मोगा में विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के ठिकानों पर पिछले 36 घंटे से चल रही प्रवर्तन ईडी की छापेमारी आखिरकार गुरुवार को समाप्त हो गई। बुधवार सुबह 6 बजे ईडी की टीम ने विधायक के दो घरों सहित कुल 7 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की थी। गुरुवार को सभी ठिकानों पर कार्रवाई पूरी करने के बाद ईडी की टीमें वापस लौट गईं। हालांकि, ईडी की इस कार्रवाई के दौरान क्या-क्या दस्तावेज या अन्य सामान बरामद हुआ और किस मामले को लेकर यह छापेमारी की गई थी। इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ईडी की ओर से आधिकारिक बयान जारी होने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। छापेमारी समाप्त होने के बाद विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने कहा कि पिछले 36 घंटे तक ईडी की टीम ने उनसे पूछताछ की, लेकिन उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि ईडी की टीम को उनके ठिकानों से कुछ भी नहीं मिला और आखिरकार टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। विधायक ने आरोप लगाया कि इस दौरान उन्हें किसी के फोन के माध्यम से भाजपा में शामिल होने का संदेश भी दिया गया था और कहा गया था कि भाजपा ज्वाइन करने पर उन्हें मंत्री पद दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने उन्हें बहुत कुछ दिया है और पार्टी ने ही उन्हें विधायक बनाया है। वह पार्टी के साथ मजबूती से खड़ी हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें आज पता चला कि उनके सभी रिश्तेदारों के घरों पर भी छापेमारी की गई। ईडी की टीम ने पिछले 10 वर्षों के दौरान मोगा में किसने जमीन खरीदी और किसने बेची, इस संबंध में भी सवाल पूछे। विधायक ने कहा- इन लेन-देन से उनका कोई संबंध नहीं है। विधायक ने आगे कहा कि लोगों की ओर से दिए गए शिकायत पत्रों की भी जांच की गई और उनके सभी कमरों की तलाशी ली गई। यहां तक कि उन्हें अपने बच्चों से मिलने की भी इजाजत नहीं दी गई। उन्होंने कहा आज एक बार फिर हमारी जीत हुई है।