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दो करोड़ की सुपारी किसने दी?: सीएम शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी से पूछा सवाल, कहा- ममता दीदी अब घर पर आराम करें

Wed, 28 Oct 2026 03:22 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Wed, 28 Oct 2026 03:22 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को चुनावी राजनीति से दूर रहने और घर पर आराम करने की सलाह दी। साथ ही, उन्होंने चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में कथित दो करोड़ रुपये की सुपारी का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि यह रकम किसने दी। 

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CM Suvendu Adhikari asks TMC; says Mamata Didi should now rest at home.
शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, बंगाल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को सलाह दी। उन्होंने कहा कि  वे घर पर आराम करें और चुनावी राजनीति से दूर रहें। साथ ही, उन्होंने अपने पूर्व सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या का मामला फिर से उठाते हुए सवाल किया कि कथित 2 करोड़ रुपये की 'सुपारी' किसने दी थी? जिससे उनका इशारा टीएमसी नेतृत्व की ओर था।
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अधिकारी ने कब की यह टिप्पणी? 
अधिकारी ने यह टिप्पणी विधानसभा में हसीरानी रथ (चंद्रनाथ रथ की माता) और शखरव सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के बाद की। इन दोनों ने इस महीने की शुरुआत में नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनावों में जीत हासिल करने के बाद भाजपा विधायक के रूप में शपथ ली।
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दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर सीट अपने पास रखने और पूर्वी मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम सीट छोड़ने के अपने फैसले का बचाव करते हुए, अधिकारी ने कहा कि उन्होंने बनर्जी को उपचुनाव लड़ने का एक और मौका नहीं दिया। उन्होंने आगे कहा कि अब उन्हें चुनावी राजनीति से दूर हो जाना चाहिए।
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अधिकारी ने क्या कहा? 
अधिकारी ने कहा, 'अगर मैंने भवानीपुर सीट छोड़ दी होती, तो जिस व्यक्ति को मैंने दो बार हराया है, उसे चुनाव लड़ने का एक और मौका मिल जाता। मैं उन्हें यह मौका नहीं देना चाहता था। मैंने उन्हें भवानीपुर में बुरी तरह हराया था, और मेरी सलाह है कि उन्हें अब और चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। आपकी उम्र 75 साल से ज्यादा हो चुकी है। अब चुनावी मैदान में उतरने की कोई जरूरत नहीं है। आपको घर पर आराम करना चाहिए।'

नंदीग्राम के लोग से क्या कहा? 
उन्होंने कहा, 'नंदीग्राम के लोग मेरे निर्वाचन क्षेत्र छोड़ने से नाराज थे, लेकिन मैंने उन्हें अपने फैसले के बारे में समझा दिया है। मुझे इसी वजह से नंदीग्राम छोड़ना पड़ा। अब लोगों ने हसीरानी रथ को 1.22 लाख वोटों के अंतर से चुना है। मैं उनके जरिए अपना वादा पूरा करूंगा।'

6 मई को मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। राज्य में भाजपा के सत्ता में आने के कुछ ही दिन बाद हुई इस घटना का जिक्र करते हुए अधिकारी ने आरोप लगाया कि उनके पूर्व सहयोगी की हत्या इसलिए की गई क्योंकि वह उनसे जुड़े हुए थे।

चंद्रनाथ की हत्या पर क्या बोले? 
उन्होंने कहा, 'चंद्रनाथ की हत्या सिर्फ इसलिए की गई क्योंकि वह मेरे सहयोगी थे। सीबीआई ने शूटरों और कॉन्ट्रैक्ट किलर्स समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। अब बस यह पता लगाना बाकी है कि इस हत्या के लिए दी गई 2 करोड़ रुपये की 'सुपारी' (रकम) कहां से आई। क्या यह कैमैक स्ट्रीट, कालीघाट या डायमंड हार्बर से आई थी? एक बार यह पता चल जाए, तो जांच पूरी हो जाएगी।'

उनका इशारा संभवत कैमैक स्ट्रीट (जहां टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी का कार्यालय है), कालीघाट (जहां ममता बनर्जी रहती हैं) और डायमंड हार्बर (जो अभिषेक बनर्जी का लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है) की ओर था।


इन दो उपचुनावों में मिली जीत ने भाजपा को अपने पारंपरिक जनाधार से बाहर अपनी चुनावी पहुंच बढ़ाने का मौका दिया है। अधिकारी ने दावा किया कि विपक्ष दोनों ही निर्वाचन क्षेत्रों में कोई प्रभावी चुनौती पेश करने में नाकाम रहा। उन्होंने कहा कि नंदीग्राम में तो मतदान से पहले ही विपक्ष का चुनाव अभियान पूरी तरह ध्वस्त हो गया था, और रेजीनगर में उनके उम्मीदवार की जमानत राशि तक जब्त हो गई।
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