{"_id":"6ae7a38dd3f3b741a80ae7bb","slug":"the-four-firms-involved-in-the-collective-marriage-gift-tender-will-be-investigated-jaunpur-news-c-193-1-svns1023-166119-2026-11-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jaunpur News: सामूहिक विवाह उपहार टेंडर में शामिल 4 फर्मों की होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jaunpur News: सामूहिक विवाह उपहार टेंडर में शामिल 4 फर्मों की होगी जांच
विज्ञापन
जौनपुर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत उपहार सामग्री की आपूर्ति के लिए जारी टेंडर में फर्जीवाड़े के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। सीडीओ नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि टेंडर हासिल करने वाली लखनऊ की फर्म मेसर्स मुकेश कॉरपोरेशन को ब्लैक लिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। टेंडर में शामिल चार अन्य फर्मों के प्रमाण पत्रों और जरूरी दस्तावेज का सत्यापन कराया जा रहा है। वहीं, योजना के तहत उपहार सामग्री की आपूर्ति का जिम्मा अब दूसरी संस्था को सौंपने की तैयारी है। 4.03 करोड़ रुपये के इस टेंडर में संबंधित फर्म पर फर्जी आईएसओ प्रमाण पत्र और कूटरचित अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर टेंडर हासिल करने का आरोप है। बांदा में अनुभव प्रमाणपत्र के सत्यापन के दौरान संबंधित अभिलेख नहीं मिलने पर मामला सामने आया था। इसके बाद शासन स्तर से जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। अब प्रशासन नई संस्था के चयन से पहले अन्य निविदादाताओं के दस्तावेज की जांच करा रहा है, ताकि चयन प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता न हो। इधर, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जिले में 1922 जोड़ों का विवाह कराने की तैयारियां चल रही है। बदलापुर महोत्सव, जौनपुर महोत्सव, शाहगंज महोत्सव और मड़ियाहूं में सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित कराने की योजना है।
इन आयोजनों को इसी महीने और अगले महीने कराने की तैयारी है। ऐसे में समय से उपहार सामग्री की खरीद और आपूर्ति सुनिश्चित करना विभाग के सामने चुनौती है।
सीडीओ ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद पात्र संस्था को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। साथ ही आगे की कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
इन आयोजनों को इसी महीने और अगले महीने कराने की तैयारी है। ऐसे में समय से उपहार सामग्री की खरीद और आपूर्ति सुनिश्चित करना विभाग के सामने चुनौती है।
सीडीओ ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद पात्र संस्था को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। साथ ही आगे की कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।