जबलपुर: आरटीआई की द्वितीय अपीलों के निराकरण में देरी पर हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, एक सप्ताह में मांगी जानकारी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सूचना आयोग में लंबित द्वितीय अपीलों का ब्यौरा एक सप्ताह में पेश करने के निर्देश दिए हैं। प्रशांत त्रिपाठी की 14 महीने से लंबित अपील पर सुनवाई करते हुए जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने यह आदेश दिया।
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सूचना आयोग में लंबित द्वितीय अपीलों की जानकारी एक सप्ताह के भीतर पेश करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने निर्धारित समय सीमा में अपीलों का निराकरण नहीं होने के मामले में सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया है।
मामला सतना जिले के रामपुर बघेलान निवासी प्रशांत त्रिपाठी की ओर से दायर याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने 14 महीने पहले राज्य सूचना आयोग के समक्ष द्वितीय अपील प्रस्तुत की थी, जिसका अब तक निराकरण नहीं हुआ है। याचिका में कहा गया कि नियमानुसार द्वितीय अपील का निराकरण छह महीने के भीतर किया जाना चाहिए, लेकिन निर्धारित समय सीमा में अपील का निराकरण नहीं होने से एक्ट का वास्तविक उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा है।
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याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि निर्धारित समय सीमा में अपीलों का निराकरण नहीं होने से पक्षकारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्हें आयोग आने-जाने में समय बर्बाद करने के साथ ही आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ता है। समय सीमा में अपीलों का निराकरण नहीं किया जाना एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन है।
याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की ओर से उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लिया। एकलपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता की अपील 14 महीने से लंबित है। इस पर कोर्ट ने राज्य सूचना आयोग में लंबित द्वितीय अपीलों का पूरा ब्यौरा एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
