सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद एक्शन
एसपी हरपिंदर कौर गिल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने इस मामले पर तुरंत संज्ञान लिया। गुप्त सूचना के आधार पर जब पुलिस टीम रेड करने गई थी, तो मौके पर थानेदार सुखदेव सिंह की कार्रवाई कानून के नियमों के मुताबिक सही नहीं पाई गई। इसके बाद एसएसपी खन्ना, दवार्पण अहलूवालिया के आदेशों पर एएसआई सुखदेव सिंह को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया।
एसआईटी का गठन, अन्य अधिकारियों की भूमिका की होगी जांच
यह पूछे जाने पर कि क्या इस मामले में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी पर भी गाज गिरी है, एसपी हरपिंदर कौर गिल ने बताया कि एसएसपी खन्ना ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए उनकी अगुवाई में एक एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया है। यह एसआईटी हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस पूरी साजिश में कौन-कौन पुलिसकर्मी या अधिकारी शामिल थे। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
'दोषी चाहे कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा'
पुलिस प्रशासन की ओर से कड़ा संदेश देते हुए कहा गया है कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान की आड़ में किसी को भी कानून से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। चाहे वह कोई आम नागरिक हो या फिर पुलिस विभाग का ही कोई अधिकारी या कर्मचारी, यदि कोई गलत गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा। विभाग ने साफ किया है कि मामले की पारदर्शी जांच कर सभी दोषियों को बेनकाब किया जाएगा।