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Saharanpur News: रात 10 से सुबह छह बजे तक नहीं चला सकेंगे ध्वनि वाले पटाखे
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सहारनपुर। दिवाली पर आतिशबाजी की अस्थायी दुकानों के लिए प्रशासन ने कड़े मानक तय किए हैं। अस्थायी दुकानों के बीच तीन मीटर और दुकानों के समूह से सुरक्षित कार्यस्थल की दूरी 50 मीटर रखना अनिवार्य होगा। रात 10 से सुबह छह बजे के बीच ध्वनि वाले पटाखे नहीं चला सकेंगे। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई होगी।
जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम और मुख्य अग्निशमन अधिकारी को आतिशबाजी के अस्थायी बिक्री स्थलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। दुकानों का संचालन विस्फोटक नियम-2008 के तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार ही किया जाएगा। दुकानें अज्वलनशील सामग्री से बने सुरक्षित शेड में लगेंगी। शेड आमने-सामने नहीं होंगे। इनके पांच मीटर के दायरे में आतिशबाजी का प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा।
आग से बचाव के लिए प्रत्येक बिक्री स्थल पर पर्याप्त अग्निशमन यंत्र और पानी से भरी बाल्टियां रखनी होंगी। दुकानों के समूह के लिए प्राथमिक चिकित्सा, एंबुलेंस और कम से कम दो अग्निशमन वाहन उपलब्ध कराने होंगे। बिजली की वायरिंग सुरक्षित तरीके से करनी होगी।
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तेल और गैस के लैंप या खुली बत्ती का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। दुकानों में पटाखों का प्रदर्शन और भीड़ जुटाने की भी अनुमति नहीं होगी। आपातकालीन निकास का रास्ता हमेशा खुला रखना होगा।
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बच्चों को अकेले पटाखे चलाने से रोकें
प्रशासन ने पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर भी हिदायत दी है। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को आतिशबाजी नहीं बेची जाएगी। अधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले पटाखों के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक ध्वनि उत्पन्न करने वाले पटाखे नहीं चलाए जा सकेंगे। पटाखे केवल खुले और सुरक्षित स्थानों पर ही जलाने होंगे। घरों के अंदर, सार्वजनिक रास्तों, इमारतों के पास और बिजली के तारों के नीचे आतिशबाजी करने से बचना होगा।
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जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम और मुख्य अग्निशमन अधिकारी को आतिशबाजी के अस्थायी बिक्री स्थलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। दुकानों का संचालन विस्फोटक नियम-2008 के तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार ही किया जाएगा। दुकानें अज्वलनशील सामग्री से बने सुरक्षित शेड में लगेंगी। शेड आमने-सामने नहीं होंगे। इनके पांच मीटर के दायरे में आतिशबाजी का प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा।
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आग से बचाव के लिए प्रत्येक बिक्री स्थल पर पर्याप्त अग्निशमन यंत्र और पानी से भरी बाल्टियां रखनी होंगी। दुकानों के समूह के लिए प्राथमिक चिकित्सा, एंबुलेंस और कम से कम दो अग्निशमन वाहन उपलब्ध कराने होंगे। बिजली की वायरिंग सुरक्षित तरीके से करनी होगी।
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तेल और गैस के लैंप या खुली बत्ती का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। दुकानों में पटाखों का प्रदर्शन और भीड़ जुटाने की भी अनुमति नहीं होगी। आपातकालीन निकास का रास्ता हमेशा खुला रखना होगा।
बच्चों को अकेले पटाखे चलाने से रोकें
प्रशासन ने पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर भी हिदायत दी है। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को आतिशबाजी नहीं बेची जाएगी। अधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले पटाखों के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक ध्वनि उत्पन्न करने वाले पटाखे नहीं चलाए जा सकेंगे। पटाखे केवल खुले और सुरक्षित स्थानों पर ही जलाने होंगे। घरों के अंदर, सार्वजनिक रास्तों, इमारतों के पास और बिजली के तारों के नीचे आतिशबाजी करने से बचना होगा।