अनपरा-शक्तिनगर राजमार्ग पर उखड़ा सोलंग। संवाद
रेणुसागर। वाराणसी-शक्तिनगर मुख्य मार्ग पर औड़ी मोड़ से शक्तिनगर के बीच फोरलेन बनने के बाद भी सड़क हादसों पर अंकुश नहीं लग सका है। पिछले चार वर्षों (जनवरी 2022 से दिसंबर 2025 तक) में 20 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर 92 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 67 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए। यातायात पुलिस के ये आंकड़े सड़क सुरक्षा व्यवस्था और हाईवे की स्थिति पर सवाल खड़े कर रहे हैं। हाईवे पर अवैध पार्किंग, सड़क किनारे अतिक्रमण, जर्जर सड़क और गड्ढों के साथ मरम्मत के बाद बिखरी गिट्टी वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। अनपरा के रेहटा मोड़ से ककरी मोड़ तक हाईवे किनारे ट्रेलर और ट्रकों का जमावड़ा लगा रहता है। वहीं, हाईवे से सटे गैराज और दुकानों के संचालन से भी यातायात प्रभावित होता है। अनपरा मोड़ से काशी मोड़ तक सड़क की पटरियां क्षतिग्रस्त हैं। काशी मोड़ से डिबुलगंज तक कई दुकानदारों पर हाईवे किनारे बालू, गिट्टी और सरिया रखकर अतिक्रमण करने का आरोप है। इससे पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए सड़क किनारे पर्याप्त जगह नहीं बचती। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। हाईवे पर जगह-जगह बने गड्ढे भी वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों की ओर से शक्तिनगर से अनपरा तक गड्ढों की लगातार पैचिंग कराने की बात कही जा रही है। हालांकि, स्थानीय लोगों ने मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।उनका आरोप है कि गड्ढों में मानक के अनुरूप सामग्री डालने और उचित तरीके से रोलर चलाने के बजाय केवल औपचारिकता पूरी की जा रही है। पैचिंग के बाद सड़क पर गिट्टी बिखरी रहने से दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बिखरी गिट्टी के कारण कई दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। उनका कहना है कि सड़क सुरक्षा मानकों का प्रभावी ढंग से पालन नहीं होने और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई में कमी से स्थिति गंभीर बनी हुई है। नागरिकों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से हाईवे किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाने, अवैध पार्किंग पर रोक लगाने, सड़क की पटरियों की मरम्मत कराने और गड्ढों की गुणवत्तापूर्ण पैचिंग सुनिश्चित करने की मांग की है। मोती सेठ, वंशमणि शुक्ला, विनायक गुप्ता, राजेश चौहान और दुर्गेश का कहना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो दुर्घटनाओं का सिलसिला जारी रहने की आशंका है।