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गंभीर ने टी20 सीरीज जीत को क्यों बताया अविश्वसनीय?: बोले- यह बड़ी उपलब्धि; श्रेयस की कप्तानी को सराहा
Sun, 01 Nov 2026 07:27 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हैमिल्टन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हैमिल्टन
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Sun, 01 Nov 2026 07:27 PM IST
सार
भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज जीत को अविश्वसनीय उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि टीम को तैयारी के लिए केवल एक दिन मिला था और 70-80 प्रतिशत खिलाड़ी पहली बार न्यूजीलैंड दौरे पर थे। इसके बावजूद भारत ने शुरुआती तीन मैच जीतकर सीरीज अपने नाम की। गंभीर ने अनुभवहीन गेंदबाजी आक्रमण के साथ शानदार कप्तानी करने के लिए श्रेयस अय्यर की तारीफ की।
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कोच गौतम गंभीर
- फोटो : ANI
विस्तार
भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में मिली जीत को 'अविश्वसनीय' करार दिया है। उन्होंने कहा कि बेहद कम तैयारी के बावजूद खिलाड़ियों ने जिस तरह का प्रदर्शन किया, वह काबिल-ए-तारीफ है। टीम ने मुश्किल परिस्थितियों में अपने बेखौफ और आक्रामक रवैये के दम पर शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम की।
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भारतीय टीम
- फोटो : BCCI
अभ्यास का नहीं मिला था मौका
भारत ने 22 अक्तूबर को क्राइस्टचर्च में सीरीज का पहला मुकाबला खेला था। इससे पहले टीम को परिस्थितियों के अनुकूल ढलने और अभ्यास के लिए केवल एक दिन मिला था। भारतीय खिलाड़ी 20 अक्तूबर को न्यूजीलैंड पहुंचे थे और अगले ही दिन उन्हें अभ्यास करना पड़ा। इसके बावजूद टीम ने शुरुआती तीनों मैच जीतकर पांच मैचों की सीरीज में अजेय बढ़त बना ली। हालांकि, मेजबान न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मुकाबले जीतकर सीरीज का समापन किया।
पांचवें और अंतिम टी20 मैच के बाद गंभीर ने कहा, 'यह निश्चित रूप से अविश्वसनीय प्रयास है, क्योंकि खिलाड़ियों को तैयारी के लिए केवल एक दिन मिला था। वे 20 अक्तूबर को यहां पहुंचे और 21 अक्तूबर को अभ्यास किया। परिस्थितियां, मौसम और मैदान के आयाम भी अलग थे। हमें न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उसके घरेलू मैदान पर खेलना था। इसके अलावा, हमारे ज्यादातर खिलाड़ी पहली बार न्यूजीलैंड का दौरा कर रहे थे।' उन्होंने कहा कि इतनी कम तैयारी के बावजूद खिलाड़ियों ने जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसके लिए पूरी टीम प्रशंसा की हकदार है।
भारत ने 22 अक्तूबर को क्राइस्टचर्च में सीरीज का पहला मुकाबला खेला था। इससे पहले टीम को परिस्थितियों के अनुकूल ढलने और अभ्यास के लिए केवल एक दिन मिला था। भारतीय खिलाड़ी 20 अक्तूबर को न्यूजीलैंड पहुंचे थे और अगले ही दिन उन्हें अभ्यास करना पड़ा। इसके बावजूद टीम ने शुरुआती तीनों मैच जीतकर पांच मैचों की सीरीज में अजेय बढ़त बना ली। हालांकि, मेजबान न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मुकाबले जीतकर सीरीज का समापन किया।
पांचवें और अंतिम टी20 मैच के बाद गंभीर ने कहा, 'यह निश्चित रूप से अविश्वसनीय प्रयास है, क्योंकि खिलाड़ियों को तैयारी के लिए केवल एक दिन मिला था। वे 20 अक्तूबर को यहां पहुंचे और 21 अक्तूबर को अभ्यास किया। परिस्थितियां, मौसम और मैदान के आयाम भी अलग थे। हमें न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उसके घरेलू मैदान पर खेलना था। इसके अलावा, हमारे ज्यादातर खिलाड़ी पहली बार न्यूजीलैंड का दौरा कर रहे थे।' उन्होंने कहा कि इतनी कम तैयारी के बावजूद खिलाड़ियों ने जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसके लिए पूरी टीम प्रशंसा की हकदार है।
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भारतीय टीम
- फोटो : BCCI
टी20 टीम के लिए सबसे मुश्किल था न्यूजीलैंड का दौरा
- गंभीर ने माना कि न्यूजीलैंड दौरे पर टी20 टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलना था। उन्होंने कहा कि आगामी वनडे और टेस्ट मुकाबलों के लिए खिलाड़ियों को परिस्थितियों से तालमेल बैठाने का मौका मिलेगा, लेकिन टी20 टीम के पास ऐसा कोई अवसर नहीं था।
- उन्होंने कहा, 'अगर इस दौरे पर किसी टीम के लिए सबसे ज्यादा मुश्किल रही है, तो वह टी20 टीम है। टेस्ट और वनडे खिलाड़ियों को तैयारी के लिए समय मिलेगा, लेकिन टी20 टीम के पास ऐसा कोई समय नहीं था। इस टीम के 70 से 80 प्रतिशत खिलाड़ी पहली बार न्यूजीलैंड आए थे।'
- गंभीर के मुताबिक, 15 घंटे की लंबी उड़ान और केवल एक अभ्यास सत्र के बाद खिलाड़ियों ने जिस तरह का प्रदर्शन किया, वह खास उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड की परिस्थितियां और मौसम भारतीय खिलाड़ियों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण थे।
- गंभीर ने टीम के आक्रामक रवैये की तारीफ करते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने लगातार जीत हासिल करने का लक्ष्य रखा था। हालांकि, आखिरी दो मुकाबलों में नतीजे भारत के पक्ष में नहीं रहे।
- उन्होंने कहा, 'मुझे पता है कि कई लोग इस उपलब्धि की चर्चा नहीं करेंगे, लेकिन यह ऐसी सफलता है, जिसके बारे में हमें हमेशा बात करनी चाहिए। खिलाड़ी लगातार दबाव में थे और इसी को बेखौफ तथा आक्रामक क्रिकेट खेलना कहते हैं। हम आखिरी दो मैच भी जीतना चाहते थे, लेकिन कभी-कभी चीजें आपके पक्ष में नहीं होतीं।'
भारतीय टीम
- फोटो : ANI
अनुभवहीन गेंदबाजी आक्रमण के साथ श्रेयस ने किया शानदार काम
- गंभीर ने भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अनुभवी गेंदबाजों की गैरमौजूदगी के बावजूद श्रेयस ने उपलब्ध संसाधनों का बेहतरीन इस्तेमाल किया और टीम को अच्छी तरह संभाला। इस सीरीज में भारत के पास जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या जैसे अनुभवी खिलाड़ियों का विकल्प नहीं था। ऐसे में अनुभवहीन गेंदबाजी आक्रमण के साथ कप्तानी करना श्रेयस के लिए आसान नहीं था।
- गंभीर ने कहा, 'श्रेयस ने एक बेहद सफल टी20 टीम की कमान संभाली है, जिसने विश्व कप जीता था और दो साल तक कोई सीरीज नहीं गंवाई थी। विश्व कप के बाद भी हमें कई मजबूत टीमों का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड और आयरलैंड के दौरों पर भी हमें हार मिली और हमने कई नए खिलाड़ियों को मौका दिया।'
- उन्होंने आगे कहा कि अगले विश्व कप की तैयारी के लिहाज से युवा खिलाड़ियों को अवसर देना जरूरी है। खिलाड़ियों को विदेशी परिस्थितियों में खेलने का अनुभव देना और उन्हें लगातार विकसित करना टीम के भविष्य के लिए अहम है।गंभीर ने कहा, 'श्रेयस ने अनुभवहीन गेंदबाजी आक्रमण के साथ शानदार काम किया है। एक कप्तान उतना ही अच्छा होता है, जितना अच्छा उसका गेंदबाजी या बल्लेबाजी विभाग प्रदर्शन करता है। सीमित अनुभव वाले गेंदबाजी आक्रमण के साथ उन्होंने बेहतरीन जिम्मेदारी निभाई है।'
गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर
- फोटो : IANS
'मेरे शब्दकोश में डर नाम की कोई चीज नहीं'
जब गंभीर से पूछा गया कि क्या टीम के सामने आने वाली चुनौतियां उन्हें कभी परेशान करती हैं, तो उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'मैं किसी चीज से नहीं डरता। मेरे शब्दकोश, मेरी सोच और मेरी विचारधारा में डर नाम की कोई चीज नहीं है। हम पेशेवर हैं और मैंने हमेशा माना है कि बहाने बनाने की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। हमें जो भी जिम्मेदारी दी जाती है, हम उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं। देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करना और नतीजे हासिल करना ही हमारा लक्ष्य है।'
जब गंभीर से पूछा गया कि क्या टीम के सामने आने वाली चुनौतियां उन्हें कभी परेशान करती हैं, तो उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'मैं किसी चीज से नहीं डरता। मेरे शब्दकोश, मेरी सोच और मेरी विचारधारा में डर नाम की कोई चीज नहीं है। हम पेशेवर हैं और मैंने हमेशा माना है कि बहाने बनाने की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। हमें जो भी जिम्मेदारी दी जाती है, हम उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं। देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करना और नतीजे हासिल करना ही हमारा लक्ष्य है।'
गौतम गंभीर
- फोटो : ANI
व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद कोचिंग का आनंद ले रहे गंभीर
भारतीय टीम के व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम और मुख्य कोच के तौर पर अपने कार्यभार को लेकर गंभीर ने कहा कि यह चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन वह इसका आनंद ले रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे पता है कि यह मुश्किल है, लेकिन मैं इसका आनंद ले रहा हूं, क्योंकि बहुत कम लोगों को दोबारा भारतीय जर्सी पहनने का अवसर मिलता है।'
भारतीय टीम के व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम और मुख्य कोच के तौर पर अपने कार्यभार को लेकर गंभीर ने कहा कि यह चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन वह इसका आनंद ले रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे पता है कि यह मुश्किल है, लेकिन मैं इसका आनंद ले रहा हूं, क्योंकि बहुत कम लोगों को दोबारा भारतीय जर्सी पहनने का अवसर मिलता है।'