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Kaushambi News: रेडियोलॉजिस्ट न होने से अल्ट्रासाउंड के लिए भटक रहे मरीज
Sun, 25 Oct 2026 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sun, 25 Oct 2026 12:25 AM IST
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिराथू। संवाद
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सिराथू में ढाई साल पहले अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित की गई लेकिन अब तक रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हुई। महीने में चार दिन एचआरपी डे पर सिर्फ गर्भवती महिलाओं की मुफ्त जांच होती है। अन्य मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए निजी केंद्रों या 16 किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज मंझनपुर जाना पड़ता है।
सीएचसी में प्रतिदिन 400 से 500 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। यहां एक्स-रे, खून की जांच, दंत चिकित्सा और ऑपरेशन की सुविधा भी है। एक साल पहले डॉ. अवचित सिंह को गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड के लिए प्रशिक्षण दिया गया था। इसके बाद एचआरपी डे पर गर्भवतियों की जांच की जाती है लेकिन अन्य मरीजों को सुविधा नहीं मिल रही है।
धमावां गांव के रत्नेश कुमार, अंकित सिंह और लवलेश ने बताया कि निजी केंद्रों पर बीमारी के अनुसार अल्ट्रासाउंड कराने में 500 से 1500 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। मेडिकल कॉलेज में भीड़ के कारण जांच कराने में परेशानी होती है। लोगों ने सीएचसी में नियमित अल्ट्रासाउंड जांच की व्यवस्था कराने की मांग की है।
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-- -- वर्जन-- -- -- -- -- --
बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे भले ही किए जा रहे हों लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिराथू में अल्ट्रासाउंड मशीन आने के बाद अब तक जांच के लिए रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हुई है, जिससे बीमारी से परेशान लोगों को भटकना पड़ता है।
-- राम अभिलास पांडे, सिराथू
दो महीने में चार दिवस में गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है। ऐसे में अन्य पेट से संबंधित बीमारियों से परेशान मरीजों को निजी सेंटर व मेडिकल कॉलेज मंझनपुर तक जाना पड़ता है, जिससे परेशानी के साथ जेब ढीली करनी पड़ती है।
-- अंतिमा देवी नारा
वर्जन::
अस्पताल में ढाई साल पहले अल्ट्रासाउंड मशीन आने के बाद रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती को लेकर विभागीय अधिकारियों को पत्राचार किया गया है। रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति के बाद आम मरीजों को भी सुविधा मिलेगी।
-- डॉ. अरुण कुमार तिवारी, अधीक्षक सीएचसी सिराथू
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सीएचसी में प्रतिदिन 400 से 500 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। यहां एक्स-रे, खून की जांच, दंत चिकित्सा और ऑपरेशन की सुविधा भी है। एक साल पहले डॉ. अवचित सिंह को गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड के लिए प्रशिक्षण दिया गया था। इसके बाद एचआरपी डे पर गर्भवतियों की जांच की जाती है लेकिन अन्य मरीजों को सुविधा नहीं मिल रही है।
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धमावां गांव के रत्नेश कुमार, अंकित सिंह और लवलेश ने बताया कि निजी केंद्रों पर बीमारी के अनुसार अल्ट्रासाउंड कराने में 500 से 1500 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। मेडिकल कॉलेज में भीड़ के कारण जांच कराने में परेशानी होती है। लोगों ने सीएचसी में नियमित अल्ट्रासाउंड जांच की व्यवस्था कराने की मांग की है।
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बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे भले ही किए जा रहे हों लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिराथू में अल्ट्रासाउंड मशीन आने के बाद अब तक जांच के लिए रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हुई है, जिससे बीमारी से परेशान लोगों को भटकना पड़ता है।
दो महीने में चार दिवस में गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है। ऐसे में अन्य पेट से संबंधित बीमारियों से परेशान मरीजों को निजी सेंटर व मेडिकल कॉलेज मंझनपुर तक जाना पड़ता है, जिससे परेशानी के साथ जेब ढीली करनी पड़ती है।
वर्जन::
अस्पताल में ढाई साल पहले अल्ट्रासाउंड मशीन आने के बाद रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती को लेकर विभागीय अधिकारियों को पत्राचार किया गया है। रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति के बाद आम मरीजों को भी सुविधा मिलेगी।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिराथू। संवाद

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिराथू। संवाद