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'साहब मैं दोषी हूं': अदालत में जज समझाते रहे, गोगी गैंग के शार्पशूटर ने कही ये बात; इसलिए चर्चा में आया मामला

Tue, 27 Oct 2026 12:03 PM IST
Sharukh Khan सचिन कुमार, नई दिल्ली
सचिन कुमार, नई दिल्ली Published by: Sharukh Khan Updated Tue, 27 Oct 2026 12:03 PM IST
सार

राउज एवेन्यू स्थित मकोका की विशेष अदालत में गोगी गैंग के शार्पशूटर को जज साहब समझाते रहे, लेकिन शूटर ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। शूटर ने कहा कि 'साहब मैं दोषी हूं'। कोर्ट ने संगठित अपराध और जबरन वसूली के मामले में आरोपी को दोषी करार दे दिया।

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Delhi Crime: Gogi Gang Shooter Kapil Admits Guilt in MCOCA Extortion Case
Delhi Crime - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अदालत में जब किसी आरोपी से उसके जुर्म कबूल करने के फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा जाए और वह फिर भी अपने बयान पर कायम रहे, तो मामला चर्चा में आ जाता है। राउज एवेन्यू स्थित मकोका की विशेष अदालत में ऐसा ही हुआ। 
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कुख्यात गैंगस्टर जितेंद्र उर्फ गोगी के गिरोह से जुड़े शॉर्प शूटर कपिल उर्फ गौरव ने सुनवाई के दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया। अदालत ने उसे संगठित अपराध और जबरन वसूली से जुड़े मामले में दोषी करार दिया है। 
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अब उसकी सजा की अवधि पर सुनवाई होगी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गगनदीप सिंह की अदालत में मामले में अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज होने थे। इसी दौरान कपिल ने अपराध स्वीकार करने की अर्जी दाखिल कर दी। 
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अदालत ने उसे समझाया कि जुर्म कबूल करने पर उसे गंभीर सजा हो सकती है। अलग-अलग धाराओं में मिली सजाएं लगातार भी चल सकती हैं और बाद में अपील करने का दायरा सीमित हो सकता है। 

 

इसके बावजूद आरोपी ने कहा कि वह अपने फैसले के परिणाम समझता है और स्वेच्छा से अपराध स्वीकार कर रहा है। अदालत ने उसकी दोष स्वीकारोक्ति दर्ज करते हुए महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) की धाराओं 3(1), 3(2), 3(3), 3(4) और 4 के तहत दोषी ठहराया है। 

कुरुक्षेत्र में गोगी के साथ छिपा था आरोपी
जांच एजेंसी की चार्जशीट के अनुसार, कपिल गोगी के संगठित अपराध गिरोह का सक्रिय सदस्य था। पुलिस का आरोप था कि फरारी के दौरान वह हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित वशिष्ठ कॉलोनी के एक किराये के मकान में गोगी और उसके अन्य साथियों के साथ छिपा हुआ था। 
 

आरोप है कि मकान का किराया अपराध से जुटाए गए पैसों से दिया जाता था। मामले में संरक्षित गवाहों ने भी कपिल की पहचान की थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, नवंबर 2019 में गिरोह के सदस्यों ने एक कार्यालय में घुसकर 4.70 लाख रुपये की जबरन वसूली की थी। गवाहों के बयानों में इस वारदात में कपिल की कथित भूमिका का जिक्र किया गया।

पहले से काट रहा उम्रकैद की सजा
कपिल उर्फ गौरव पहले से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हत्या और जानलेवा हमले के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। उसके खिलाफ दिल्ली के कई थानों में भी हत्या, डकैती और हथियार कानून से जुड़े मामले दर्ज होने की बात चार्जशीट में कही गई है। 

 

जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि गोगी गिरोह कारोबारियों, सट्टेबाजों, प्रॉपर्टी डीलरों और अन्य लोगों से रंगदारी वसूलता था। पुलिस के मुताबिक, गिरोह अपराध से मिले पैसों का इस्तेमाल अपने सदस्यों के खर्च और अन्य गतिविधियों के लिए करता था।
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