{"_id":"6ae7820a7753d7d071048b14","slug":"along-with-wealth-attaining-the-ultimate-purpose-of-life-is-also-essential-rajan-maharaj-sultanpur-news-c-103-1-slko1047-168516-2026-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"धन के साथ परम अर्थ की प्राप्ति भी जरूरी : राजन महाराज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धन के साथ परम अर्थ की प्राप्ति भी जरूरी : राजन महाराज
Sun, 01 Nov 2026 11:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 01 Nov 2026 11:46 PM IST
विज्ञापन
बल्दीराय के सिंहनी में आयोजित श्रीराम कथा में प्रवचन करते प्रवाचक राजन महाराज। संवाद
बल्दीराय/विंदेश्वरीगंज। जीवन में केवल धन कमाना ही बुद्धिमानी नहीं बल्कि परम अर्थ यानी आध्यात्मिक संपदा की प्राप्ति भी जरूरी है। भौतिक सुख-सुविधाओं के साथ प्रभु भक्ति और सद्कर्मों की पूंजी भी संजोनी चाहिए। यह संदेश रविवार को सिंहनी स्थित अमृत गाॅर्डेन में चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिन अंतरराष्ट्रीय प्रवाचक राजन महाराज ने दिया।
उन्होंने कहा कि भौतिक संपत्ति जीवन की जरूरतें पूरी कर सकती है, लेकिन आत्मिक शांति और वास्तविक संतोष प्रभु स्मरण, भक्ति और सद्कर्मों से ही मिलता है। प्रवाचक ने भगवान विष्णु और वृंदा की प्रसंग कथा सुनाई। बताया कि वृंदा के श्राप को स्वीकार कर भगवान विष्णु शालिग्राम शिला के रूप में प्रकट हुए। इसके बाद भगवान श्रीराम की जन्म लीला का वर्णन करते हुए कौशल्या माता के भावों को प्रस्तुत किया।
कथा श्रवण के लिए पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भजन-कीर्तन और प्रभु श्रीराम के जयकारों से परिसर गुंजायमान रहा। श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर कथा सुनते रहे। आयोजक शिवकुमार सिंह और ऊषा सिंह ने परिवार सहित आरती उतारी। इस मौके पर विहिप धर्माचार्य अखिलेश्वर दास, शंकर गिरि, पूर्व मंत्री सुरभि शुक्ला, राजेंद्र मिश्र, प्रदीप सिंह, गीतांजलि, दीपांजलि, हर्ष सिंह, तारकेश्वर सिंह और राघवेंद्र शुक्ल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि भौतिक संपत्ति जीवन की जरूरतें पूरी कर सकती है, लेकिन आत्मिक शांति और वास्तविक संतोष प्रभु स्मरण, भक्ति और सद्कर्मों से ही मिलता है। प्रवाचक ने भगवान विष्णु और वृंदा की प्रसंग कथा सुनाई। बताया कि वृंदा के श्राप को स्वीकार कर भगवान विष्णु शालिग्राम शिला के रूप में प्रकट हुए। इसके बाद भगवान श्रीराम की जन्म लीला का वर्णन करते हुए कौशल्या माता के भावों को प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
कथा श्रवण के लिए पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भजन-कीर्तन और प्रभु श्रीराम के जयकारों से परिसर गुंजायमान रहा। श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर कथा सुनते रहे। आयोजक शिवकुमार सिंह और ऊषा सिंह ने परिवार सहित आरती उतारी। इस मौके पर विहिप धर्माचार्य अखिलेश्वर दास, शंकर गिरि, पूर्व मंत्री सुरभि शुक्ला, राजेंद्र मिश्र, प्रदीप सिंह, गीतांजलि, दीपांजलि, हर्ष सिंह, तारकेश्वर सिंह और राघवेंद्र शुक्ल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

बल्दीराय के सिंहनी में आयोजित श्रीराम कथा में प्रवचन करते प्रवाचक राजन महाराज। संवाद
विज्ञापन