करारी की रामलीला श्री राम राम के चतुर्भुज रूप में प्रकट होने के बाद आरती करती माता कौशल्या स्रो
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करारी रामलीला महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार रात राम जन्म की लीला का मंचन किया गया। भगवान विष्णु के चतुर्भुज रूप में प्रकट होते ही रामलीला पंडाल जयकारों से गूंज उठा।
लीला प्रसंग के अनुसार, राजा दशरथ को संतान सुख नहीं था। पुत्र प्राप्ति की कामना लेकर वह गुरु वशिष्ठ के पास पहुंचे। गुरु के मार्गदर्शन में पुत्रेष्टि यज्ञ कराया गया। यज्ञ से प्राप्त प्रसाद तीनों रानियों में वितरित किया गया। समय आने पर रानी कौशल्या के गर्भ से भगवान विष्णु ने राम के रूप में जन्म लिया। चतुर्भुज रूप में भगवान के दर्शन कर माता कौशल्या भावविभोर हो गईं और उनकी स्तुति करने लगीं। इसके बाद भगवान राम ने शिशु रूप धारण कर लीला की।
वहीं, कैकेयी के गर्भ से भरत और सुमित्रा के गर्भ से लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म हुआ। राजा दशरथ के घर चारों राजकुमारों के जन्म की खबर से अयोध्या में खुशियां छा गईं। इस दाैरान कमेटी के अध्यक्ष संजय जायसवाल, प्रबंधक पंकज शर्मा, रमेश शर्मा, अशोक वर्मा, राकेश जायसवाल आदि मौजूद रहे।