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दुनिया की सुर्खियां: जॉर्डन के हवाई हमलों में सीरिया में नागरिकों की मौत, जांच के लिए बनी संयुक्त समिति
Wed, 28 Oct 2026 02:22 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 28 Oct 2026 02:22 PM IST
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- फोटो : amar ujala graphics
जॉर्डन और सीरिया ने मंगलवार को एक संयुक्त समिति गठित करने पर सहमति जताई। यह समिति जॉर्डन के उन हवाई हमलों की परिस्थितियों की जांच करेगी, जिनमें एक दिन पहले सीरिया में कई नागरिकों की मौत हो गई थी। इस घटना से दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।
जॉर्डन ने मंगलवार को कहा कि सीरिया में किए गए हवाई हमलों में इस्लामिक स्टेट (आईएस) के करीब 20 आतंकवादी मारे गए। हालांकि, उसने स्वीकार किया कि हमलों में नागरिकों की भी जान गई है। सीरियाई अधिकारियों के अनुसार, हमलों में सात लोगों की मौत हुई, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे।
सीरिया और जॉर्डन के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों देश आतंकवादी खतरों से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए व्यवस्था विकसित करेंगे। इसका उद्देश्य सीरिया की संप्रभुता बनाए रखना और निर्दोष नागरिकों की जान की रक्षा करना है।
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ईरान: मशहूर फिल्म निर्देशक जफर पनाही को सुनाई पांच साल से ज्यादा जेल की सजा
ईरान में मशहूर फिल्म निर्देशक जफर पनाही को पांच साल और एक महीने जेल की सजा सुनाई गई है। वह इस साल की शुरुआत में देश लौटे थे। यह वापसी उस समय हुई, जब ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमले शुरू हो चुके थे। तेहरान की कोर्ट ने पनाही की चल और अचल संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया। उनके वकील मुस्तफा निली ने मंगलवार देर रात समाचार वेबसाइट एम्तेदाद को दिए एक साक्षात्कार में यह जानकारी दी।
निली ने यह नहीं बताया कि पनाही को किस मामले में दोषी ठहराया गया है। हालांकि, मार्च में ईरान लौटे निर्देशक को पहले भी 'व्यवस्था के खिलाफ प्रचार गतिविधियों' के मामले में दोषी ठहराया गया था।
पनाही को सोमवार को सजा सुनाई गई। यूरोप में रहने वाले उनके एक दोस्त और ईरानी कार्यकर्ता ने फोन पर एसोसिएटेड प्रेस को यह जानकारी दी। होसैन रज्जाग ने बताया कि सजा सुनाए जाने के बाद सोमवार शाम को उन्होंने पनाही से बात की थी। उस समय फिल्म निर्देशक को हिरासत में नहीं लिया गया था।
रज्जाग ने आगे बताया कि इस सजा के खिलाफ अपील की जा सकती है। लेकिन अब उनके सभी बैंक खाते बंद कर दिए गए हैं। पनाही विदेशी मीडिया को पहले दिए गए साक्षात्कारों में ईरान के नेतृत्व के खिलाफ बोल चुके हैं। उन्होंने सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा की भी निंदा की थी। पनाही आज के दौर के सबसे चर्चित ईरानी फिल्म निर्देशकों में शामिल हैं। पिछले 20 वर्षों में ईरानी अधिकारियों ने उन्हें कई बार जेल भेजा है। उनके यात्रा करने की पाबंदी भी लगाई गई। उन्हें नजरबंद भी रखा गया। इसके बावजूद वह फिल्में बनाते रहे हैं।
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जॉर्डन ने मंगलवार को कहा कि सीरिया में किए गए हवाई हमलों में इस्लामिक स्टेट (आईएस) के करीब 20 आतंकवादी मारे गए। हालांकि, उसने स्वीकार किया कि हमलों में नागरिकों की भी जान गई है। सीरियाई अधिकारियों के अनुसार, हमलों में सात लोगों की मौत हुई, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे।
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सीरिया और जॉर्डन के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों देश आतंकवादी खतरों से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए व्यवस्था विकसित करेंगे। इसका उद्देश्य सीरिया की संप्रभुता बनाए रखना और निर्दोष नागरिकों की जान की रक्षा करना है।
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ईरान: मशहूर फिल्म निर्देशक जफर पनाही को सुनाई पांच साल से ज्यादा जेल की सजा
ईरान में मशहूर फिल्म निर्देशक जफर पनाही को पांच साल और एक महीने जेल की सजा सुनाई गई है। वह इस साल की शुरुआत में देश लौटे थे। यह वापसी उस समय हुई, जब ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमले शुरू हो चुके थे। तेहरान की कोर्ट ने पनाही की चल और अचल संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया। उनके वकील मुस्तफा निली ने मंगलवार देर रात समाचार वेबसाइट एम्तेदाद को दिए एक साक्षात्कार में यह जानकारी दी।
निली ने यह नहीं बताया कि पनाही को किस मामले में दोषी ठहराया गया है। हालांकि, मार्च में ईरान लौटे निर्देशक को पहले भी 'व्यवस्था के खिलाफ प्रचार गतिविधियों' के मामले में दोषी ठहराया गया था।
पनाही को सोमवार को सजा सुनाई गई। यूरोप में रहने वाले उनके एक दोस्त और ईरानी कार्यकर्ता ने फोन पर एसोसिएटेड प्रेस को यह जानकारी दी। होसैन रज्जाग ने बताया कि सजा सुनाए जाने के बाद सोमवार शाम को उन्होंने पनाही से बात की थी। उस समय फिल्म निर्देशक को हिरासत में नहीं लिया गया था।
रज्जाग ने आगे बताया कि इस सजा के खिलाफ अपील की जा सकती है। लेकिन अब उनके सभी बैंक खाते बंद कर दिए गए हैं। पनाही विदेशी मीडिया को पहले दिए गए साक्षात्कारों में ईरान के नेतृत्व के खिलाफ बोल चुके हैं। उन्होंने सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा की भी निंदा की थी। पनाही आज के दौर के सबसे चर्चित ईरानी फिल्म निर्देशकों में शामिल हैं। पिछले 20 वर्षों में ईरानी अधिकारियों ने उन्हें कई बार जेल भेजा है। उनके यात्रा करने की पाबंदी भी लगाई गई। उन्हें नजरबंद भी रखा गया। इसके बावजूद वह फिल्में बनाते रहे हैं।
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अटलांटा के पास स्कूल में गोलीबारी की साजिश के आरोप में तीन गिरफ्तार
अटलांटा महानगर क्षेत्र के एक हाईस्कूल में गोलीबारी करने की कथित साजिश के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो नाबालिग हैं। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब मध्य ओरेगन के सिल्वर रेल एलीमेंट्री स्कूल में गोलीबारी की घटना में 16 वर्षीय एक लड़के ने तीन बच्चों और एक शिक्षक की हत्या कर दी थी।
कैंटन पुलिस विभाग ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि एफबीआई को आरोपियों में से एक की ऑनलाइन धमकी भरी पोस्ट मिली थी। इसके बाद एफबीआई ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की। आरोपियों को 20 और 23 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। इनमें से दो को जॉर्जिया और तीसरे को कैलिफोर्निया से पकड़ा गया। पुलिस ने उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किए।
तीनों को हत्या की साजिश रचने के संदेह में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, एक आरोपी की उम्र 21 वर्ष और दूसरे की 17 वर्ष है। तीसरे आरोपी की उम्र नहीं बताई गई, लेकिन पुलिस ने उसे नाबालिग बताया है।
अटलांटा महानगर क्षेत्र के एक हाईस्कूल में गोलीबारी करने की कथित साजिश के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो नाबालिग हैं। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब मध्य ओरेगन के सिल्वर रेल एलीमेंट्री स्कूल में गोलीबारी की घटना में 16 वर्षीय एक लड़के ने तीन बच्चों और एक शिक्षक की हत्या कर दी थी।
कैंटन पुलिस विभाग ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि एफबीआई को आरोपियों में से एक की ऑनलाइन धमकी भरी पोस्ट मिली थी। इसके बाद एफबीआई ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की। आरोपियों को 20 और 23 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। इनमें से दो को जॉर्जिया और तीसरे को कैलिफोर्निया से पकड़ा गया। पुलिस ने उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किए।
तीनों को हत्या की साजिश रचने के संदेह में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, एक आरोपी की उम्र 21 वर्ष और दूसरे की 17 वर्ष है। तीसरे आरोपी की उम्र नहीं बताई गई, लेकिन पुलिस ने उसे नाबालिग बताया है।
क्यूबा पर अमेरिकी प्रतिबंध के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में वार्षिक प्रस्ताव पर मतदान आज
संयुक्त राष्ट्र महासभा बुधवार को क्यूबा पर दशकों से लागू अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंध की निंदा करने वाले प्रस्ताव पर मतदान करेगी। यह मतदान ऐसे समय हो रहा है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन क्यूबा की समाजवादी सरकार को कमजोर करने के लिए अपना अभियान तेज कर रहा है। इसमें सैन्य हस्तक्षेप की धमकी भी शामिल है।
अमेरिकी सरकार की 'अधिकतम दबाव की नीति' के खिलाफ यह प्रस्ताव पिछले 34 वर्षों से हर साल संयुक्त राष्ट्र महासभा में पेश किया जा रहा है। हर बार 193 सदस्य देशों में से बड़ी संख्या ने इसका समर्थन किया है। पिछले वर्ष हुए मतदान में प्रस्ताव के पक्ष में 165 और विरोध में सात वोट पड़े थे, जबकि 12 देशों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया था।
इस साल भी प्रस्ताव को बड़े अंतर से पारित किए जाने की उम्मीद है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप प्रशासन की ओर से मतदान को प्रभावित करने की खुली कोशिशों के कारण इस बार विरोध करने वाले या मतदान से दूर रहने वाले देशों की संख्या बढ़ेगी या नहीं। इनमें पश्चिमी देशों के सहयोगी भी शामिल हो सकते हैं। इस तरह के प्रस्ताव कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होते, लेकिन वे वैश्विक जनमत को दर्शाते हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासभा बुधवार को क्यूबा पर दशकों से लागू अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंध की निंदा करने वाले प्रस्ताव पर मतदान करेगी। यह मतदान ऐसे समय हो रहा है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन क्यूबा की समाजवादी सरकार को कमजोर करने के लिए अपना अभियान तेज कर रहा है। इसमें सैन्य हस्तक्षेप की धमकी भी शामिल है।
अमेरिकी सरकार की 'अधिकतम दबाव की नीति' के खिलाफ यह प्रस्ताव पिछले 34 वर्षों से हर साल संयुक्त राष्ट्र महासभा में पेश किया जा रहा है। हर बार 193 सदस्य देशों में से बड़ी संख्या ने इसका समर्थन किया है। पिछले वर्ष हुए मतदान में प्रस्ताव के पक्ष में 165 और विरोध में सात वोट पड़े थे, जबकि 12 देशों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया था।
इस साल भी प्रस्ताव को बड़े अंतर से पारित किए जाने की उम्मीद है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप प्रशासन की ओर से मतदान को प्रभावित करने की खुली कोशिशों के कारण इस बार विरोध करने वाले या मतदान से दूर रहने वाले देशों की संख्या बढ़ेगी या नहीं। इनमें पश्चिमी देशों के सहयोगी भी शामिल हो सकते हैं। इस तरह के प्रस्ताव कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होते, लेकिन वे वैश्विक जनमत को दर्शाते हैं।
अमेरिकी सीनेट उम्मीदवारों को बदनाम करने के लिए एआई से बने भ्रामक वीडियो का इस्तेमाल, रूस से जुड़े होने का संदेह
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के अंतिम चरण में सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल किए जाने और उनके रूस से जुड़े होने का संदेह है। इन वीडियो में वास्तविक लोगों के नाम और तस्वीरों का गलत इस्तेमाल कर डेमोक्रेटिक पार्टी के दो सीनेट उम्मीदवारों के खिलाफ भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। इनमें ओहायो से चुनाव लड़ रहे शेरोड ब्राउन भी शामिल हैं। वह रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर जॉन हस्टेड के खिलाफ मैदान में हैं। वीडियो में समाचार प्रसारण जैसा दृश्य दिखाया गया है। इसमें हाया अकबिक और ब्राउन के अन्य पूर्व कर्मचारियों की तस्वीरें शामिल हैं। अकबिक कई साल पहले ब्राउन के साथ इंटर्न के रूप में काम कर चुकी हैं।
ये वीडियो दिखाते हैं कि विदेशी ताकतें अमेरिकी मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए अब भी पुराने तरीकों का इस्तेमाल कर रही हैं। मतदाता यह तय करने वाले हैं कि अगले वर्ष कांग्रेस में किस पार्टी का नियंत्रण होगा। एआई के बढ़ते इस्तेमाल से यह खतरा और गंभीर हो सकता है, क्योंकि इसके जरिए ऐसी नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री बनाई जा सकती है जो वास्तविक दिखाई देती है।
दूसरे निशाने पर टेक्सास से सीनेट चुनाव लड़ रहे जेम्स टालारिको हैं। वह रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन के खिलाफ मैदान में हैं। उनसे संबंधित वीडियो में एक पूर्व छात्र को सीधे कैमरे के सामने अपनी बात रखते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो में भी एआई के इस्तेमाल का संदेह है।
सोशल मीडिया कंपनी एक्स ने वीडियो साझा करने वाली शुरुआती पोस्ट हटा दी हैं और मंच के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में संबंधित उपयोगकर्ताओं के खाते निलंबित कर दिए हैं। हालांकि, मंगलवार तक इंटरनेट पर वीडियो की दूसरी प्रतियां मौजूद थीं। इनमें से कुछ को सैकड़ों बार साझा किया जा चुका था। इससे पता चलता है कि चुनाव के अंतिम दिनों में तेजी से फैलने वाली भ्रामक सामग्री पर रोक लगाना कितना मुश्किल है।
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के अंतिम चरण में सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल किए जाने और उनके रूस से जुड़े होने का संदेह है। इन वीडियो में वास्तविक लोगों के नाम और तस्वीरों का गलत इस्तेमाल कर डेमोक्रेटिक पार्टी के दो सीनेट उम्मीदवारों के खिलाफ भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। इनमें ओहायो से चुनाव लड़ रहे शेरोड ब्राउन भी शामिल हैं। वह रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर जॉन हस्टेड के खिलाफ मैदान में हैं। वीडियो में समाचार प्रसारण जैसा दृश्य दिखाया गया है। इसमें हाया अकबिक और ब्राउन के अन्य पूर्व कर्मचारियों की तस्वीरें शामिल हैं। अकबिक कई साल पहले ब्राउन के साथ इंटर्न के रूप में काम कर चुकी हैं।
ये वीडियो दिखाते हैं कि विदेशी ताकतें अमेरिकी मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए अब भी पुराने तरीकों का इस्तेमाल कर रही हैं। मतदाता यह तय करने वाले हैं कि अगले वर्ष कांग्रेस में किस पार्टी का नियंत्रण होगा। एआई के बढ़ते इस्तेमाल से यह खतरा और गंभीर हो सकता है, क्योंकि इसके जरिए ऐसी नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री बनाई जा सकती है जो वास्तविक दिखाई देती है।
दूसरे निशाने पर टेक्सास से सीनेट चुनाव लड़ रहे जेम्स टालारिको हैं। वह रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन के खिलाफ मैदान में हैं। उनसे संबंधित वीडियो में एक पूर्व छात्र को सीधे कैमरे के सामने अपनी बात रखते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो में भी एआई के इस्तेमाल का संदेह है।
सोशल मीडिया कंपनी एक्स ने वीडियो साझा करने वाली शुरुआती पोस्ट हटा दी हैं और मंच के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में संबंधित उपयोगकर्ताओं के खाते निलंबित कर दिए हैं। हालांकि, मंगलवार तक इंटरनेट पर वीडियो की दूसरी प्रतियां मौजूद थीं। इनमें से कुछ को सैकड़ों बार साझा किया जा चुका था। इससे पता चलता है कि चुनाव के अंतिम दिनों में तेजी से फैलने वाली भ्रामक सामग्री पर रोक लगाना कितना मुश्किल है।
बुद्ध की शिक्षाएं भारत और अमेरिका के समाजों को जोड़ती हैं: राजदूत विनय क्वात्रा
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने कहा कि भगवान बुद्ध की सदियों पुरानी शिक्षाएं भारत और अमेरिका के समाजों को जोड़ती हैं। ये शिक्षाएं दोनों देशों के बीच सहयोग और साझेदारी को मजबूत आधार प्रदान करती हैं। क्वात्रा ने मंगलवार को कहा कि जब भारत-अमेरिका साझेदारी और सहयोग की बात होती है, तो इसमें दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, पूंजी के प्रवाह और लोगों के आपसी संपर्क जैसे पहलू शामिल होते हैं।
न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास की ओर से आयोजित सम्मेलन 'भारत का शाश्वत संदेश: प्राचीन काल से समकालीन समय तक बौद्ध धर्म' में विशेष संबोधन देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन दोनों देशों के समाजों के बीच संबंधों को बुनियादी स्तर पर मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि बुद्ध की शिक्षाएं करीब 2,500 वर्ष पुरानी हैं, लेकिन आज भी प्रासंगिक हैं। इन शिक्षाओं की निरंतर प्रासंगिकता दोनों देशों के समाजों को आपस में जोड़ती है।
क्वात्रा ने कहा, "आध्यात्मिक परंपराएं और बुद्ध की शिक्षाओं को बौद्धिक रूप से आत्मसात करना उन महत्वपूर्ण पहलुओं में शामिल हैं, जो हमारे समाजों को जोड़ते हैं और हमारे मजबूत संबंधों का हिस्सा हैं।" उन्होंने कहा कि बौद्ध विचारों को अकादमिक स्तर पर समझने और उनका गहन अध्ययन करने के लिए अमेरिका एक महत्वपूर्ण स्थान है।
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने कहा कि भगवान बुद्ध की सदियों पुरानी शिक्षाएं भारत और अमेरिका के समाजों को जोड़ती हैं। ये शिक्षाएं दोनों देशों के बीच सहयोग और साझेदारी को मजबूत आधार प्रदान करती हैं। क्वात्रा ने मंगलवार को कहा कि जब भारत-अमेरिका साझेदारी और सहयोग की बात होती है, तो इसमें दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, पूंजी के प्रवाह और लोगों के आपसी संपर्क जैसे पहलू शामिल होते हैं।
न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास की ओर से आयोजित सम्मेलन 'भारत का शाश्वत संदेश: प्राचीन काल से समकालीन समय तक बौद्ध धर्म' में विशेष संबोधन देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन दोनों देशों के समाजों के बीच संबंधों को बुनियादी स्तर पर मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि बुद्ध की शिक्षाएं करीब 2,500 वर्ष पुरानी हैं, लेकिन आज भी प्रासंगिक हैं। इन शिक्षाओं की निरंतर प्रासंगिकता दोनों देशों के समाजों को आपस में जोड़ती है।
क्वात्रा ने कहा, "आध्यात्मिक परंपराएं और बुद्ध की शिक्षाओं को बौद्धिक रूप से आत्मसात करना उन महत्वपूर्ण पहलुओं में शामिल हैं, जो हमारे समाजों को जोड़ते हैं और हमारे मजबूत संबंधों का हिस्सा हैं।" उन्होंने कहा कि बौद्ध विचारों को अकादमिक स्तर पर समझने और उनका गहन अध्ययन करने के लिए अमेरिका एक महत्वपूर्ण स्थान है।
बेलग्रेड में इस्राइली दूतावास के बाहर पुलिसकर्मी पर चाकू से हमला, हमलावर मारा गया
सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में इस्राइली दूतावास की सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी पर चाकू से हमला किया गया। पुलिस के अनुसार, हमलावर को बुधवार आधी रात के तुरंत बाद मार गिराया गया। गृह मंत्री इविका डाचिच ने बताया कि पुलिस इस घटना को आतंकवादी हमला मानकर जांच कर रही है। इसके बाद देश में आतंकवादी खतरे का स्तर बढ़ाकर सर्वोच्च स्तर पर कर दिया गया है और महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है।
उन्होंने कहा कि हमलावर नाबालिग था और उसके पास दो चाकू थे। उसने 'अल्लाहु अकबर' यानी अरबी में 'ईश्वर महान है' चिल्लाते हुए जेंडरमेरी के एक जवान पर हमला किया। डाचिच के अनुसार, पुलिसकर्मी के चेहरे पर हल्की चोट आई है। उसने आत्मरक्षा में हमलावर को मार गिराया। घटनास्थल की पुलिस तस्वीरों में दूतावास के बाहर बनी सुरक्षा चौकी दिखाई दी। पूरे इलाके को पुलिस टेप लगाकर घेर दिया गया था और वहां सुरक्षा उपकरणों से लैस अधिकारी तैनात थे।
सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में इस्राइली दूतावास की सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी पर चाकू से हमला किया गया। पुलिस के अनुसार, हमलावर को बुधवार आधी रात के तुरंत बाद मार गिराया गया। गृह मंत्री इविका डाचिच ने बताया कि पुलिस इस घटना को आतंकवादी हमला मानकर जांच कर रही है। इसके बाद देश में आतंकवादी खतरे का स्तर बढ़ाकर सर्वोच्च स्तर पर कर दिया गया है और महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है।
उन्होंने कहा कि हमलावर नाबालिग था और उसके पास दो चाकू थे। उसने 'अल्लाहु अकबर' यानी अरबी में 'ईश्वर महान है' चिल्लाते हुए जेंडरमेरी के एक जवान पर हमला किया। डाचिच के अनुसार, पुलिसकर्मी के चेहरे पर हल्की चोट आई है। उसने आत्मरक्षा में हमलावर को मार गिराया। घटनास्थल की पुलिस तस्वीरों में दूतावास के बाहर बनी सुरक्षा चौकी दिखाई दी। पूरे इलाके को पुलिस टेप लगाकर घेर दिया गया था और वहां सुरक्षा उपकरणों से लैस अधिकारी तैनात थे।
पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी इलाके में अफगान तालिबान की गोलीबारी, एक की मौत और पांच घायल
पाकिस्तान के अशांत उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में अफगान तालिबान बलों की ओर से की गई गोलीबारी में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, अफगान बलों ने मंगलवार को अंगूर अड्डा सीमा क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना की चौकियों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर गोलीबारी की।
रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा गया, "अकारण किए गए हमलों में एक स्थानीय व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक परिवार के पांच सदस्य उस समय घायल हो गए, जब एक मोर्टार उनके घर पर गिरा।" इस गोलीबारी के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने तत्काल जवाबी कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक, गोलीबारी अफगान क्षेत्र के भीतर स्थित चौकियों से की गई थी। इसमें स्नाइपर, हल्के और भारी हथियारों का इस्तेमाल कर पाकिस्तानी सीमा चौकियों को निशाना बनाया गया।
पाकिस्तान के अशांत उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में अफगान तालिबान बलों की ओर से की गई गोलीबारी में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, अफगान बलों ने मंगलवार को अंगूर अड्डा सीमा क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना की चौकियों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर गोलीबारी की।
रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा गया, "अकारण किए गए हमलों में एक स्थानीय व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक परिवार के पांच सदस्य उस समय घायल हो गए, जब एक मोर्टार उनके घर पर गिरा।" इस गोलीबारी के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने तत्काल जवाबी कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक, गोलीबारी अफगान क्षेत्र के भीतर स्थित चौकियों से की गई थी। इसमें स्नाइपर, हल्के और भारी हथियारों का इस्तेमाल कर पाकिस्तानी सीमा चौकियों को निशाना बनाया गया।
कोलंबिया में वेनेजुएला सीमा के पास धमाका, चार पुलिसकर्मी घायल
कोलंबिया और वेनेजुएला की सीमा को जोड़ने वाले एक पुल के पास मंगलवार को बम धमाका हुआ, जिसमें कम से कम चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। नॉर्टे डी सैंटेंडर प्रांत के गवर्नर विलियम विलामिजार ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि पुलिस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने में जुटी है। धमाका फ्रांसिस्को डी पाउला डी सैंटेंडर अंतरराष्ट्रीय पुल के पास कोलंबिया की कर संग्रह एजेंसी के स्थानीय कार्यालय के सामने हुआ। घटनास्थल के वीडियो में धमाके से क्षतिग्रस्त एक ट्रक और कई मोटरसाइकिलें दिखाई दीं।
यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब कोलंबिया की रूढ़िवादी सरकार देश की सुरक्षा रणनीति में बदलाव कर रही है और आपराधिक गिरोहों तथा विद्रोही समूहों के खिलाफ अधिक सख्त रुख अपना रही है। अगस्त में राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद अबेलार्डो डी ला एस्प्रिएला ने देश में सक्रिय बचे हुए विद्रोही समूहों के साथ शांति वार्ता रद्द कर दी थी। उनका कहना था कि पिछले चार वर्षों में बातचीत से बहुत कम नतीजे निकले। उन्होंने आरोप लगाया कि सशस्त्र समूहों ने सरकार के साथ हुए संघर्षविराम का इस्तेमाल ग्रामीण इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए किया।
कोलंबिया और वेनेजुएला की सीमा को जोड़ने वाले एक पुल के पास मंगलवार को बम धमाका हुआ, जिसमें कम से कम चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। नॉर्टे डी सैंटेंडर प्रांत के गवर्नर विलियम विलामिजार ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि पुलिस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने में जुटी है। धमाका फ्रांसिस्को डी पाउला डी सैंटेंडर अंतरराष्ट्रीय पुल के पास कोलंबिया की कर संग्रह एजेंसी के स्थानीय कार्यालय के सामने हुआ। घटनास्थल के वीडियो में धमाके से क्षतिग्रस्त एक ट्रक और कई मोटरसाइकिलें दिखाई दीं।
यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब कोलंबिया की रूढ़िवादी सरकार देश की सुरक्षा रणनीति में बदलाव कर रही है और आपराधिक गिरोहों तथा विद्रोही समूहों के खिलाफ अधिक सख्त रुख अपना रही है। अगस्त में राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद अबेलार्डो डी ला एस्प्रिएला ने देश में सक्रिय बचे हुए विद्रोही समूहों के साथ शांति वार्ता रद्द कर दी थी। उनका कहना था कि पिछले चार वर्षों में बातचीत से बहुत कम नतीजे निकले। उन्होंने आरोप लगाया कि सशस्त्र समूहों ने सरकार के साथ हुए संघर्षविराम का इस्तेमाल ग्रामीण इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए किया।
यूक्रेन के ओलेश्की शहर में युद्धविराम, 30 घंटे तक उल्लंघन की सूचना नहीं
रूस के कब्जे वाले दक्षिणी यूक्रेन के ओलेश्की शहर में छह दिन के युद्धविराम के शुरुआती 30 घंटों के दौरान किसी उल्लंघन की सूचना नहीं मिली। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। युद्धविराम मंगलवार से शुरू हुआ है और रविवार तक जारी रहने वाला है। इसका उद्देश्य शहर में फंसे करीब 2,000 लोगों तक भोजन और दवाएं पहुंचाना तथा वहां से निकलने के इच्छुक नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालना है। रूस और यूक्रेन के अधिकारियों ने युद्धविराम के पालन की पुष्टि की है। अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप की भूमिका भी इस मानवीय अभियान में सामने आई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने उनकी पहल के लिए आभार जताया। रूस की मानवाधिकार आयुक्त याना लांत्रातोवा ने भी इस प्रयास को महत्वपूर्ण बताया। इस बीच, युद्ध के दूसरे इलाकों में हमले जारी रहे। यूक्रेन के खारकीव शहर में रूसी ड्रोन हमले में पांच लोग घायल हुए, जिनमें चार साल का एक बच्चा भी शामिल है। वहीं, रूस ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक 531 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए।
रूस के कब्जे वाले दक्षिणी यूक्रेन के ओलेश्की शहर में छह दिन के युद्धविराम के शुरुआती 30 घंटों के दौरान किसी उल्लंघन की सूचना नहीं मिली। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। युद्धविराम मंगलवार से शुरू हुआ है और रविवार तक जारी रहने वाला है। इसका उद्देश्य शहर में फंसे करीब 2,000 लोगों तक भोजन और दवाएं पहुंचाना तथा वहां से निकलने के इच्छुक नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालना है। रूस और यूक्रेन के अधिकारियों ने युद्धविराम के पालन की पुष्टि की है। अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप की भूमिका भी इस मानवीय अभियान में सामने आई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने उनकी पहल के लिए आभार जताया। रूस की मानवाधिकार आयुक्त याना लांत्रातोवा ने भी इस प्रयास को महत्वपूर्ण बताया। इस बीच, युद्ध के दूसरे इलाकों में हमले जारी रहे। यूक्रेन के खारकीव शहर में रूसी ड्रोन हमले में पांच लोग घायल हुए, जिनमें चार साल का एक बच्चा भी शामिल है। वहीं, रूस ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक 531 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए।
ईंधन खर्च बढ़ने से एशिया में रुका अमेरिकी क्रूज जहाज, 203 यात्रियों को छोड़ना पड़ा समुद्री घर
ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण दुनिया की सैर पर निकला अमेरिकी आवासीय क्रूज जहाज ‘द ओडिसी’ कंबोडिया में अपनी यात्रा रोकने को मजबूर हो गया है। इस फैसले से जहाज पर रह रहे 203 यात्रियों को अपना अस्थायी समुद्री घर छोड़ना पड़ा है। विला वी रेजिडेंस कंपनी का यह जहाज दो साल पहले तीन साल की विश्व यात्रा पर रवाना हुआ था। इसमें यात्रियों को समुद्र में लंबे समय तक रहने और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा करने की सुविधा दी गई थी। कंपनी के अनुसार, पहले एक केबिन का मासिक ईंधन खर्च करीब 1,800 डॉलर था, जो ईरान युद्ध के दौरान एशिया के कुछ हिस्सों में बढ़कर 6,000 से 8,000 डॉलर तक पहुंच गया। कंपनी ने ईंधन बचाने के लिए जहाज की गति कम करने और बंदरगाहों पर अधिक समय बिताने जैसे उपाय किए, लेकिन खर्च को नियंत्रित नहीं कर सकी। जहाज में 15 देशों के यात्री और 156 चालक दल के सदस्य सवार थे। यह 23 अक्तूबर को कंबोडिया के सिहानोकविले बंदरगाह पहुंचा था। कंपनी ने कहा है कि वह अपने कारोबार के पुनर्गठन की कोशिश कर रही है।
ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण दुनिया की सैर पर निकला अमेरिकी आवासीय क्रूज जहाज ‘द ओडिसी’ कंबोडिया में अपनी यात्रा रोकने को मजबूर हो गया है। इस फैसले से जहाज पर रह रहे 203 यात्रियों को अपना अस्थायी समुद्री घर छोड़ना पड़ा है। विला वी रेजिडेंस कंपनी का यह जहाज दो साल पहले तीन साल की विश्व यात्रा पर रवाना हुआ था। इसमें यात्रियों को समुद्र में लंबे समय तक रहने और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा करने की सुविधा दी गई थी। कंपनी के अनुसार, पहले एक केबिन का मासिक ईंधन खर्च करीब 1,800 डॉलर था, जो ईरान युद्ध के दौरान एशिया के कुछ हिस्सों में बढ़कर 6,000 से 8,000 डॉलर तक पहुंच गया। कंपनी ने ईंधन बचाने के लिए जहाज की गति कम करने और बंदरगाहों पर अधिक समय बिताने जैसे उपाय किए, लेकिन खर्च को नियंत्रित नहीं कर सकी। जहाज में 15 देशों के यात्री और 156 चालक दल के सदस्य सवार थे। यह 23 अक्तूबर को कंबोडिया के सिहानोकविले बंदरगाह पहुंचा था। कंपनी ने कहा है कि वह अपने कारोबार के पुनर्गठन की कोशिश कर रही है।