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जुर्माना भरा, जेल से निकलने की तैयारी भी हुई: फिर अटक गई मलयेशिया के पूर्व पीएम नजीब की घर वापसी, ऐसा क्यों?

Fri, 06 Nov 2026 04:55 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, कुआलालंपुर।

सार

मलयेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक को जेल से घर में नजरबंद करने की प्रक्रिया पर अटॉर्नी जनरल ने अस्थायी रोक लगा दी है। उनकी पार्टी ने शाही माफी की शर्त के तहत 50 मिलियन रिंगिट का जुर्माना जमा कर दिया है। हालांकि, कानूनी स्पष्टीकरण मिलने तक उन्हें जेल में ही रहना होगा। इसके अलावा, 1MDB घोटाले से जुड़े दूसरे मामले में मिली 15 साल की सजा के खिलाफ उनकी अपील भी लंबित है।
 
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नजीब रजाक, मलयेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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मलयेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक को जेल से निकालकर घर में नजरबंद रखने की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। देश के अटॉर्नी जनरल ने शुक्रवार को कहा कि इस मामले में कुछ और कानूनी स्पष्टीकरण की जरूरत है। तब तक नजीब जेल में ही रहेंगे। इससे पहले स्थानीय मीडिया ने खबर दी थी कि उनकी पार्टी ने 50 मिलियन रिंगिट (करीब 12.3 मिलियन डॉलर) का जुर्माना भर दिया है और वह जेल से बाहर आ चुके हैं। हालांकि, अटॉर्नी जनरल के बयान के बाद उनकी घर में नजरबंदी का मामला फिर कानूनी उलझन में पड़ गया है।
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नजीब रजाक की घर में नजरबंदी पर रोक क्यों लगी?
मलयेशिया के अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री को जेल से घर में नजरबंदी में भेजने की प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोक दी गई है। इस मामले में कुछ कानूनी पहलुओं पर और स्पष्टीकरण की जरूरत है। जब तक इन मुद्दों का समाधान नहीं होता, नजीब जेल में ही रहेंगे। इससे पहले स्थानीय मीडिया ने दावा किया था कि वह जेल से निकलकर अपने घर पहुंच चुके हैं।

नजीब को घर में नजरबंदी की अनुमति कैसे मिली थी?
मलयेशिया के राजा ने सितंबर में नजीब को शाही माफी के तहत राहत दी थी। इसके बाद उन्हें अपनी पहली भ्रष्टाचार सजा का बाकी हिस्सा घर में नजरबंदी के तहत काटने की अनुमति मिली थी। हालांकि, यह राहत कुछ शर्तों के साथ दी गई थी।
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  • नजीब की पहली सजा 12 साल की थी, जिसे जनवरी 2024 में घटाकर छह साल कर दिया गया था। उनकी सजा के साथ लगाया गया जुर्माना भी 210 मिलियन रिंगिट से घटाकर 50 मिलियन रिंगिट कर दिया गया था।
  • घर में नजरबंदी की शर्तों के तहत यह जुर्माना भरना जरूरी था। उनकी पार्टी यूनाइटेड मलय नेशनल ऑर्गनाइजेशन (यूएमएनओ) ने चंदा अभियान के जरिये जरूरी रकम जुटाई।
  • पार्टी के महासचिव अस्रफ वजीद दुसुकी ने बताया कि शुक्रवार को हाई कोर्ट में जुर्माने की पूरी रकम जमा कर दी गई।


नजीब रजाक किस भ्रष्टाचार मामले में जेल में बंद हैं?
नजीब अगस्त 2022 से जेल में हैं। मलयेशिया की सर्वोच्च अदालत ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के पहले मामले में दोषसिद्धि बरकरार रखी थी। यह मामला सरकारी निवेश कोष 1एमडीबी से जुड़ा है। नजीब ने 2009 में प्रधानमंत्री बनने के कुछ समय बाद इस विकास कोष की स्थापना की थी। जांचकर्ताओं के मुताबिक, इस कोष से कम से कम 4.5 अरब डॉलर की रकम चोरी कर अलग-अलग देशों में बैंक खातों के जरिये ठिकाने लगाई गई। आरोप है कि नजीब के सहयोगियों ने इस रकम का इस्तेमाल हॉलीवुड फिल्मों के वित्तपोषण और महंगे सामान खरीदने में किया। इनमें होटल, लग्जरी नौका, कलाकृतियां और गहने शामिल थे।

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क्या घर में नजरबंदी मिलने के बाद नजीब पूरी तरह जेल से मुक्त हो जाएंगे?
घर में नजरबंदी की अनुमति केवल पहले भ्रष्टाचार मामले में मिली छह साल की घटी हुई सजा पर लागू होती है। दिसंबर 2025 में 1एमडीबी घोटाले से जुड़े दूसरे बड़े मामले में उन्हें भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में 15 साल की अलग सजा सुनाई गई थी। नजीब इस फैसले के खिलाफ अपील कर रहे हैं।
 
  • अगर दूसरे मामले में उनकी अपील खारिज हो जाती है तो उन्हें दोबारा जेल जाना पड़ सकता है। पहली सजा के तहत जुर्माना भरने के बाद उनकी रिहाई की संभावित तारीख 2028 में थी।
  • शाही माफी की शर्तों के मुताबिक, घर में नजरबंदी की अवधि 23 अगस्त 2028 तक हो सकती थी। दूसरे मामले की अपील में नाकामी मिलने पर मौजूदा सजा पूरी होने के बाद उन्हें 15 साल की अतिरिक्त जेल काटनी पड़ सकती है।
प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने जुर्माना भरने पर क्या कहा?
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मलयेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने नजीब की पार्टी की ओर से जुर्माना भरने के फैसले से असहमति जताई। उन्होंने कहा कि इससे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर जनता के बीच गलत संदेश जा सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पार्टी को ऐसा करने का अधिकार है।

राष्ट्रीय समाचार एजेंसी बरनामा के मुताबिक, अनवर ने कहा, 'इससे जनता के बीच यह संदेश नहीं जाना चाहिए कि अरबों रिंगिट के भ्रष्टाचार के मामलों को आसानी से नजरअंदाज किया जा सकता है।' इस बीच, नजीब के कुआलालंपुर स्थित घर के बाहर शुक्रवार सुबह से पुलिस तैनात थी और घर की ओर जाने वाली सड़क को भी बंद कर दिया गया था।
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