में धर्म परिवर्तन करने का एलान भी किया। इस बयान का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। उन्होंने अपने बयान में धार्मिक पहचान और चुनाव के दौरान कथित उत्पीड़न को लेकर नाराजगी जाहिर की। फिलहाल, आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तीन मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान को लेकर अंतिम निर्णय भारत निर्वाचन आयोग की ओर से लिया जाना है।