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नवंबर में कैसा रहेगा मौसम का हाल?: एमपी में कहीं ठंड का झटका तो कहीं बारिश, जानिए अगले चार दिन का मिजाज

Sun, 01 Nov 2026 07:16 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sun, 01 Nov 2026 07:16 AM IST
सार

मध्य प्रदेश का मौसम नवंबर की शुरुआत में ही बदला हुआ नजर आ रहा है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण कई शहरों में दिन का तापमान तेजी से गिरा है, जबकि रात का पारा अभी सामान्य से ऊपर बना हुआ है। अगले चार दिन तक प्रदेश में कहीं बारिश तो कहीं धूप का मिला-जुला मौसम रहने का अनुमान है।
 

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What will the weather be like in November?: A cold snap in some parts of MP and rain in others—find out what t
जानें प्रदेश के किस शहर में कैसा रहेगा मौसम। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश में नवंबर की शुरुआत के साथ ही मौसम ने अलग रंग दिखाना शुरू कर दिया है। चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से कई इलाकों में बारिश हुई और इसके साथ चली ठंडी हवाओं ने दिन के तापमान में बड़ी गिरावट ला दी। प्रदेश में अधिकतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस तक नीचे पहुंच गया है। हालांकि रातों की ठंड अभी पूरी तरह नहीं बढ़ी है और कई संभागों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड में हो रही बर्फबारी का असर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र तक पहुंच रहा है। यहां ठंडी हवाओं के कारण दिन के तापमान में 6.2 से 6.6 डिग्री तक की कमी दर्ज की गई है। अमरकंटक, रीवा, सतना, पचमढ़ी, करौंदी, उमरिया, ग्वालियर और दतिया में दिन का तापमान 25 डिग्री से नीचे बना हुआ है।
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दिन ठंडे, लेकिन रातों का पारा अभी ऊपर
बारिश के बाद प्रदेश में दिन के समय ठंडक बढ़ी है, लेकिन रातों के तापमान का रुख अलग है। इंदौर, चंबल, रीवा, सागर और जबलपुर संभाग में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.3 डिग्री तक अधिक है। भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में यह अंतर 4.8 डिग्री तक पहुंच गया है। मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, अगले चार दिन तक प्रदेश में मौसम का यही उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। दिन के तापमान में कमी आएगी, जबकि रात का पारा अपेक्षाकृत अधिक रहेगा। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में आंधी, बारिश और गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है।
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आज इन 15 जिलों में बारिश-गरज का अलर्ट
रविवार को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में मौसम विभाग ने बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। दूसरी ओर भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर, जबलपुर और सागर समेत प्रदेश के कई जिलों में धूप निकलने की संभावना है।
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24 घंटे में 26 जिलों में बरसा पानी
चक्रवात के असर से बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 26 जिलों में बारिश दर्ज की गई। जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर समेत कई जिलों में बारिश हुई। सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, राजगढ़, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड और दतिया भी बारिश वाले जिलों में शामिल रहे। मुरैना में आंधी की रफ्तार 31 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।

खेतों और मंडियों में बढ़ी चिंता
बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। खासतौर पर उन क्षेत्रों में परेशानी ज्यादा है, जहां धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है। मंडियों तक पहुंचा अनाज भी बारिश से भीग रहा है। पांढुर्णा में हजारों क्विंटल मक्का खराब होने की बात सामने आई है। प्रदेश से 3 अक्टूबर को मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन इसके बाद सक्रिय हुए मौसमीय प्रभावों के कारण एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो गया। पिछले चार दिन से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश हो रही है।

यह भी पढ़ें-एनएलआईयू की रिसर्च: कठोर कानून के बाद भी क्यों नहीं थम रहे दुष्कर्म?,एमपी के जेलों में बंद दोषियों ने खोले राज


नवंबर में आगे कब बढ़ेगी ठंड?
मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में ठंड का असर और बढ़ सकता है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में उत्तरी हवाओं का प्रभाव ज्यादा रहने से तापमान में तेज गिरावट की संभावना रहती है।
भोपाल, इंदौर और जबलपुर में नवंबर के दौरान बारिश का रुझान भी देखा जाता है। इस बार महीने की शुरुआत में ही बारिश और गरज-चमक का दौर शुरू हो गया है। महीने के तीसरे और चौथे सप्ताह में मौसमीय गतिविधियां बनने पर फिर बारिश की स्थिति बन सकती है।
 
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