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ग्रेटर नोएड: शादी समारोह में समधी की हत्या का मामला, दो सगे भाई समेत तीन को आजीवन कारावास, तीन बरी

Sat, 31 Oct 2026 07:42 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा Published by: Digvijay Singh Updated Sat, 31 Oct 2026 07:42 PM IST
सार

ग्रेटर नोएडा में बिसरख क्षेत्र के एक फार्म हाउस में शादी समारोह के दौरान समधी की गोली मारकर हुई हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय-द्वितीय) सत्येन्द्र सिंह की अदालत ने हापुड़ निवासी शेखर यादव उर्फ चन्द्रशेखर, उसके भाई यशपाल और गाजियाबाद निवासी भांजे विकास यादव को दोषी ठहराया।

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case of murder of a brother-in-law at a wedding ceremony three people including two brothers were sentenced t
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : FreePik

विस्तार

ग्रेटर नोएडा में बिसरख क्षेत्र के एक फार्म हाउस में शादी समारोह के दौरान समधी की गोली मारकर हुई हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय-द्वितीय) सत्येन्द्र सिंह की अदालत ने हापुड़ निवासी शेखर यादव उर्फ चन्द्रशेखर, उसके भाई यशपाल और गाजियाबाद निवासी भांजे विकास यादव को दोषी ठहराया। तीनों को आजीवन कारावास की सजा दी गई। शेखर और यशपाल पर 15-15 हजार रुपये और विकास यादव पर 7 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। वहीं मामले में तीन आरोपियों को बरी कर दिया। मामले में अदालत ने हापुड़ निवासी वेद प्रकाश उर्फ खब्बी, उसके पुत्र गौरव कुमार कुमार व सौरव कुमार को बरी कर दिया।

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मामला 27 नवंबर 2023 की रात का है। थाना बिसरख क्षेत्र के यदुवंशी फार्म हाउस में विनोद यादव की बेटी की शादी थी। नोएडा सेक्टर-51 के होशियारपुर निवासी अशोक कुमार अपने बेटे भूपेन्द्र, भाई रोहताश और उदयवीर के साथ कन्यादान के लिए पहुंचे थे। रात करीब 9:30 बजे वहां शेखर, यशपाल और अन्य से उनका आमना-सामना हुआ। मृतक के पुत्र वादी भूपेन्द्र यादव की तहरीर और अदालत में गवाही के अनुसार आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की। इसके बाद अशोक कुमार को घेर लिया गया। शेखर ने उनके सिर में गोली मारी और यशपाल ने दूसरी गोली दागी। अशोक कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद यशपाल ने अशोक के भाई रोहताश पर भी जान से मारने की नीयत से फायर किया था। भूपेन्द्र ने रोहताश को खींच लिया था। जिससे गोली जमीन में लगी और वे बाल-बाल बच गए थे।
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पारिवारिक विवाद बना वजह, सात गवाह, एक प्रतिरक्षा साक्षीः
हत्या की वजह पारिवारिक विवाद था। वादी भूपेन्द्र के छोटे भाई दिनेश की पत्नी ज्योति शेखर यादव की बेटी है। दोनों परिवारों के बीच विवाद गौतमबुद्धनगर की अदालत में विवाद चल रहा था। वादी का आरोप था कि ज्योति को घर में न रखने पर पहले भी धमकी दी गई थी। इसी रंजिश में वारदात को अंजाम दिया गया था। घटना के बाद मामले में अगले दिन 28 नवंबर 2023 को बिसरख थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। विवेचना के बाद 15 फरवरी 2024 को आरोप पत्र भेजा गया और 23 फरवरी 2024 को अदालत ने संज्ञान लिया था। आरोप 23 अक्तूबर 2024 को तय हुए और 3 मार्च 2025 को संशोधित आरोप विरचित किए गए। गवाही 17 मार्च 2025 से शुरू हुई थी। अभियोजन ने सात गवाह पेश किए। एफआईआर से निर्णय तक की अवधि दो वर्ष 11 माह 3 दिन रही।
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तीन बरी, एक किशोर बोर्ड भेजा गयाः
एडीजीसी अपराध शिल्पी भदौरिया ने बताया कि अदालत ने सौरभ, गौरव और वेदप्रकाश उर्फ खब्बी को धारा सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। शेखर, यशपाल और विकास को दोषी करार दिया। वहीं एक आरोपी किशोर होने के कारण उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड भेजा गया था। अदालत ने शेखर यादव, यशपाल आजीवन कारावास और विकास यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं चुकाने पर छह माह अतिरिक्त कारावास होगा। अर्थदंड की 80 प्रतिशत राशि मृतक के विधिक वारिसों को दी जाएगी। अदालत ने कहा कि दोषियों ने सामान्य आशय के अनुसरण में हत्या की और रोहताश की हत्या का प्रयास किया, हालांकि रोहताश को कोई चोट नहीं आई। घटना में भागीदारी और परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने उपरोक्त सजाएं न्यायोचित मानीं।


पुत्री को परेशान करने की बात से आहत था आरोपीः
पुलिस जांच में पता चला था कि आरोपी ने अपने समधी को गोली मारकर हत्या कर दी। घटना की वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गया था। इस मामले में पुलिस ने हत्यारोपी शेखर यादव उर्फ चन्द्र शेखर को महज 48 घंटे में हत्या में प्रयुक्त रिवॉल्वर और कारतूस सहित गिरफ्तार किया था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2021 में अपनी बेटी की शादी मृतक के बेटे दिनेश यादव के साथ की थी। शादी के बाद से ही मृतक और दामाद दिनेश यादव बेटी को परेशान कर रहे थे। दिनेश और आरोपी की पुत्री के तलाक का मामला कोर्ट तक पहुंचा था। इस कारण आरोपी की पुत्री लंबे समय से उसके पास ही रह रही थी। जिससे वह आहत था। कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। घटना की रात विनोद यादव की बेटी की शादी में समधी अशोक कुमार अपने भाई रोहताश, उदयवीर और बेटे भूपेन्द्र यादव साथ आए हुए थे। जहां पर समधी अशोक कुमार के परिवार वालों के साथ शादी समारोह में विवाद बढ़ गया था। गुस्से में फिर समधी के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी थी।

 

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