दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-3 लागू: राजधानी की हवा हुई और जहरीली, वायु प्रदूषण रोकने के लिए लगाए गए कई प्रतिबंध
ग्रैप के तीसरे चरण के तहत कई प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य वायु गुणवत्ता में सुधार लाना है। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
विस्तार
दिल्ली में पांच दिन से हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार है। इसको देखते हुए आखिरकार शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) तीन लागू हो गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की उप-समिति ने प्रदूषित होती हवा को देखते हुए बैठक में पूरे दिल्ली-एनसीआर में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लागू किया है।
एनसीआर की बसें नहीं आ पाएंगी दिल्ली
इसके तहत निर्माण व विध्वंस कार्यों पर रोक लगा दी है। वहीं, बीएस तीन पेट्रोल और बीएस चार माल वाहक वाहनों का प्रवेश बंद हो गया है। केवल जरूरी सामान लाने वाले वाहनों को इसमें छूट दी गई है। साथ ही, एनसीआर से आने वाली अंतरराज्य बसों को दिल्ली में नहीं आने दिया जाएगा। हालांकि, इलेक्ट्रिक व सीएनजी बसों और बीएस-6 डीजल बसों को इसमें छूट दी गई है।
इनको मिलेगी छूट
उधर, ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाली बसों, टेम्पो ट्रैवलर को भी छूट दी गई है। इसमें दिव्यांगों को बीएस-तीन पेट्रोल व बीएस-चार डीजल एलएमवी चलाने की अनुमति है। वहीं, कक्षा पांचवीं तक के स्कूलों को हाइब्रिड मोड में संचालित करने की सलाह दी है। सीएक्यूएम की उप-समिति ने बैठक में देखा कि दिल्ली का औसत एक्यूआई 350 के आंकड़े को पार कर गया है। वहीं, घने कोहरे, कम मिक्सिंग हाइट, परिवर्तनशील हवाओं और प्रतिकूल मौसम संबंधी स्थितियों के कारण इसमें वृद्धि का रुझान दिख रहा है। ऐसे में समिति ने वायु गुणवत्ता में और गिरावट को रोकने के प्रयास में एनसीआर में ग्रैप के चरण तीन को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
ग्रैप तीन के तहत इन कार्य पर रहेगी पाबंदी
-निर्माण कार्यों पर रोक: खुदाई, भराई, पाइलिंग, तोड़फोड़, ईंट-चिनाई और सड़क निर्माण जैसे धूल फैलाने वाले काम बंद।
-स्टोन क्रशर बंद: पूरे एनसीआर में स्टोन क्रशर के संचालन पर रोक।
-खनन पर प्रतिबंध: एनसीआर में सभी तरह की खनन और उससे जुड़ी गतिविधियां बंद।
-पुराने वाहनों पर पाबंदी: दिल्ली और पांच प्रमुख एनसीआर जिलों में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल या पुराने चार पहिया वाहनों पर सख्ती।
-मालवाहक वाहनों पर रोक: दिल्ली में पुराने मानक वाले डीजल मध्यम मालवाहक वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध।
-बाहरी मालवाहक वाहनों की एंट्री बंद: दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-4 और पुराने डीजल मध्यम मालवाहक वाहनों को प्रवेश नहीं।
-हल्के मालवाहक वाहनों पर रोक: दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-4 और पुराने डीजल हल्के मालवाहक वाहनों की एंट्री बंद।
-पांचवीं तक हाइब्रिड पढ़ाई: दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में पांचवीं तक की कक्षाएं ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में चलेंगी।
-दफ्तरों में 50 फीसदी स्टाफ: सरकारी, नगर निगम और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम और बाकी को वर्क फ्रॉम होम देने पर सरकारें फैसला लेंगी।
-केंद्र सरकार के कर्मचारियों को राहत: केंद्रीय कार्यालयों में वर्क फ्रॉम होम देने पर केंद्र सरकार निर्णय ले सकती है।
ग्रैप-3 में लोगों के लिए सीएक्यूएम की सलाह
-कम दूरी के लिए साइकिल का करें इस्तेमाल या चलें पैदल।
-संभव होने पर कार पूलिंग का लें सहारा।
-सार्वजनिक परिवहन का करें इस्तेमाल।
-दफ्तर से इजाजत मिलने पर वर्क फ्रॉम होम पर चले जाएं।
-हीटिंग के लिए कोयले और लकड़ी का उपयोग न करें।