दीपोत्सव देखने अर्जेंटीना से आई महिला
राम की पैड़ी और आसपास के घाटों पर दीयों से बनाई गई कलात्मक आकृतियां पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। घाटों पर सजी दीपों की कतारों के साथ रंगोली के अलग-अलग पैटर्न भी लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। देशी-विदेशी पर्यटक इन सजावटों को देखने पहुंच रहे हैं। दीपोत्सव में अर्जेंटीना से आई कैरोलिना ने बताया कि इस तरह का दृश्य पहली बार देखी हूं। बहुत अच्छा लग रहा है।
इन सावधानियों का ध्यान रखें वालंटियर
दीप प्रज्ज्वलन के दौरान स्वयंसेवक सूती कपड़े पहनकर आएं। सिंथेटिक और ढीले वस्त्रों से बचें। लंबे बाल बांधकर रखें और दुपट्टे को संभालकर रखें। तेल डालते समय दीयों के आसपास तेल न फैलने दें। जलते दीपों के पास तेल की बोतल या अन्य ज्वलनशील सामग्री न रखें। आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय घाट प्रभारी और सुरक्षा कर्मियों को सूचना दें। भीड़ में धक्का-मुक्की न करें और निर्धारित रास्तों से ही आवागमन करें।
अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारी।
- फोटो : amar ujala
अतिथियों को राम की पैड़ी तक पहुंचाएंगे 80 गोल्फकार्ट
दीपोत्सव में सात नवंबर को वीवीआईपी को एयरपोर्ट, होटल और शहर के अन्य निर्धारित स्थानों से आयोजन स्थल तक लाने और कार्यक्रम के बाद वापस पहुंचाने की जिम्मेदारी 80 गोल्फकार्ट को दी जाएगी। इसमें 10 ट्रैवलर और रोडवेज की 20 एसी बसें भी शामिल की गईं हैं।
एआरटीओ गुलाब चंद्र ने बताया कि अतिथियों के आने का सिलसिला एयरपोर्ट से शुरू होगा। वहां से उन्हें निर्धारित होटलों और अन्य स्थानों तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद राम की पैड़ी और रामकथा पार्क में आयोजित कार्यक्रमों के लिए भी वाहनों की उपलब्धता रहेगी। इस बार दीपोत्सव में 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीप सजाए जा रहे हैं।
30 लाख दीपों से जगमगाएगा, 50 डिजिटल स्तंभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस वर्ष अयोध्या का दसवां दीपोत्सव ''नव भारत की नई अयोध्या'' का प्रतीक बनेगा। राम की पैड़ी पर 30 लाख दीप जलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। धर्मपथ पर 50 डिजिटल स्तंभ लगाए जा रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग से प्रवेश द्वार तक 12-12 फीट ऊंचे ये स्तंभ रामायण के प्रसंगों और डिजिटल प्रकाश शो को प्रदर्शित करेंगे।
ये स्तंभ आधुनिक तकनीक और धार्मिक भावना का समन्वय प्रस्तुत करेंगे। रामकथा पार्क, हनुमानगढ़ी, बिरला मंदिर और सरयू ब्रिज सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी भव्य प्रकाश व्यवस्था से सजाया जा रहा है। सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। सात नवंबर को राम की पैड़ी पर 30 लाख दीप जलेंगे और धर्मपथ पर डिजिटल स्तंभ चमकेंगे।
अयोध्या में दीपोत्सव। - फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
राम मंदिर में जलेंगे एक लाख दीप, तैयारी पूरी
राम जन्मभूमि परिसर में भी दीपोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर परिसर में कुल एक लाख दीप जलाए जाएंगे। इसके लिए पूरे परिसर को पांच सेक्टर में विभाजित कर 1500 मंदिर कर्मियों को जिम्मेदारी दी गई है। शुक्रवार को राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि ने पूरे परिसर का भ्रमण कर दीपोत्सव की तैयारियों को परखा।
उन्होंने बताया कि राम मंदिर समेत परिसर के सभी 18 मंदिरों में इस बार दीप जलाए जाएंगे। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन व सीएम योगी आदित्यनाथ राम मंदिर परिसर में दीपोत्सव का उद्घाटन करेंगे। उनके आगमन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई। राममंदिर में शनिवार के अलावा रविवार को दीपावली के दिन भी दीप जलाए जाएंगे। पूरे मंदिर को विशेष फसाड लाइट से रोशन किया जाएगा। रामलला को विशेष भोग भी अर्पित किया जाएगा।