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रहस्य बनी मासूमों की माैत: खेलते-खेलते गिरे, फिर न उठे; डाॅक्टर भी नहीं बता सके कैसे टूटी जिंदगी की डोर?
Sat, 31 Oct 2026 06:27 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: Arun Parashar
Updated Sat, 31 Oct 2026 06:27 PM IST
सार
यूपी के मैनपुरी जिले में दो मासूमों की माैत रहस्य बन गई। दोनों बच्चे अपने घरों में खेल रहे थे। तभी अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
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child demo
- फोटो : AI
विस्तार
मैनपुरी में खेलते-खेलते कुछ ही पल में दो मासूमों की जिंदगी की डोर टूट गई। दोनों ही मासूम घर के आंगन में खेलते हुए बेहोश हो गए और अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ दिया। परिजन और चिकित्सक भी दोनों की मौत का कारण नहीं समझ सके। दो परिवारों की दिवाली की खुशियों पर मौत का ग्रहण लग गया। परिजन के पोस्टमार्टम न कराने की वजह से मासूमों की मौत का रहस्य बनकर रह गई। चिकित्सक भी मौत का कारण बीमारी या अटैक बताने में असमर्थ नजर आए।
ज्योंती तिराहे निवासी सुशील कुमार की डेढ़ साल की पुत्री राधा शुक्रवार की शाम घर के आंगन में खेल रही थी। तभी वह अचानक बेहोश हो गई। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, यहां डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया है। सुशील कुमार ने बताया कि बच्ची को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं थी। समझ नहीं आया कि वह अचानक कैसे बेहोश हुई और अस्पताल ले जाने से पहले ही मौत हो गई। बच्ची की मौत से परिजन का रो-रोकर बुरा हाल था।
दूसरा मामला थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव रामनगर का है। यहां के निवासी रमन का ढाई साल का पुत्र रेहांश शनिवार की दोपहर घर पर खेल रहा था। वह पूर्ण रूप से स्वस्थ था। थोड़ी देर पहले ही उसने चावल खाकर पानी पिया था। खेलते समय वह अचानक बेहोश हो गया। परिजन उसे पहले जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जिला अस्पताल में डॉक्टर ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। दोनों बच्चों के परिजन ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। दोनों परिवार कल तक दिवाली त्योहार की तैयारी करने में लगे थे। अपने बच्चों को खोने के बाद त्योहार की खुशियां मातम में बदल गई।
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कुछ बच्चों में पैदाइशी हार्ट की दिक्कत होती है। इन बच्चों को क्या दिक्कत थी, बिना पोस्टमार्टम के कुछ भी कहना संभव नहीं है। अचानक बच्चों को बेहोश होना और उनकी मौत होना चिंता की बात है। -डॉ. डीके शाक्य, बाल रोग विशेषज्ञ, सौ शैया मातृ एवं शिशु अस्पताल
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ज्योंती तिराहे निवासी सुशील कुमार की डेढ़ साल की पुत्री राधा शुक्रवार की शाम घर के आंगन में खेल रही थी। तभी वह अचानक बेहोश हो गई। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, यहां डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया है। सुशील कुमार ने बताया कि बच्ची को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं थी। समझ नहीं आया कि वह अचानक कैसे बेहोश हुई और अस्पताल ले जाने से पहले ही मौत हो गई। बच्ची की मौत से परिजन का रो-रोकर बुरा हाल था।
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दूसरा मामला थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव रामनगर का है। यहां के निवासी रमन का ढाई साल का पुत्र रेहांश शनिवार की दोपहर घर पर खेल रहा था। वह पूर्ण रूप से स्वस्थ था। थोड़ी देर पहले ही उसने चावल खाकर पानी पिया था। खेलते समय वह अचानक बेहोश हो गया। परिजन उसे पहले जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जिला अस्पताल में डॉक्टर ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। दोनों बच्चों के परिजन ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। दोनों परिवार कल तक दिवाली त्योहार की तैयारी करने में लगे थे। अपने बच्चों को खोने के बाद त्योहार की खुशियां मातम में बदल गई।
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कुछ बच्चों में पैदाइशी हार्ट की दिक्कत होती है। इन बच्चों को क्या दिक्कत थी, बिना पोस्टमार्टम के कुछ भी कहना संभव नहीं है। अचानक बच्चों को बेहोश होना और उनकी मौत होना चिंता की बात है। -डॉ. डीके शाक्य, बाल रोग विशेषज्ञ, सौ शैया मातृ एवं शिशु अस्पताल