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Ghaziabad News: फर्जी आईपीओ एप और एपीके फाइल भेज दो लोगों से 14.86 लाख रुपये ठगे
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गाजियाबाद। साइबर ठगों ने दो अलग-अलग लोगों से 14.86 लाख रुपये की ठगी कर ली। साहिबाबाद निवासी गौरांग माथुर ने फर्जी आईपीओ और शेयर ट्रेडिंग एप के माध्यम से 9,55,981 रुपये गंवा दिए। विजयनगर के प्रताप विहार में रहने वाले विवेक ध्यानी को गैस एजेंसी प्रतिनिधि बताकर ठगों ने एपीके फाइल भेजी। उसे डाउनलोड करते ही ठगों ने खाते से 5.26 लाख रुपये ट्रांजक्शन कर लिए। दोनों पीड़ितों ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि गौरांग माथुर के मुताबिक अज्ञात व्यक्तियों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप वैभव चोपड़ा एलीट अलायंस507 में जोड़ा। इस ग्रुप का एडमिन करविंदर नामक व्यक्ति बताया गया। अरट्टाई एप पर श्रेया अग्रवाल ने खुद को एडमिनिस्ट्रेटर बताकर निवेश संबंधी आकर्षक ऑफर दिए। इसके बाद अनन्या नाम के एक अन्य व्यक्ति ने माथुर को सुनहरे ''''''''''''''''जी'''''''''''''''' लोगो वाले एक संदिग्ध ट्रेडिंग एप में धनराशि जमा करने के लिए प्रेरित किया। एप पर उनके निवेश के विरुद्ध 91,88,480 रुपये का कथित झूठा आईपीओ मुनाफा दिखाया गया। जब माथुर ने अपनी रकम निकालने का प्रयास किया, तो निकासी रोक दी गई। उन्होंने अपने कोटक बैंक, फेडरल बैंक और आईडीएफसी बैंक के खातों से यूपीआई/आईएमपीएस के माध्यम से विभिन्न भुगतान किए थे। इन भुगतानों में 50,000 रुपये से लेकर 1,00,000 रुपये तक की कई राशियां शामिल थीं। इस संबंध में साइबर अपराध पोर्टल पर दो ऑनलाइन शिकायतें भी दर्ज की गई हैं।
वहीं, साहिबाबाद के विवेक ध्यानी के मुताबिक 20 जुलाई 2026 को पीड़ित के मोबाइल पर एक नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को गैस एजेंसी का कर्मचारी बताया और गैस कनेक्शन से संबंधित जानकारी लेने के बहाने बातचीत शुरू की। इसके बाद दूसरे नंबर से व्हाट्सएप पर एपीके फाइल भेजी गई। पीड़ित ने फाइल इंस्टॉल कर ली। आरोप है कि इसके बाद ठगों ने उनके मोबाइल और व्हाट्सएप हैक कर खाते से छह अलग-अलग लेनदेन के जरिए रकम निकाली गई। इनमें 1.99 लाख, 98 हजार, 48 हजार, 1.78 लाख, एक हजार और 1,700 रुपये शामिल हैं। इस तरह कुल 5,26,200 रुपये निकाल लिए गए। दोनों पीड़ितों की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि गौरांग माथुर के मुताबिक अज्ञात व्यक्तियों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप वैभव चोपड़ा एलीट अलायंस507 में जोड़ा। इस ग्रुप का एडमिन करविंदर नामक व्यक्ति बताया गया। अरट्टाई एप पर श्रेया अग्रवाल ने खुद को एडमिनिस्ट्रेटर बताकर निवेश संबंधी आकर्षक ऑफर दिए। इसके बाद अनन्या नाम के एक अन्य व्यक्ति ने माथुर को सुनहरे ''''''''''''''''जी'''''''''''''''' लोगो वाले एक संदिग्ध ट्रेडिंग एप में धनराशि जमा करने के लिए प्रेरित किया। एप पर उनके निवेश के विरुद्ध 91,88,480 रुपये का कथित झूठा आईपीओ मुनाफा दिखाया गया। जब माथुर ने अपनी रकम निकालने का प्रयास किया, तो निकासी रोक दी गई। उन्होंने अपने कोटक बैंक, फेडरल बैंक और आईडीएफसी बैंक के खातों से यूपीआई/आईएमपीएस के माध्यम से विभिन्न भुगतान किए थे। इन भुगतानों में 50,000 रुपये से लेकर 1,00,000 रुपये तक की कई राशियां शामिल थीं। इस संबंध में साइबर अपराध पोर्टल पर दो ऑनलाइन शिकायतें भी दर्ज की गई हैं।
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वहीं, साहिबाबाद के विवेक ध्यानी के मुताबिक 20 जुलाई 2026 को पीड़ित के मोबाइल पर एक नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को गैस एजेंसी का कर्मचारी बताया और गैस कनेक्शन से संबंधित जानकारी लेने के बहाने बातचीत शुरू की। इसके बाद दूसरे नंबर से व्हाट्सएप पर एपीके फाइल भेजी गई। पीड़ित ने फाइल इंस्टॉल कर ली। आरोप है कि इसके बाद ठगों ने उनके मोबाइल और व्हाट्सएप हैक कर खाते से छह अलग-अलग लेनदेन के जरिए रकम निकाली गई। इनमें 1.99 लाख, 98 हजार, 48 हजार, 1.78 लाख, एक हजार और 1,700 रुपये शामिल हैं। इस तरह कुल 5,26,200 रुपये निकाल लिए गए। दोनों पीड़ितों की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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