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Raebareli News: बारिश से खेतों में बिछी धान की फसल
Sun, 01 Nov 2026 01:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 01 Nov 2026 01:09 AM IST
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परशदेपुर क्षेत्र में बारिश व हवा चलने से गिरी धान की फसल।
रायबरेली। जिले में बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शनिवार को भी रुक-रुककर बारिश होने से धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल जमीन पर बिछ गई है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक 25 फीसदी तक फसल प्रभावित हुई है। कृषि विभाग की ओर से नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे कराया जाएगा।
बृहस्पतिवार से जिले में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। पहले दिन आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन शुक्रवार को मौसम ने करवट ली और पूरे दिन रुक-रुककर बारिश होती रही। शनिवार को भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। यह स्थिति तब है, जब धान की फसल पककर खेतों में तैयार खड़ी है। इक्का-दुक्का किसान ही अब तक कटाई-मड़ाई का काम कर पाए हैं। तीन दिनों से लगातार बारिश के चलते खेतों में धान की कटाई और मड़ाई का काम ठप है।
कई खेतों में कटी पड़ी धान की फसल पानी भरने से भीग गई है। इससे उसके सड़ने का खतरा बढ़ गया है। बछरावां, महराजगंज, शिवगढ़, अमावां, ऊंचाहार और हरचंदपुर ब्लॉक क्षेत्र में धान का उत्पादन अधिक होता है। इन क्षेत्रों में फसल गिरने से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर अरहर की फसल भी जमीन पर गिर गई है। बारिश ने जिले के करीब चार लाख किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
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खरीफ की फसल पर एक नजर
फसल
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
धान
1,60,345
मक्का
1,626
ज्वार
2,120
बाजरा
890
उड़द
7,809
मूंग
482
अरहर
9,078
धान की तौल कराने में होगी परेशानी
जिले में एक नवंबर से धान खरीद शुरू होनी है। इसके लिए कुल 91 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इस बार एक लाख 81 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बारिश के कारण खेतों और खलिहानों में रखा धान भीग गया है। ऐसे में किसानों को क्रय केंद्रों पर धान बेचने में परेशानी हो सकती है।
डिप्टी आरएमओ कमलेश पांडेय के मुताबिक, सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की तौल के लिए उसमें नमी की मात्रा 17 फीसदी से अधिक नहीं होनी चाहिए। इससे ज्यादा नमी होने पर धान की तौल नहीं की जाएगी। बारिश के कारण धान को सूखने में समय लगेगा। ऐसे में करीब 15 दिन बाद ही केंद्रों पर खरीद सामान्य होने की संभावना है।
उधर, बाजार में धान का भाव करीब 2,700 रुपये प्रति क्विंटल बताया जा रहा है। सरकारी खरीद का समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। ऐसे में बाजार में सरकारी समर्थन मूल्य से अधिक भाव मिलने पर किसान खुले बाजार में धान बेचने को प्राथमिकता दे सकते हैं। इससे सरकारी खरीद का लक्ष्य हासिल करना चुनौती बन सकता है।
तीन दिन में 11 डिग्री गिरा तापमान
पिछले तीन दिनों में जिले में 32 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। बारिश तेज नहीं हुई, लेकिन लगातार रिमझिम फुहारें पड़ती रहीं। तेज हवा चलने से तापमान में भी गिरावट आई है। तीन दिनों में तापमान करीब 11 डिग्री तक नीचे लुढ़क गया है। अधिकतम तापमान सामान्य से नौ डिग्री कम दर्ज किया गया। इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी, फुरसतगंज के मुताबिक शनिवार को अधिकतम तापमान 21.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ अजय मिश्रा के अनुसार रायबरेली और आसपास के जिलों में रिमझिम बारिश की संभावना बनी हुई है।
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बृहस्पतिवार से जिले में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। पहले दिन आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन शुक्रवार को मौसम ने करवट ली और पूरे दिन रुक-रुककर बारिश होती रही। शनिवार को भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। यह स्थिति तब है, जब धान की फसल पककर खेतों में तैयार खड़ी है। इक्का-दुक्का किसान ही अब तक कटाई-मड़ाई का काम कर पाए हैं। तीन दिनों से लगातार बारिश के चलते खेतों में धान की कटाई और मड़ाई का काम ठप है।
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कई खेतों में कटी पड़ी धान की फसल पानी भरने से भीग गई है। इससे उसके सड़ने का खतरा बढ़ गया है। बछरावां, महराजगंज, शिवगढ़, अमावां, ऊंचाहार और हरचंदपुर ब्लॉक क्षेत्र में धान का उत्पादन अधिक होता है। इन क्षेत्रों में फसल गिरने से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर अरहर की फसल भी जमीन पर गिर गई है। बारिश ने जिले के करीब चार लाख किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
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खरीफ की फसल पर एक नजर
फसल
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
धान
1,60,345
मक्का
1,626
ज्वार
2,120
बाजरा
890
उड़द
7,809
मूंग
482
अरहर
9,078
धान की तौल कराने में होगी परेशानी
जिले में एक नवंबर से धान खरीद शुरू होनी है। इसके लिए कुल 91 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इस बार एक लाख 81 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बारिश के कारण खेतों और खलिहानों में रखा धान भीग गया है। ऐसे में किसानों को क्रय केंद्रों पर धान बेचने में परेशानी हो सकती है।
डिप्टी आरएमओ कमलेश पांडेय के मुताबिक, सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की तौल के लिए उसमें नमी की मात्रा 17 फीसदी से अधिक नहीं होनी चाहिए। इससे ज्यादा नमी होने पर धान की तौल नहीं की जाएगी। बारिश के कारण धान को सूखने में समय लगेगा। ऐसे में करीब 15 दिन बाद ही केंद्रों पर खरीद सामान्य होने की संभावना है।
उधर, बाजार में धान का भाव करीब 2,700 रुपये प्रति क्विंटल बताया जा रहा है। सरकारी खरीद का समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। ऐसे में बाजार में सरकारी समर्थन मूल्य से अधिक भाव मिलने पर किसान खुले बाजार में धान बेचने को प्राथमिकता दे सकते हैं। इससे सरकारी खरीद का लक्ष्य हासिल करना चुनौती बन सकता है।
तीन दिन में 11 डिग्री गिरा तापमान
पिछले तीन दिनों में जिले में 32 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। बारिश तेज नहीं हुई, लेकिन लगातार रिमझिम फुहारें पड़ती रहीं। तेज हवा चलने से तापमान में भी गिरावट आई है। तीन दिनों में तापमान करीब 11 डिग्री तक नीचे लुढ़क गया है। अधिकतम तापमान सामान्य से नौ डिग्री कम दर्ज किया गया। इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी, फुरसतगंज के मुताबिक शनिवार को अधिकतम तापमान 21.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ अजय मिश्रा के अनुसार रायबरेली और आसपास के जिलों में रिमझिम बारिश की संभावना बनी हुई है।