1938 में ब्रिटिश कालीन इमारत में शिफ्ट हुआ था थाना
वहीं, 1932 में करबिगवां गांव के एक व्यक्ति द्वारा 100 रुपये जुर्माना जमा करने का उल्लेख मिला। इसके अलावा थरेपाह, शीशूपुर, नरवल गांव से जुड़े कई पुराने रिकॉर्ड भी रजिस्टर में दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि 1939 के रिकॉर्ड के अनुसार थाने के अंतर्गत करीब 47 गांव आते है और यह थाना 1938 में इस ब्रिटिश कालीन इमारत में शिफ्ट हुआ था।
बारिश का सारा पानी पाताल लोक तक चला जाता है
उन्होंने थाना कर्मियों को निर्देश दिए कि सभी पुराने रिकॉर्ड को ट्रांसलेट कर डिजिटल रूप में सहेजा जाए ताकि इतिहास को संरक्षित किया जा सके। निरीक्षण के दौरान थाने परिसर के अंदर स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने कुएं को भी देखा गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस कुएं की विशेषता है कि बारिश का सारा पानी पाताल लोक तक चला जाता है। साथ ही, ब्रिटिश काल के दरवाजों का भी अवलोकन किया गया। इस दौरान एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।