अहोई अष्टमी पर राधाकुंड में स्नान की धार्मिक मान्यता के चलते पूर्वी भारत के राज्यों से श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया है। पश्चिम बंगाल, असम, मणिपुर, त्रिपुरा और ओडिशा सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मथुरा पहुंच रहे हैं। इनमें महिलाओं के साथ संतान की कामना रखने वाले दंपती भी शामिल हैं। पिछले कई दिनों से पूर्वी राज्यों के श्रद्धालु विभिन्न ट्रेनों से मथुरा आ रहे हैं। शुक्रवार को कोलकाता-आगरा छावनी एक्सप्रेस से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मथुरा पहुंचे। यहां से ऑटो और टैक्सियों के जरिए वे गोवर्धन स्थित राधाकुंड के लिए रवाना हुए। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि अहोई अष्टमी की मध्यरात्रि में राधाकुंड में स्नान करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते हर वर्ष देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु यहां आते हैं। कई परिवार पीढ़ियों से इस परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। पूर्वी राज्यों से आने वाले अनेक श्रद्धालु कार्तिक मास में वृंदावन में प्रवास करते हैं। इस दौरान मंदिरों में दर्शन-पूजन के साथ भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होते हैं। कार्तिक पूर्णिमा तक वृंदावन में रहकर भक्ति और साधना करना भी उनकी परंपरा का हिस्सा है।