मऊ: बेमौसम बारिश से तबाह फसलों के मुआवजे के लिए किसानों का प्रदर्शन; डीएम को सौंपा ज्ञापन
अक्टूबर में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से फसलों को हुए नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने सोमवार को मऊ कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। किसानों ने प्रत्येक प्रभावित खेत का प्लांट टू प्लांट सर्वे कराने, किसान क्रेडिट कार्ड धारकों को बीमा क्लेम दिलाने और बारिश से गिरे मकानों के प्रभावित परिवारों को सहायता देने की मांग की।
विस्तार
अक्टूबर में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से धान समेत अन्य फसलों को हुए नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। किसानों ने प्रत्येक प्रभावित खेत का 'प्लांट टू प्लांट' सर्वे कराने और पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई। जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा नेता राकेश सिंह के नेतृत्व में किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान किसानों ने गले में तख्तियां टांगकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
सर्वे शुरू नहीं होने पर जताई नाराजगी
ज्ञापन सौंपते हुए किसान नेता राकेश सिंह ने जिलाधिकारी को बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से बारिश से प्रभावित किसानों को सहायता और पैकेज देने की घोषणा के बावजूद जिले की किसी भी तहसील या गांव में जमीनी स्तर पर सर्वे शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सर्वे की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से किसानों को राहत मिलने में देरी हो रही है।
धान की फसल में 50 फीसदी तक नुकसान का दावा
राकेश सिंह ने बताया कि जिले में खेतों में खड़ी धान की फसल गिरकर सड़ने लगी है। विशेष रूप से अधिक उत्पादन देने वाली एमटीयू 70-29 (नाटी मसूरी) किस्म के धान में 'रेड़ा' लगने से उत्पादन पर 50 फीसदी तक असर पड़ने की आशंका है। इसके अलावा सरसों, मटर, मसूर, आलू और चने की बोआई के बाद खेतों में जलभराव होने से बीजों का जमाव प्रभावित हुआ है।
प्रत्येक प्रभावित खेत का हो सर्वे
किसानों ने मांग की कि जिले के सभी प्रभावित खेतों का प्लांट टू प्लांट सर्वे कराया जाए, ताकि फसल के वास्तविक नुकसान का आकलन हो सके। जिन किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण लिया है, उन्हें बीमा कंपनियों से जल्द क्लेम दिलाया जाए। इसके अलावा बेमौसम बारिश के कारण जिन ग्रामीणों के मकान गिर गए हैं, उनका सर्वे कराकर आर्थिक सहायता और आवास उपलब्ध कराया जाए।
ये रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान देव प्रकाश राय, लोकदल जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, नरेंद्र तिवारी, अवध राज यादव, शिव शक्ति सिंह, उदय प्रताप सिंह, छत्रपति सिंह, रामनिवास, तेज बहादुर सिंह, सुखारी पाल, बृजपाल गुप्ता, वीर बहादुर सिंह, कमला सिंह, मोहम्मद जकरिया, मोहम्मद जियाउल, राणा प्रताप यादव, संतोष यादव, दूधनाथ राम, विजय यादव, छोटेलाल गांधी, वंश बहादुर सिंह, कोठी लाल गिरी और रामागोड़ सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।