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Ludhiana News: पंजाब के उद्योगों के 1100 करोड़ रुपये जीएसटी-वैट रिफंड में अटके
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फिको ने वित्त मंत्री से मिलकर लंबित रिफंड जल्द जारी करने की मांग उठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। पंजाब के उद्योग एवं व्यापार जगत के करीब 1100 करोड़ रुपये जीएसटी और वैट रिफंड में अटके हैं। इस देरी के कारण सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के सामने कार्यशील पूंजी का संकट गहरा गया है। सरकारी विभागों में पैसा फंसने से उद्यमियों को कोष जुटाने में परेशानी हो रही है।
फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल ऑर्गनाइजेशन (फिको) ने पंजाब सरकार से लंबित रिफंड जल्द जारी करने की मांग की है। फिको के अध्यक्ष गुरमीत सिंह कुलार ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से मुलाकात कर यह समस्या उठाई। कुलार ने कहा कि रिफंड में देरी से कार्यशील पूंजी फंस रही है और नकदी प्रवाह प्रभावित हो रहा है। पंजाब टैक्स बार एसोसिएशन के प्रधान अनिल सरीन ने बताया कि उद्यमियों का लगभग 1100 करोड़ रुपये जीएसटी रिफंड लंबित है। सरीन ने दावा किया कि मार्च 2026 के बाद बड़े जीएसटी रिफंड जारी नहीं हुए हैं, केवल छोटी राशि ही मिली है। इससे उद्योगों पर नकदी का दबाव बढ़ रहा है। सरीन ने सरकार से प्राथमिकता पर जीएसटी रिफंड जारी करने और समयबद्ध व्यवस्था बनाने की मांग की। फिको ने जीएसटी से पहले के लंबित वैट रिफंड का मुद्दा भी उठाया है। संगठन के अनुसार, कई इकाइयों के वैध वैट रिफंड जारी नहीं हुए हैं। इससे उद्योगों की पूंजी सरकारी विभागों में अटकी है, जिससे उन पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है। कुलार ने सरकार से लंबित वैट रिफंड मामलों की समीक्षा कर प्राथमिकता पर भुगतान करने की मांग की। उन्होंने जीएसटी और वैट रिफंड के लिए समयबद्ध व्यवस्था लागू करने को कहा।
त्योहारी मौसम में तत्काल राहत की मांग :
फिको ने कहा कि त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है। रिफंड अटके रहने से उद्योगों की वित्तीय मुश्किलें बढ़ सकती हैं। संगठन ने पंजाब सरकार से लंबित जीएसटी व वैट रिफंड तुरंत जारी करने की अपील की है। वित्त मंत्री चीमा ने इस संबंध में पहल के आधार पर काम करने का आश्वासन दिया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। पंजाब के उद्योग एवं व्यापार जगत के करीब 1100 करोड़ रुपये जीएसटी और वैट रिफंड में अटके हैं। इस देरी के कारण सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के सामने कार्यशील पूंजी का संकट गहरा गया है। सरकारी विभागों में पैसा फंसने से उद्यमियों को कोष जुटाने में परेशानी हो रही है।
फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल ऑर्गनाइजेशन (फिको) ने पंजाब सरकार से लंबित रिफंड जल्द जारी करने की मांग की है। फिको के अध्यक्ष गुरमीत सिंह कुलार ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से मुलाकात कर यह समस्या उठाई। कुलार ने कहा कि रिफंड में देरी से कार्यशील पूंजी फंस रही है और नकदी प्रवाह प्रभावित हो रहा है। पंजाब टैक्स बार एसोसिएशन के प्रधान अनिल सरीन ने बताया कि उद्यमियों का लगभग 1100 करोड़ रुपये जीएसटी रिफंड लंबित है। सरीन ने दावा किया कि मार्च 2026 के बाद बड़े जीएसटी रिफंड जारी नहीं हुए हैं, केवल छोटी राशि ही मिली है। इससे उद्योगों पर नकदी का दबाव बढ़ रहा है। सरीन ने सरकार से प्राथमिकता पर जीएसटी रिफंड जारी करने और समयबद्ध व्यवस्था बनाने की मांग की। फिको ने जीएसटी से पहले के लंबित वैट रिफंड का मुद्दा भी उठाया है। संगठन के अनुसार, कई इकाइयों के वैध वैट रिफंड जारी नहीं हुए हैं। इससे उद्योगों की पूंजी सरकारी विभागों में अटकी है, जिससे उन पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है। कुलार ने सरकार से लंबित वैट रिफंड मामलों की समीक्षा कर प्राथमिकता पर भुगतान करने की मांग की। उन्होंने जीएसटी और वैट रिफंड के लिए समयबद्ध व्यवस्था लागू करने को कहा।
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त्योहारी मौसम में तत्काल राहत की मांग :
फिको ने कहा कि त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है। रिफंड अटके रहने से उद्योगों की वित्तीय मुश्किलें बढ़ सकती हैं। संगठन ने पंजाब सरकार से लंबित जीएसटी व वैट रिफंड तुरंत जारी करने की अपील की है। वित्त मंत्री चीमा ने इस संबंध में पहल के आधार पर काम करने का आश्वासन दिया है।
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