{"_id":"6ae0a4f1b7f7b7fe8605ff8d","slug":"students-were-taught-the-difference-between-safe-and-unsafe-behavior-kangra-news-c-95-1-kng1004-263647-2026-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: विद्यार्थियों को सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार में अंतर बताया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: विद्यार्थियों को सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार में अंतर बताया
Wed, 28 Oct 2026 06:48 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 28 Oct 2026 06:48 AM IST
विज्ञापन
डीएलएसए ने बगली, मंदल और खनियारा स्कूलों में करवाए जागरूकता कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। विद्यार्थियों को बाल यौन शोषण से बचाने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), कांगड़ा ने मंगलवार को जागरूकता कार्यक्रम करवाए। कार्यक्रम बगली, मंदल और खनियारा के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में करवाए गए। कार्यक्रमों का आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के निर्देश पर चलाए जा रहे सुरक्षित बचपन अभियान के तहत हुआ।
डीएलएसए कांगड़ा के सचिव आर मिहुल शर्मा ने बताया कि अभियान 27 से 31 अक्तूबर तक चलेगा। इसके तहत विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम, 2012, बाल अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा, इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल और बाल शोषण की रोकथाम के बारे में जानकारी दी जा रही है। मंगलवार को कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार के बीच अंतर पहचानने, दुर्व्यवहार की स्थिति में बिना डरे मदद मांगने और उपलब्ध कानूनी सहायता और बाल संरक्षण सेवाओं के बारे में बताया गया।
संवादात्मक सत्रों और आयु के अनुरूप गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को उनके अधिकारों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें शोषण के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जागरूक करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। विद्यार्थियों को बाल यौन शोषण से बचाने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), कांगड़ा ने मंगलवार को जागरूकता कार्यक्रम करवाए। कार्यक्रम बगली, मंदल और खनियारा के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में करवाए गए। कार्यक्रमों का आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के निर्देश पर चलाए जा रहे सुरक्षित बचपन अभियान के तहत हुआ।
डीएलएसए कांगड़ा के सचिव आर मिहुल शर्मा ने बताया कि अभियान 27 से 31 अक्तूबर तक चलेगा। इसके तहत विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम, 2012, बाल अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा, इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल और बाल शोषण की रोकथाम के बारे में जानकारी दी जा रही है। मंगलवार को कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार के बीच अंतर पहचानने, दुर्व्यवहार की स्थिति में बिना डरे मदद मांगने और उपलब्ध कानूनी सहायता और बाल संरक्षण सेवाओं के बारे में बताया गया।
विज्ञापन
संवादात्मक सत्रों और आयु के अनुरूप गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को उनके अधिकारों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें शोषण के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जागरूक करना है।
विज्ञापन