मैनपुरी। कलेक्ट्रेट स्थित पारिजात सभागार में जिलाधिकारी ने शुक्रवार को गोशालाओं की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी गो-आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर जिला स्तरीय कंट्रोल रूम से निगरानी कराने के निर्देश दिए। गोवंशों की देखभाल में लापरवाही मिलने पर केयरटेकर के साथ संबंधित अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय होगी। डीएम ने खंड विकास अधिकारियों और अधिशासी अधिकारियों को एक सप्ताह में गोशालाओं की कमियों की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। गोसेवा कोष में जनसहयोग बढ़ाने के लिए क्यूआर कोड जारी करने और गोचर भूमि पर बरसीम व हरे चारे की बुवाई कराने के निर्देश दिए। जिले में 207 हेक्टेयर गोचर भूमि से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया। डीएम ने चेतावनी दी कि गोवंशों की देखभाल या सुविधाओं में कमी की शिकायत मिलने पर संबंधित केयरटेकर, पशु चिकित्साधिकारी, अधिशासी अधिकारी और खंड विकास अधिकारी की जवाबदेही तय होगी। बैठक में सीडीओ संतोष बहादुर सिंह, एडीएम श्यामलता आनंद सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।