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बंगाल में अभिषेक बनर्जी के घर आधी रात हमला: भाजपा पर आरोप; अब टीएमसी के तीन कार्यकर्ता गिरफ्तार, बवाल क्यों?
Sun, 08 Nov 2026 07:28 PM IST
राकेश कुमार
एएनआई, कोलकाता।
एएनआई, कोलकाता।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 08 Nov 2026 07:28 PM IST
सार
कोलकाता में अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने टीएमसी के तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार कार्यकर्ता श्रीदीप दास ने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व का समर्थन करने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया है। इससे पहले अभिषेक बनर्जी ने अपने आवास पर हुए हमले के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कोलकाता पुलिस और न्यायिक संस्थाओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे।
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टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी
- फोटो : X- @abhishekaitc
विस्तार
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के बाहर हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। तीनों तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान श्रीदीप दास, मोहम्मद ताकिर आलम और मोहम्मद इरशाद के रूप में हुई है। पुलिस ने यह कार्रवाई आवास के बाहर हुई घटना के सिलसिले में की है।
गिरफ्तारी के बाद टीएमसी कार्यकर्ता ने क्या आरोप लगाया?
गिरफ्तार कार्यकर्ता श्रीदीप दास ने अपनी गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें सिर्फ इसलिए निशाना बनाया जा रहा है, क्योंकि वे पार्टी नेतृत्व का समर्थन करते हैं। दास ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने तोड़फोड़ की थी, उनके खिलाफ पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा, 'मेरा एकमात्र अपराध यह है कि मैं ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और टीएमसी का समर्थन करता हूं। तोड़फोड़ करने वालों में से किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। टीएमसी ने ऐसे लोगों के नाम पुलिस को दिए थे।'
अभिषेक बनर्जी के आवास पर क्या हुआ था?
इस पूरे विवाद की शुरुआत शुक्रवार देर रात अभिषेक बनर्जी के आवास पर हुए हमले से हुई। बनर्जी ने आरोप लगाया था कि शुक्रवार रात करीब दो बजे भाजपा के लोगों ने उनके घर पर हमला किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि सुबह अपने आवास की रेकी का वीडियो जारी करने के बाद उनके घर पर हमला हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कोलकाता पुलिस की निगरानी में यह घटना हुई। बनर्जी ने अपने पोस्ट में लिखा था, 'कलकत्ता हाईकोर्ट और भारत के सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया कि वे यह सब होते हुए मूकदर्शक बने हुए हैं। मैं जल्द ही वीडियो अपलोड करूंगा।'
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आवास की निगरानी को लेकर पहले क्या दावा किया गया था?
हमले से पहले शुक्रवार को भी अभिषेक बनर्जी ने अपने आवास और कार्यालय के आसपास संदिग्ध गतिविधियों का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि पिछले दो दिनों से कुछ अज्ञात लोग उनके घर और कार्यालय की निगरानी कर रहे थे। बनर्जी के मुताबिक, जब इन लोगों से सवाल किया गया तो उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया। उन्होंने निगरानी में इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल का पंजीकरण नंबर भी साझा किया था। इस पूरे मामले में उन्होंने कोलकाता पुलिस से सवाल किया था कि एक निर्वाचित सांसद के आवास के आसपास इस तरह निगरानी क्यों की जा रही है।
विवाद में किन संस्थाओं और राजनीतिक दलों पर उठे सवाल?
इस घटनाक्रम में अभिषेक बनर्जी ने भाजपा के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ कोलकाता पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की भूमिका की भी आलोचना की। दूसरी ओर, गिरफ्तार टीएमसी कार्यकर्ता ने पुलिस की कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए तोड़फोड़ करने वालों की गिरफ्तारी नहीं होने का आरोप लगाया है।
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गिरफ्तारी के बाद टीएमसी कार्यकर्ता ने क्या आरोप लगाया?
गिरफ्तार कार्यकर्ता श्रीदीप दास ने अपनी गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें सिर्फ इसलिए निशाना बनाया जा रहा है, क्योंकि वे पार्टी नेतृत्व का समर्थन करते हैं। दास ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने तोड़फोड़ की थी, उनके खिलाफ पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा, 'मेरा एकमात्र अपराध यह है कि मैं ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और टीएमसी का समर्थन करता हूं। तोड़फोड़ करने वालों में से किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। टीएमसी ने ऐसे लोगों के नाम पुलिस को दिए थे।'
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अभिषेक बनर्जी के आवास पर क्या हुआ था?
इस पूरे विवाद की शुरुआत शुक्रवार देर रात अभिषेक बनर्जी के आवास पर हुए हमले से हुई। बनर्जी ने आरोप लगाया था कि शुक्रवार रात करीब दो बजे भाजपा के लोगों ने उनके घर पर हमला किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि सुबह अपने आवास की रेकी का वीडियो जारी करने के बाद उनके घर पर हमला हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कोलकाता पुलिस की निगरानी में यह घटना हुई। बनर्जी ने अपने पोस्ट में लिखा था, 'कलकत्ता हाईकोर्ट और भारत के सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया कि वे यह सब होते हुए मूकदर्शक बने हुए हैं। मैं जल्द ही वीडियो अपलोड करूंगा।'
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आवास की निगरानी को लेकर पहले क्या दावा किया गया था?
हमले से पहले शुक्रवार को भी अभिषेक बनर्जी ने अपने आवास और कार्यालय के आसपास संदिग्ध गतिविधियों का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि पिछले दो दिनों से कुछ अज्ञात लोग उनके घर और कार्यालय की निगरानी कर रहे थे। बनर्जी के मुताबिक, जब इन लोगों से सवाल किया गया तो उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया। उन्होंने निगरानी में इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल का पंजीकरण नंबर भी साझा किया था। इस पूरे मामले में उन्होंने कोलकाता पुलिस से सवाल किया था कि एक निर्वाचित सांसद के आवास के आसपास इस तरह निगरानी क्यों की जा रही है।
विवाद में किन संस्थाओं और राजनीतिक दलों पर उठे सवाल?
इस घटनाक्रम में अभिषेक बनर्जी ने भाजपा के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ कोलकाता पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की भूमिका की भी आलोचना की। दूसरी ओर, गिरफ्तार टीएमसी कार्यकर्ता ने पुलिस की कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए तोड़फोड़ करने वालों की गिरफ्तारी नहीं होने का आरोप लगाया है।