{"_id":"6ae766be56f56ec623029880","slug":"pollution-rises-in-delhi-amid-north-westerly-winds-a-jump-of-144-points-in-one-day-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-161743-2026-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के साथ दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण, एक दिन में 144 अंकों का उछाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के साथ दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण, एक दिन में 144 अंकों का उछाल
विज्ञापन
पंजाब-हरियाणा से प्रदूषक पहुंचने की आशंका, 23 इलाकों में एक्यूआई 300 के पार, जहांगीरपुरी सबसे प्रदूषित
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। महज एक दिन में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में 144 अंकों का उछाल दर्ज किया गया। शनिवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 117 यानी मध्यम श्रेणी में था, जो रविवार को बढ़कर 261 पर पहुंच गया। शाम छह बजे के बाद यह और बढ़कर 272 दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में पहुंच गई।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के निगरानी केंद्रों के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कुल 59 निगरानी केंद्रों में से 43 पर हवा खराब से बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई। इनमें 23 इलाके ऐसे हैं, जहां एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया। वहीं, 20 इलाकों में हवा खराब श्रेणी में रही। केवल 14 इलाकों में एक्यूआई मध्यम श्रेणी में दर्ज किया गया।
जहांगीरपुरी में सबसे ज्यादा प्रदूषण
दिल्ली में सबसे खराब स्थिति जहांगीरपुरी की रही, जहां एक्यूआई 388 दर्ज किया गया। पंजाबी बाग और रोहिणी में यह 365, मुंडका में 353, आरके पुरम में 342 और अलीपुर में 338 रहा। चांदनी चौक, नरेला और विवेक विहार में एक्यूआई 336 दर्ज किया गया। वहीं, बवाना में यह 329 रहा। लगभग सभी प्रदूषित इलाकों में पीएम 2.5 प्रमुख प्रदूषक रहा।
विज्ञापन
पराली के धुएं का असर बढ़ने की आशंका
आईआईटीएम के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान करीब 18 फीसदी रहने का अनुमान था। रविवार को उत्तर-पश्चिम दिशा से चली हवाओं के कारण पंजाब और हरियाणा की ओर से प्रदूषक दिल्ली पहुंच सकते हैं। इसके अलावा वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण गतिविधियां और स्थानीय प्रदूषण भी हवा की गुणवत्ता बिगाड़ रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, हवा की दिशा और रफ्तार प्रदूषकों के फैलाव को प्रभावित करती है। ऐसे में स्थानीय उत्सर्जन के साथ बाहरी स्रोतों से आने वाला प्रदूषण भी दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर असर डाल रहा है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। महज एक दिन में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में 144 अंकों का उछाल दर्ज किया गया। शनिवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 117 यानी मध्यम श्रेणी में था, जो रविवार को बढ़कर 261 पर पहुंच गया। शाम छह बजे के बाद यह और बढ़कर 272 दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में पहुंच गई।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के निगरानी केंद्रों के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कुल 59 निगरानी केंद्रों में से 43 पर हवा खराब से बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई। इनमें 23 इलाके ऐसे हैं, जहां एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया। वहीं, 20 इलाकों में हवा खराब श्रेणी में रही। केवल 14 इलाकों में एक्यूआई मध्यम श्रेणी में दर्ज किया गया।
विज्ञापन
जहांगीरपुरी में सबसे ज्यादा प्रदूषण
दिल्ली में सबसे खराब स्थिति जहांगीरपुरी की रही, जहां एक्यूआई 388 दर्ज किया गया। पंजाबी बाग और रोहिणी में यह 365, मुंडका में 353, आरके पुरम में 342 और अलीपुर में 338 रहा। चांदनी चौक, नरेला और विवेक विहार में एक्यूआई 336 दर्ज किया गया। वहीं, बवाना में यह 329 रहा। लगभग सभी प्रदूषित इलाकों में पीएम 2.5 प्रमुख प्रदूषक रहा।
विज्ञापन
पराली के धुएं का असर बढ़ने की आशंका
आईआईटीएम के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान करीब 18 फीसदी रहने का अनुमान था। रविवार को उत्तर-पश्चिम दिशा से चली हवाओं के कारण पंजाब और हरियाणा की ओर से प्रदूषक दिल्ली पहुंच सकते हैं। इसके अलावा वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण गतिविधियां और स्थानीय प्रदूषण भी हवा की गुणवत्ता बिगाड़ रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, हवा की दिशा और रफ्तार प्रदूषकों के फैलाव को प्रभावित करती है। ऐसे में स्थानीय उत्सर्जन के साथ बाहरी स्रोतों से आने वाला प्रदूषण भी दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर असर डाल रहा है।