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कोलकाता में SFI का प्रदर्शन: दुर्गा पूजा में वामपंथी बुक स्टॉल पर हमले का आरोप, बोले- किताबों की आजादी जरूरी
Sat, 31 Oct 2026 09:28 PM IST
शिवम गर्ग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवम गर्ग
Updated Sat, 31 Oct 2026 09:28 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान वामपंथी संगठनों के बुक स्टॉल पर कथित हमलों के विरोध में SFI ने कोलकाता में रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने पढ़ने की संस्कृति, तर्कशील सोच और अभिव्यक्ति की आजादी का मुद्दा उठाया।
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किताबों पर कथित हमले के खिलाफ उतरी SFI
- फोटो : Amar Ujala Graphics
विस्तार
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान वामपंथी संगठनों के बुक स्टॉल पर कथित हमलों और तोड़फोड़ के विरोध में शनिवार को कोलकाता में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने पढ़ने की संस्कृति, तर्कशील सोच और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करने की बात कही।
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रैली में शिक्षाविद पवित्र सरकार और फिल्म निर्माता कमलेश्वर मुखर्जी समेत कई लोग शामिल हुए। उन्होंने प्रगतिशील और लोकतांत्रिक विचार रखने वालों को डराने की कोशिशों के प्रति आगाह किया।
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कॉलेज स्क्वायर से विद्यासागर की प्रतिमा तक निकली रैली
प्रदर्शन में शामिल लोग हाथों में किताबें और तख्तियां लेकर कॉलेज स्क्वायर के आसपास मार्च करते हुए आगे बढ़े। रैली का समापन बंगाल के समाज सुधारक और शिक्षाविद ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा के पास हुआ।
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आयोजकों के मुताबिक, इस रैली का मकसद दुर्गा पूजा के दौरान सीपीआई (एम) और दूसरे वामपंथी संगठनों के बुक स्टॉल पर कथित हमलों और वहां मौजूद लोगों को डराने की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाना था।
'किताबें तर्कशील सोच को बढ़ावा देती हैं'
SFI की केंद्रीय कार्यकारी समिति के सदस्य शुभजीत सरकार ने कहा कि फासीवादी और सांप्रदायिक ताकतें ऐतिहासिक रूप से किताबों का विरोध करती रही हैं। उनके मुताबिक, किताबें तर्कशीलता को बढ़ावा देती हैं और बिना सवाल किए किसी की बात मानने की प्रवृत्ति का विरोध करती हैं। उन्होंने RSS और BJP पर विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देने और प्रगतिशील विचारों का विरोध करने का आरोप लगाया। SFI ने कहा कि वह पढ़ने की संस्कृति और अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा।
कई इलाकों में बुक स्टॉल पर तोड़फोड़ का आरोप
आयोजकों ने दावा किया कि दुर्गा पूजा के दौरान जादवपुर, एंटाली, अशोकनगर और नागेरबाजार समेत कई इलाकों में वामपंथी संगठनों के बुक स्टॉल पर तोड़फोड़ और वहां मौजूद लोगों को डराने की घटनाएं हुईं। इन स्टॉल का संचालन सीपीआई (एम), सीपीआई, एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) और अधिकार संगठन एपीडीआर समेत कई संगठनों ने किया था। रैली में बड़ी संख्या में वामपंथी विचारधारा से जुड़े पुस्तक प्रेमियों ने हिस्सा लिया।