इस आधार पर सोनभद्र से सत्य सनातन ट्रस्ट के चेयरमैन हरिकेश पांडेय उर्फ ऋषिकेश, उसके साथी अंजनी कुमार, वेदांत मौर्या, प्रवेश राज सिंह और जोनसीन क्रिशायान उर्फ राजेश को गिरफ्तार किया गया। वहीं भोपाल में अयोध्या नगर थाना क्षेत्र के तिरुपति होम्स में रहकर (मूल निवास सतना का न्यू देवराज नगर) साइबर ठगी का कारोबार संभाल रहे जय कुमार पांडेय, सागर लेक व्यू होम (मूल निवासी सिंगरौली का मोरवा) में रह रहे राजेश पोद्दार, बब्बू प्रसाद प्रजापति (मूल निवास सिंगरौली के बरगवां थाना क्षेत्र का गोदवाली) को वहां के सी-सेक्टर तिराहे पर यादव टी-स्टाल के पास से दबोचा गया।
ट्रांजिट रिमांड के जरिए तीनों को मंगलवार की रात सोनभद्र लाया गया। जरूरी औपचारिकताओं की पूर्ति करते हुए बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया है। वहां से आरोपियों को 14 दिन के रिमांड पर जिला कारागार भेज दिया गया।
ऐसे की जा रही थी ठगी, आरटीजीएस-पेमेंट गेटवे का हुआ इस्तेमाल
एएसपी ने बताया कि ट्रस्ट के एक नहीं कई खाते खोल रखे गए थे। रीवा में बैठकर महज 13 से 16 मार्च के बीच ट्रस्ट के रेणुकूट स्थित खाते में चार करोड़ से अधिक की राशि मंगवाई गई और उसी अवधि में ज्यादातर धनराशि आरटीजीएस-पेमेंट गेटवे का इस्तेमाल कर 150 से अधिक खातों में भेज भी दी गई। जांच में यह भी पता चला कि सत्य सनातन ट्रस्ट के कई बैंक खाते खोले गए थे। साथ ही ठगी के लिए अन्य खातों का भी इस्तेमाल किया जा सके। इसके लिए ऋषिकेश ने चुर्क के पते पर धर्मोदय फाउंडेशन, साथियों के सहयोग से किरविल म्योरपुर के पते पर बलसा कंस्ट्रक्शन एंड ट्रेडिंग एलएलपी का पंजीयन कराया था। भूमित्रम इंडिया माइक्रो फाउंडेशन ट्रस्ट, राष्ट्रीय स्वराज फाउंडेशन सहित अन्य संस्थाओं के बैंक खातों में भी संदिग्ध लेन-देन के प्रकरण प्रकाश में आए हैं। इन संस्थाओं से संबंधित लेन-देन की भी जांच कराई जा रही है।