सियासत: राहुल गांधी के विदेशी मदद वाले बयान पर किरेन रिजिजू का पलटवार, बोले- दुश्मनों का एजेंडा आगे बढ़ा रहे
राहुल गांधी ने सोमावार को प्रधानमंत्री मोदी पर विदेशी मदद से सत्ता में आने और पद पर बने रहने का आरोप लगाया। उन्होंने खुली बहस की चुनौती भी दी। अब केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पलटवार करते हुए राहुल पर भारत के दुश्मनों का एजेंडा आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। दोनों नेताओं के बीच विदेशी समर्थन को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। आइए, सबकुछ विस्तार से सबकुछ जानते हैं...
विस्तार
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगाए गए आरोपों के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। राहुल ने दावा किया कि मोदी विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने और इसी के सहारे पद पर बने हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती भी दी। अब केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने राहुल पर भारत के दुश्मनों का एजेंडा आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। रिजिजू ने कहा कि दूसरों पर विदेशी मदद लेने का आरोप लगाना खुद को हास्यास्पद स्थिति में डालने जैसा है। उन्होंने आगे ये भी लिखा कि उच्चस्तरीय बहस हमेशा परिपक्व और समझदार लोगों के बीच होती है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित करते हुए कई आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री देश से झूठ बोलना बंद करें। राहुल के मुताबिक, मोदी विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने और विदेशी मदद से ही पद पर बने हुए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि देश की आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह विदेशियों के नियंत्रण और समर्थन से चल रही है। राहुल ने विदेशी सोशल मीडिया के भी प्रधानमंत्री के समर्थन में होने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने खुली बहस की चुनौती देते हुए कहा कि इसके लिए कोई भी मंच और समय तय किया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री इस बहस से बचेंगे, क्योंकि उन्हें राहुल की जानकारी का डर है।
राहुल गांधी के बयान पर किरेन रिजिजू ने क्या कहा?
किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी की पोस्ट पर जवाब देते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि यह वैसा ही है, जैसे इस्लामी कट्टरपंथी धर्मनिरपेक्षता की बात करें, अलगाववादी भारतीय झंडा लेकर चलें और अराजकतावादी संविधान की किताब दिखाएं। रिजिजू ने कहा कि भारत के दुश्मनों का एजेंडा आगे बढ़ाने वाले लोग ही दूसरों पर विदेशी समर्थन लेने का आरोप लगा रहे हैं। उनके मुताबिक, ऐसा करना खुद को हास्यास्पद स्थिति में डालने जैसा है। रिजिजू का यह जवाब राहुल की पोस्ट के बाद आया है।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को किस मुद्दे पर दी बहस की चुनौती?
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री की राजनीतिक स्थिति और देश की आर्थिक व्यवस्था को विदेशी समर्थन से जुड़ा बताया। उन्होंने दावा किया कि विदेशी ताकतों की मदद से ही मोदी प्रधानमंत्री बने और अब भी पद पर बने हुए हैं। राहुल ने आर्थिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था विदेशियों के नियंत्रण और समर्थन से चल रही है। राहुल ने प्रधानमंत्री को इन आरोपों पर खुली बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि बहस किसी भी मंच पर और किसी भी समय हो सकती है।
दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी का मुख्य मुद्दा क्या है?
इस पूरे विवाद के केंद्र में विदेशी मदद और भारत के हितों का मुद्दा है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर विदेशी समर्थन के सहारे सत्ता में बने रहने का आरोप लगाया है। वहीं, रिजिजू ने राहुल पर भारत के दुश्मनों का एजेंडा आगे बढ़ाने का आरोप लगाया है। राहुल ने प्रधानमंत्री को सीधे बहस की चुनौती दी है। रिजिजू ने अपने जवाब में राहुल के आरोपों को हास्यास्पद बताया है। दोनों नेताओं के इन बयानों से राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।