आरोप के अनुसार, आउटलेट की नकदी, शराब के स्टॉक और बिलिंग रिकॉर्ड में अनियमितताएं की गईं। ग्राहकों से डेकोरेशन, इवेंट और अन्य सेवाओं के लिए प्राप्त रकम कंपनी के खाते में जमा नहीं कराई गई। शिकायत में दावा किया गया है कि यह राशि कर्मचारियों ने अपने पास रख ली। इसके अलावा, गेस्ट रिकॉर्ड और सुरक्षा संबंधी डेटा में भी छेड़छाड़ किए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, यह कथित धोखाधड़ी लंबे समय से चल रही थी, जिससे कंपनी को लगातार वित्तीय नुकसान हुआ। मामले में सिगरा थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपों की जांच कर रही है।
सिगरा इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की विवेचना की जा रही है। जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि और पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।