{"_id":"6ad091ca2c9062db5800997e","slug":"mp-cabinet-approves-rs-3-000-crore-for-schools-rs-241-crore-for-student-transport-2026-10-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"मध्यप्रदेश: मोहन कैबिनेट के 27,050 करोड़ रुपये के प्रस्ताव मंजूर, सोयाबीन किसानों को भावांतर योजना का लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मध्यप्रदेश: मोहन कैबिनेट के 27,050 करोड़ रुपये के प्रस्ताव मंजूर, सोयाबीन किसानों को भावांतर योजना का लाभ
Thu, 15 Oct 2026 02:12 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Thu, 15 Oct 2026 02:12 PM IST
सार
मध्यप्रदेश कैबिनेट ने किसानों, शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई से जुड़ी योजनाओं के लिए करीब 27,050 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इसमें सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना, सांदीपनि स्कूलों में विद्यार्थियों के परिवहन और चार जिलों की सिंचाई परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
विज्ञापन
सीएम मोहन यादव कैबिनेट की अध्यक्षता करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों, विद्यार्थियों, स्वास्थ्य सेवाओं और सिंचाई सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए बड़े वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में खरीफ 2026 के लिए सोयाबीन की भावांतर भुगतान योजना लागू करने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही सांदीपनि विद्यालयों में विद्यार्थियों के परिवहन, सरकारी स्कूलों के भवनों, आयुष स्वास्थ्य सेवाओं और चार जिलों की सिंचाई परियोजनाओं के लिए भी राशि स्वीकृत की गई। सरकार के अनुसार, इन विकास प्रस्तावों का कुल आकार करीब 27,050 करोड़ रुपये है।
ये भी पढ़ें- जबलपुर से इंदौर तक बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर,100 करोड़ से बनेगी कंपनी; 3 वर्ष में 3 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य
सोयाबीन किसानों को भावांतर योजना का लाभ, 17 अक्टूबर तक पंजीयन
कैबिनेट ने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) के तहत खरीफ 2026 के लिए सोयाबीन की भावांतर भुगतान योजना लागू करने की मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य किसानों को सोयाबीन की उपज का उचित मूल्य दिलाने में मदद करना है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को 17 अक्टूबर 2026 तक खाद्य विभाग के ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराना होगा। अधिसूचित मंडियों में सोयाबीन बेचने की अवधि 22 अक्टूबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक निर्धारित की गई है। योजना के तहत निर्धारित नियमों के अनुसार किसानों को भावांतर की राशि दी जाएगी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- एमपी: प्रदेश में मूंग को जल्दी सुखाने वाला जहरीला कीटनाशक प्रतिबंधित, कंपनियों को स्टॉक नष्ट करने के निर्देश
सांदीपनि स्कूलों में परिवहन के लिए 241.88 करोड़
जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित 94 सांदीपनि विद्यालयों के विद्यार्थियों के परिवहन के लिए 241.88 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। प्रति विद्यार्थी परिवहन की सालाना राशि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 21 हजार रुपये कर दी गई है। इसमें हर साल पांच प्रतिशत की वृद्धि भी होगी। परिवहन सेवा आउटसोर्सिंग के माध्यम से संचालित की जाएगी। इसकी निगरानी के लिए आईटी आधारित प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल होगा। इस व्यवस्था से खासकर जनजातीय और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
सरकारी स्कूलों और छात्रावासों के विकास पर 2,875 करोड़
कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक सरकारी स्कूलों, छात्रावासों, पुस्तकालयों और आवासीय खेल सुविधाओं के निर्माण व विस्तार से जुड़ी योजनाएं जारी रखने के लिए 2,875.20 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। प्रदेश में 7,122 सरकारी हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल हैं। प्रस्तावित कार्यों में अतिरिक्त कक्ष, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष, स्टाफ सुविधाएं, फर्नीचर, इंटरैक्टिव पैनल, ग्रीन बोर्ड और सुरक्षा कैमरे जैसी सुविधाएं विकसित करना शामिल है।
ये भी पढ़ें- मध्यप्रदेश: राज्य परिवहन प्राधिकरण के गठन की अधिसूचना वैध, निजी बस ऑपरेटरों की याचिका खारिज
आयुष सेवाओं और कॉलेजों के लिए 5,232 करोड़
कैबिनेट ने आयुष स्वास्थ्य सेवाओं और राष्ट्रीय आयुष मिशन से जुड़ी योजनाओं के लिए कुल 5,232 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसमें आयुष महाविद्यालयों और अस्पतालों के लिए 3,535 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इन योजनाओं के जरिए आयुष संस्थानों के संचालन और उनसे संबंधित सुविधाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
चार जिलों की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3,076 करोड़
किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बुरहानपुर, रायसेन, मंदसौर और सिंगरौली की परियोजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इनके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल 3,076.37 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कृषि भूमि तक सिंचाई सुविधा का विस्तार करना और किसानों को पानी की उपलब्धता बेहतर बनाना है। परियोजनाओं के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में नहरों के विस्तार और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने का काम किया जाएगा।
ये भी पढ़ें- भोपाल: बेटियों के नाम दान जमीन बैंक में गिरवी रखकर लिया 2 करोड़ का लोन, वसूली रोकने के लिए कराया मुकदमा
महिला एवं बाल विकास विभाग में नए पदों को मंजूरी
कैबिनेट ने नवगठित जिलों निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालयों के लिए 24 नए पद सृजित करने और 12 पदों के प्रतिस्थापन को भी मंजूरी दी है। इन फैसलों के जरिए सरकार ने किसानों की आय, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, सिंचाई और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए बजट उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।
ये भी पढ़ें- लाड़ली बहना योजना का पोर्टल खोलने पर मोहन के दो मंत्री आमने-सामने, पटेल बोले-छूटे नाम जुड़ेंगे,भूरिया का इनकार
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- जबलपुर से इंदौर तक बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर,100 करोड़ से बनेगी कंपनी; 3 वर्ष में 3 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य
विज्ञापन
सोयाबीन किसानों को भावांतर योजना का लाभ, 17 अक्टूबर तक पंजीयन
कैबिनेट ने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) के तहत खरीफ 2026 के लिए सोयाबीन की भावांतर भुगतान योजना लागू करने की मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य किसानों को सोयाबीन की उपज का उचित मूल्य दिलाने में मदद करना है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को 17 अक्टूबर 2026 तक खाद्य विभाग के ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराना होगा। अधिसूचित मंडियों में सोयाबीन बेचने की अवधि 22 अक्टूबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक निर्धारित की गई है। योजना के तहत निर्धारित नियमों के अनुसार किसानों को भावांतर की राशि दी जाएगी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- एमपी: प्रदेश में मूंग को जल्दी सुखाने वाला जहरीला कीटनाशक प्रतिबंधित, कंपनियों को स्टॉक नष्ट करने के निर्देश
सांदीपनि स्कूलों में परिवहन के लिए 241.88 करोड़
जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित 94 सांदीपनि विद्यालयों के विद्यार्थियों के परिवहन के लिए 241.88 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। प्रति विद्यार्थी परिवहन की सालाना राशि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 21 हजार रुपये कर दी गई है। इसमें हर साल पांच प्रतिशत की वृद्धि भी होगी। परिवहन सेवा आउटसोर्सिंग के माध्यम से संचालित की जाएगी। इसकी निगरानी के लिए आईटी आधारित प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल होगा। इस व्यवस्था से खासकर जनजातीय और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
सरकारी स्कूलों और छात्रावासों के विकास पर 2,875 करोड़
कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक सरकारी स्कूलों, छात्रावासों, पुस्तकालयों और आवासीय खेल सुविधाओं के निर्माण व विस्तार से जुड़ी योजनाएं जारी रखने के लिए 2,875.20 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। प्रदेश में 7,122 सरकारी हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल हैं। प्रस्तावित कार्यों में अतिरिक्त कक्ष, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष, स्टाफ सुविधाएं, फर्नीचर, इंटरैक्टिव पैनल, ग्रीन बोर्ड और सुरक्षा कैमरे जैसी सुविधाएं विकसित करना शामिल है।
ये भी पढ़ें- मध्यप्रदेश: राज्य परिवहन प्राधिकरण के गठन की अधिसूचना वैध, निजी बस ऑपरेटरों की याचिका खारिज
आयुष सेवाओं और कॉलेजों के लिए 5,232 करोड़
कैबिनेट ने आयुष स्वास्थ्य सेवाओं और राष्ट्रीय आयुष मिशन से जुड़ी योजनाओं के लिए कुल 5,232 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसमें आयुष महाविद्यालयों और अस्पतालों के लिए 3,535 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इन योजनाओं के जरिए आयुष संस्थानों के संचालन और उनसे संबंधित सुविधाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
चार जिलों की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3,076 करोड़
किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बुरहानपुर, रायसेन, मंदसौर और सिंगरौली की परियोजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इनके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल 3,076.37 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कृषि भूमि तक सिंचाई सुविधा का विस्तार करना और किसानों को पानी की उपलब्धता बेहतर बनाना है। परियोजनाओं के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में नहरों के विस्तार और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने का काम किया जाएगा।
ये भी पढ़ें- भोपाल: बेटियों के नाम दान जमीन बैंक में गिरवी रखकर लिया 2 करोड़ का लोन, वसूली रोकने के लिए कराया मुकदमा
महिला एवं बाल विकास विभाग में नए पदों को मंजूरी
कैबिनेट ने नवगठित जिलों निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालयों के लिए 24 नए पद सृजित करने और 12 पदों के प्रतिस्थापन को भी मंजूरी दी है। इन फैसलों के जरिए सरकार ने किसानों की आय, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, सिंचाई और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए बजट उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।
ये भी पढ़ें- लाड़ली बहना योजना का पोर्टल खोलने पर मोहन के दो मंत्री आमने-सामने, पटेल बोले-छूटे नाम जुड़ेंगे,भूरिया का इनकार
