सरयू तट स्थित अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में तैयार सेवन-डी गैलरी के तकनीकी परीक्षण में सफलता मिलने के बावजूद श्रद्धालुओं को अभी इंतजार करना होगा। राम मंदिर ट्रस्ट की योजना सभी 20 गैलरियों को एक साथ खोलने की है। इसके लिए तकनीकी विकास का काम तेजी से कराया जा रहा है। अगले छह माह में सभी गैलरियों को तैयार करने का लक्ष्य है।
संग्रहालय में कुल 20 गैलरियां विकसित की जा रही हैं। इनमें से पांच का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि शेष 15 गैलरियों को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया जाना है। इसके लिए करीब 90 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की गई है। गैलरियों में सेवन-डी, फाइव-डी, थ्री-डी और इमर्सिव तकनीक के जरिये रामायण के प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लिए हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर पर काम किया जा रहा है।
गैलरियों की पटकथा, विषयवस्तु और तकनीकी स्वरूप को अंतिम रूप दिया जा चुका है। इनमें भगवान श्रीराम के जीवन, उनकी यात्राओं, वंशावली और रामायण के प्रमुख प्रसंगों के साथ रामजन्मभूमि के पांच सौ वर्षों के संघर्ष का इतिहास भी प्रदर्शित किया जाएगा। उत्खनन में मिले पुरातात्विक अवशेषों को भी दर्शाया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय के निदेशक डॉ. संजीव सिंह का कहना है कि रामकथा संग्रहालय में आधुनिक तकनीक के माध्यम से श्रद्धालु रामायण के प्रसंगों और अयोध्या के इतिहास को महसूस कर सकेंगे। करीब 90 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत तकनीकी विकास पूरा होने के बाद सभी 20 गैलरियों को एक साथ खोलने की तैयारी है।